Rahul Gandhi पर बरसे Nitin Nabin, लगाया विदेशी टूलकिट गिरोह की कठपुतली बनने का आरोप

पटना में आयोजित एक जनसभा में भाजपा नेता नितिन नवीन ने विपक्षी दलों पर निर्वाचन संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी देश की प्रगति को पचा नहीं पा रहे हैं और जनादेश का अपमान कर रहे हैं। नवीन ने मतपत्रों की पुरानी व्यवस्था फिर से लाने की मांग को भी खारिज किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन पर ‘‘विदेशी टूलकिट गिरोह’’ की कठपुतली की तरह और भारत के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। यहां एक सभा को संबोधित करते हुए नवीन ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनकी टीम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रगति को स्वीकार नहीं कर पा रही है और देश के विकास की छवि को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उल्लेखनीय है कि विपक्षी नेता, छात्र संगठन और कार्यकर्ता मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
नवीन ने कहा, ‘‘विपक्ष, खासकर कांग्रेस अपनी हार के लिए निर्वाचन संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराकर जनादेश का अपमान कर रहा है। राहुल गांधी विदेशी टूलकिट गिरोह की कठपुतली की तरह काम कर रहे हैं और भारत के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं।’’ उन्होंने मतपत्रों के जरिए मतदान की व्यवस्था फिर से लागू करने की मांग की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे बिहार फिर से जंगलराज और बूथ लूटने के दौर में लौट सकता है।
नवीन ने पूछा कि बिहार में निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर की प्रक्रिया पूरी किए जाने और 30 सितंबर 2025 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित किए जाने के बाद कितने विपक्षी नेताओं ने शिकायतें दर्ज कराई थीं। उन्होंने कहा, ‘‘भारत के 140 करोड़ लोग सब देख रहे हैं।’’ उन्होंने चेतावनी दी कि देश के हितों को कमजोर करने की कथित कोशिशों में विपक्ष को सफल नहीं होने दिया जाएगा। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्रविरोधी तत्वों का मुकाबला करेगी और विपक्ष के निराधार आरोपों का जवाब सड़कों से लेकर संसद तक देगी।
उन्होंने कहा कि आज जब पूरा विश्व वैश्विक संकटों का सामना कर रहा है, तब भी भारत विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। भाजपा नेता ने कहा कि जब हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और केरलम जैसे राज्यों में विपक्षी दल चुनाव जीतते हैं, तब उन्हें निर्वाचन आयोग से कोई शिकायत नहीं होती लेकिन बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में हारने पर वे आयोग को जिम्मेदार ठहराते हैं।
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