• देश में बिजली आपूर्ति की नहीं होगी समस्या, हो रही पर्याप्त कोयले की सप्लाई: प्रह्लाद जोशी

अंकित सिंह Oct 13, 2021 14:11

प्रह्लाद जोशी ने आगे कहा कि देश में बिजली की आपूर्ति करने के लिए कोई समस्या नहीं होगी। इससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने मंगलवार को कोयला आपूर्ति और बिजली उत्पादन की स्थिति का जायजा लिया।

कोयले की कमी की आशंका की वजह से बिजली संकट को लेकर कई राज्य चिंतित नजर आ रहे हैं। कई राज्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कोयले की संकट से अवगत कराया है। इसके साथ ही पर्याप्त बिजली सप्लाई को लेकर अपनी बात कही है। इन सबके बीच केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बड़ा बयान दिया है। प्रह्लाद जोशी ने साफ तौर पर कहा कि मांग के अनुरूप कोयले की सप्लाई की जा रही है। देश में बिजली की आपूर्ति की कोई समस्या नहीं होगी। अपने बयान में प्रहलाद जोशी ने कहा कि हमें बिजली मंत्रालय की तरफ़ से 1.9 मिलियन टन कोयले की मांग की गई और बाद में 2 मिलियन टन की मांग की गई थी। आज 2 मिलियन टन कोयले की सप्लाई की स्वीकृति दे दी गई है।

प्रह्लाद जोशी ने आगे कहा कि देश में बिजली की आपूर्ति करने के लिए कोई समस्या नहीं होगी। इससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने मंगलवार को कोयला आपूर्ति और बिजली उत्पादन की स्थिति का जायजा लिया। विभिन्न राज्यों में कोयले की कमी के कारण ऊर्जा संकट को दूर करने के उपायों पर गौर करने तहत यह कदम उठाया गया है। सूत्रों के अनुसार, बिजली सचिव आलोक कुमार और कोयला सचिव ए के जैन ने कोयला तथा बिजली की उपलब्धता के बारे में पूरी जानकारी दी। बैठक में कोयले का परिवहन बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, कोयला मंत्रालय से ईंधन आपूर्ति बढ़ाने को कहा गया है जबकि रेलवे से बिजलीघरों तक कोयले की ढुलाई को लेकर रैक उपलब्ध कराने को कहा गया है। 

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देश में कोयले की कमी से विभिन्न राज्यों में बिजली की कटौती हुई है। देश में कुल ऊर्जा उत्पादन में कोयला आधारित बिजली संयंत्रों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत है। करीब दो-तिहाई कोयला आधारित बिजलीघरों में एक सप्ताह या उससे कम का ईंधन भंडार बचा है। हालांकि, कोयला मंत्रालय ने कहा कि बिजली आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा की बात गलत है। राज्य मांग को पूरा करने के लिये बिजली एक्सचेंज से महंगी बिजली खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने संकट को दूर करने के लिये निर्देश जारी किये हैं। इसमें जहां राज्यों से एक्सचेंज को बिजली ऊंचे दाम पर बेचने से मना किया गया है वहीं सार्वजनिक क्षेत्र के बिजली उत्पादकों से पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है।