Operation Sheruwali का 20वां दिन, जंगलों में छिपे आतंकवादियों की उलटी गिनती शुरू, सेना ने किया जबरदस्त घेराव

सूत्रों के अनुसार सुरक्षा बल लगातार सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं। जंगलों के भीतर हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। इलाके में दबिश और गश्त का दायरा बढ़ा दिया गया है ताकि किसी भी आतंकी या उसके मददगार को भागने का मौका न मिले।
राजौरी और पुंछ के जंगलों में आतंक के खिलाफ भारत की निर्णायक जंग अब अपने सबसे तेज दौर में पहुंच चुकी है। हम आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के गंबीर मुगलान सेक्टर के दोरीमल के घने जंगलों में चल रहा आतंक विरोधी अभियान 'ऑपरेशन शेरुवाली' लगातार बीसवें दिन भी पूरी ताकत के साथ जारी है। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और दूसरी सुरक्षा एजेंसियां दिन रात जंगलों की खाक छान रही हैं ताकि छिपे बैठे आतंकियों का पूरी तरह सफाया किया जा सके। दुर्गम पहाड़ियां, घने जंगल और कठिन हालात भी जवानों के हौसले को डिगा नहीं पाए हैं। सुरक्षा बलों ने साफ कर दिया है कि अब आतंक के हर अड्डे को जड़ से उखाड़ कर ही दम लिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार सुरक्षा बल लगातार सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं। जंगलों के भीतर हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। इलाके में दबिश और गश्त का दायरा बढ़ा दिया गया है ताकि किसी भी आतंकी या उसके मददगार को भागने का मौका न मिले। सुरक्षाबलों की चौकसी इतनी कड़ी कर दी गई है कि हर रणनीतिक स्थान और जांच चौकी पर वाहनों तथा लोगों की गहन जांच हो रही है। किसी भी तरह की घुसपैठ, हथियारों की सप्लाई या आतंकी नेटवर्क को रसद पहुंचाने की कोशिश को पूरी सख्ती से कुचला जा रहा है।
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हम आपको बता दें कि सुरक्षा एजेंसियां आधुनिक निगरानी संसाधनों की मदद से संवेदनशील वन क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अभियान को पूरी तरह समन्वित तरीके से अंजाम दिया जा रहा है ताकि आतंकियों की हर चाल को नाकाम किया जा सके। सबसे अहम बात यह है कि सुरक्षा बल आम नागरिकों को परेशानी से बचाते हुए अभियान चला रहे हैं, लेकिन साथ ही यह भी साफ संदेश दिया गया है कि देश की सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होगा।
इस बीच, इलाके के लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने कहा है कि शांति और स्थिरता बनाए रखने में जनता का सहयोग सबसे बड़ी ताकत है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने को कहा गया है। दरअसल सुरक्षा एजेंसियां समझ चुकी हैं कि आतंक के खिलाफ इस निर्णायक जंग में जनता और जवानों की साझेदारी ही सबसे मजबूत हथियार है।
इसी बीच, पुंछ जिले से भी एक बेहद गंभीर घटना सामने आई है। भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पार कर भारत में दाखिल हुए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के एक किशोर को हिरासत में लिया है। जावेद अली नाम का यह पंद्रह से सोलह वर्ष का किशोर सोमवार शाम करीब सात बजकर पैंतालीस मिनट पर हवेली तहसील के सलोतरी इलाके में पकडा गया। वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के तेत्रिनोट क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर सीमा पार से जारी संदिग्ध गतिविधियों और घुसपैठ की साजिशों को उजागर कर दिया है।
देखा जाये तो राजौरी और पुंछ में चल रही घटनाएं इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि सीमा पार बैठे आतंक के सरपरस्त अब भी घाटी को अस्थिर करने की नापाक कोशिशों में जुटे हैं, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों ने भी साफ कर दिया है कि अब हर साजिश का जवाब और ज्यादा आक्रामक कार्रवाई से दिया जाएगा। ऑपरेशन शेरुवाली अभियानआतंक के खिलाफ भारत के अटल संकल्प का ऐलान बन चुका है।
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