ओवैसी बोले- करौली हिंसा अशोक गहलोत सरकार की विफलता, जांच आयोग बनाने की मांग की

Asaduddin Owaisi
अंकित सिंह । Apr 13, 2022 6:34PM
ओवैसी ने साफ तौर पर करौली हिंसा के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि अगर अशोक गहलोत सरकार नहीं चाहती तो दंगा नहीं होता। यह उनकी विफलता है। उन्हें खबर थी कि दंगा भड़क जाएगा।उन्होंने जुलूस की अनुमति दी। उन्हें पता था कि आपत्तिजनक गाने बजाए जाएंगे, वे इसे रोक सकते थे।

राजस्थान के करौली में हिंदू नव वर्ष के मौके पर हुई हिंसा को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। इन सबके बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा है। ओवैसी ने साफ तौर पर करौली हिंसा के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि अगर अशोक गहलोत सरकार नहीं चाहती तो दंगा नहीं होता। यह उनकी विफलता है। उन्हें खबर थी कि दंगा भड़क जाएगा।उन्होंने जुलूस की अनुमति दी। उन्हें पता था कि आपत्तिजनक गाने बजाए जाएंगे, वे इसे रोक सकते थे। उन्होंने कहा कि उनकी विफलता के कारण गरीबों को नुकसान हुआ, घरों और दुकानों को जला दिया गया। अगर अशोक गहलोत सरकार न्याय के पक्ष में है, तो हम उनसे एक जांच आयोग बनाने और नुकसान झेलने वाले सभी लोगों को मुआवजा देने की मांग करते हैं। उन्हें लोगों को न्याय देना चाहिए।

वहीं, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि भाजपा को राजस्थान के लोगों की एकता से परेशानी है। गहलोत ने ट्वीट किया, जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं वहां रामनवमी पर दंगे भड़के। राजस्थान में सभी समुदायों ने साथ मिलकर रामनवमी का त्योहार मनाया एवं रामनवमी के जुलूसों का हिन्दू,मुस्लिम,सिख समेत तमाम धर्मों,वर्गों के लोगों ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को राजस्थान के लोगों की एकता एवं सौहार्दपूर्ण माहौल से ही परेशानी है। ये अफसोस कर रहे हैं कि प्रदेश में रामनवमी का त्यौहार शांतिपूर्ण ढंग से कैसे मन गया। गहलोत ने आरोप लगाया, भाजपा के नेता लगातार प्रयास कर रहे हैं कि कैसे राज्य में सांप्रदायिक माहौल बनाया जाए। 

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गौरतलब है कि नवसंवत्सर के उपलक्ष्य में मुस्लिम बहुल क्षेत्र से निकाली गयी मोटरसाइकिल रैली पर असामाजिक तत्वों द्वारा पथराव के बाद पैदा हुए सांप्रदायिक तनाव के चलते करौली में कर्फ्यू लगाया गया था। उपद्रव की इन घटनाओं में लगभग 35 लोग घायल हो गए थे। भरतपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक प्रसन्न कुमार खमेसरा ने बताया कि जुलूस के दौरान हुए पथराव के बाद पुलिस ने तत्परतापूर्वक कार्रवाई करते हुए 46 लोगों को गिरफ्तार किया और सात लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। उन्होंने बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज मामले में 13 आरोपियों को तथा 33 लोगों को कर्फ्यू का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। 

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