केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने किया 'कम्युनिकेटर' और 'संचार माध्यम' को रिलांच

Prakash Javadekar relaunches Communicator and Sanchar Medium
प्रो. द्विवेदी ने कहा कि जनसंचार और पत्रकारिता पर प्रकाशित पुस्तकों के अलावा सामाजिक कार्य, एंथ्रोपोलोजी, कला आदि पर प्रकाशित पुस्तकों की समीक्षा भी पत्रिकाओं में प्रकाशित की जाती है। इसके अलावा ऐसे तथ्यपूर्ण शोध-पत्र भी शामिल किये जाते हैं, जिनका संबंध किसी नई तकनीक के विकास से है।

नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने शुक्रवार को भारतीय जन संचार संस्थान की प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं 'कम्युनिकेटर' और 'संचार माध्यम' को रिलांच किया। इस अवसर पर आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी भी विशेष तौर पर उपस्थित थे। 'कम्युनिकेटर' के संपादक प्रो. (डॉ.) वीरेंद्र कुमार भारती और 'संचार माध्यम' के संपादक प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार हैं। आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने बताया कि 'कम्युनिकेटर' का प्रकाशन वर्ष 1965 से और 'संचार माध्यम' का प्रकाशन वर्ष 1980 से किया जा रहा है। यूजीसी-केयर लिस्ट में शामिल इन शोध पत्रिकाओं में संचार, मीडिया और पत्रकारिता से संबंधित सभी प्रकार के विषयों पर अकादमिक शोध और विश्लेषण प्रकाशित किये जाते हैं। 

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प्रो. द्विवेदी ने कहा कि जनसंचार और पत्रकारिता पर प्रकाशित पुस्तकों के अलावा सामाजिक कार्य, एंथ्रोपोलोजी, कला आदि पर प्रकाशित पुस्तकों की समीक्षा भी पत्रिकाओं में प्रकाशित की जाती है। इसके अलावा ऐसे तथ्यपूर्ण शोध-पत्र भी शामिल किये जाते हैं, जिनका संबंध किसी नई तकनीक के विकास से है। भारतीय जन संचार संस्थान के प्रकाशन विभाग द्वारा 'कम्युनिकेटर' का प्रकाशन वर्ष में चार बार और 'संचार माध्यम' का प्रकाशन दो बार किया जाता है।

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