प्रधानमंत्री मोदी ने मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय के स्थापना दिवस पर लोगों को शुभकामनाएं दीं

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   10:15
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प्रधानमंत्री मोदी ने मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय के स्थापना दिवस पर लोगों को शुभकामनाएं दीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय के स्थापना दिवस पर वहां के लोगों को बृहस्पतिवार को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘राज्य स्थापना दिवस पर मणिपुर के लोगों को बधाई।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय के स्थापना दिवस पर वहां के लोगों को बृहस्पतिवार को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘राज्य स्थापना दिवस पर मणिपुर के लोगों को बधाई। भारत को राष्ट्रीय विकास में राज्य के योगदान पर गर्व है।’’साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य नवोन्मेष और खेल कूद संबंधी प्रतिभा का गढ़ है। मोदी ने राज्य को उसकी विकास यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘‘त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर राज्य के लोगों को शुभकामनाएं।

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त्रिपुरा की संस्कृति और लोगों के गर्मजोशी वाले स्वभाव की समूचे भारत में लोग सराहना करते हैं। राज्य ने अलग-अलग क्षेत्रों में शानदार प्रगति की है। कामना है कि यही भावना कायम रहे।’’ मेघालय के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य को भलमनसाहत और भाईचारे की भावना के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘मेघालय के युवा रचनात्मक और उद्यमशील हैं। कामना है कि राज्य आगामी दिनों में प्रगति की नयी ऊंचाइयों को छुए।





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ममता का सवाल, क्या चुनाव तिथियां मोदी और शाह के सुझावों के अनुसार घोषित की गईं?

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 26, 2021   20:20
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ममता का सवाल, क्या चुनाव तिथियां मोदी और शाह के सुझावों के अनुसार घोषित की गईं?

बनर्जी ने अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के चुनाव जीतने के बारे में विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि वह राज्य की बेटी हैं और बंगाल को भाजपा से बेहतर जानती हैं।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में आठ चरण में विधानसभा चुनाव कराए जाने की घोषणा पर सवाल उठाते हुए शुक्रवार को कहा कि उन्हें संदेह है कि तारीखों की घोषणा भाजपा के चुनाव प्रचार अभियान के बेहतर प्रबंधन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के सुझावों के अनुसार की गई है। बनर्जी ने कालीघाट स्थित अपने आवास पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव आयोग को राज्य को ‘‘भगवा खेमे की आंखों से’’ नहीं देखना चाहिए, उनका इशारा भाजपा की ओर था।

उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव आयोग का पूरा सम्मान करते हुए मैं यह कहना चाहती हूं कि इस पर सवाल खड़े किये जा रहे हैं कि बंगाल में कई चरणों में चुनाव क्यों होंगे, जबकि अन्य राज्यों में एक चरण में मतदान होगा। यदि चुनाव आयोग लोगों को न्याय प्रदान नहीं करता तो लोग, कहां जाएंगे।’’ बनर्जी ने कहा कि ‘‘इन सभी चालों’’ के बावजूद, वह चुनाव जीतेंगी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अपने सूत्रों से जानकारी मिली है कि चुनाव की तारीखें उसी अनुरूप हैं, जिस तरह से भाजपा चाहती थी। क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के सुझावों के अनुसार तारीखों की घोषणा की गई है? 

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प्रधानमंत्री और गृह मंत्री राज्य के चुनाव के लिए अपनी शक्ति का दुरुपयोग नहीं कर सकते हैं।’’ बनर्जी ने अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के चुनाव जीतने के बारे में विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि वह राज्य की बेटी हैं और बंगाल को भाजपा से बेहतर जानती हैं।





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टीएमसी सरकार में राजनीतिक हिंसा नई ऊंचाइयों पर पहुंच गई है: राजनाथ सिंह

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 26, 2021   20:08
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टीएमसी सरकार में राजनीतिक हिंसा नई ऊंचाइयों पर पहुंच गई है: राजनाथ सिंह

सिंह ने कहा कि यहां के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिल रहा है और भाजपा के शासन में आने के बाद निश्चित तौर पर उन्हें यह लाभ मिलेगा। उनके खाते में छह हजार रुपये जाएंगे।

बालुरघाट (बंगाल)। भाजपा के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासन काल में राजनीतिक हिंसा ‘‘नई ऊंचाइयों’’ पर पहुंच गई है, वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इससे बेपरवाह हैं। दक्षिण दिनाजपुर जिले में एक रैली में सिंह ने कहा कि लोग ऐसी सरकार नहीं चाहते हैं जो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पाए। सिंह ने कहा, ‘‘राज्य में होने वाले चुनावों में अगर भाजपा सत्ता में आती है तो राजनीतिक हिंसा खत्म हो जाएगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ‘मां माटी मानुष’ के नारे के साथ सत्ता में आई थी। लेकिन बाद में क्या हुआ? नारे को व्यावहारिक कारणों से कुचल दिया गया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक हिंसा नई ऊंचाइयों पर पहुंच गई है। कानून-व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो चुकी है। क्या मुख्यमंत्री को इस पर गौर नहीं करना चाहिए?’’ रक्षा मंत्री, बनर्जी के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों के लिए जाने जाते हैं।

‘‘मां माटी मानुष’’ का नारा 2009 के लोकसभा चुनावों और 2011 के विधानसभा चुनावों के दौरान राज्य में काफी लोकप्रिय हुआ था। सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य में ‘‘टीएमसी द्वारा की गई’’ राजनीतिक हिंसा में 150 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसी सरकार नहीं चाहते हैं जो नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पाए।’’ सिंह ने दावा किया कि त्रिपुरा में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से वहां कानून-व्यवस्था की स्थिति में ‘‘काफी सुधार’’ हुआ है। उन्होंने कहा कि टीएमसी ने ‘‘माहौल का इस तरह से राजनीतिकरण कर दिया है कि इससे बंगाल के लोगों को नुकसान हो रहा है। इसके परिणाम स्वरूप गरीबों, पिछड़ों, आदिवासियों के लिए कई केंद्रीय परियोजनाएं राज्य में अभी तक लागू नहीं हो पाई हैं।’’ सिंह ने कहा, ‘‘यहां के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिल रहा है और भाजपा के शासन में आने के बाद निश्चित तौर पर उन्हें यह लाभ मिलेगा। उनके खाते में छह हजार रुपये जाएंगे।’’ 

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भाजपा नेता ने दावा किया कि यहां ‘‘कट मनी, उगाही की संस्कृति फल-फूल रही है, जिसे हमारी पार्टी समाप्त कर देगी।’’ उन्होंने कहा कि पूरे पश्चिम बंगाल में बम बनाने की इकाइयां खुल गई हैं लेकिन टीएमसी इन सबसे बेपरवाह है। सिंह ने दावा किया कि भाजपा हर धर्म को बराबर सम्मान देने में विश्वास करती है लेकिन ‘‘दीदी (ममता बनर्जी) की सरकार क्या कर रही है? कई बार हम सुनते हैं कि यहां सरस्वती पूजा करने की अनुमति नहीं है और कई बार प्रशासन दुर्गा पूजा विसर्जन की अनुमति नहीं देता है। क्या यह ठीक है?’’ उन्होंने कहा, ‘‘बंगाल की धरती ने महाप्रभु श्री चैतन्य, रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद जैसी हस्तियों को जन्म दिया है। भाजपा एक बार फिर से बंगाल का गौरव लौटाएगी।





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बंगाल में आठ, असम में तीन, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी में एक-एक चरण में चुनाव: आयोग

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 26, 2021   19:59
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बंगाल में आठ, असम में तीन, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी में एक-एक चरण में चुनाव: आयोग

अरोड़ा ने कहा कि टीकाकरण से चुनाव के लिए अनुकूल माहौल बना है और चुनाव ड्यूटी पर तैनात सभी लोगों को टीकाकरण अभियान के लिए अग्रिम मोर्चे का कर्मी घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान आवश्यक केंद्रीय बलों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

नयी दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। इन चार राज्यों व केंद्र शासित पुडुचेरी में 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच अलग-अलग चरणों में मतदान संपन्न होगा। मतों की गिनती दो मई को होगी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में चुनावी तारीखों की घोषणा की। इसके साथ ही सभी चुनावी राज्यों और पुडुचेरी में आचार संहिता लागू हो गई। अरोड़ा ने चुनावी तारीखों का ऐलान करते हुए कहा कि चार राज्यों व केंद्र शासित पुडुचेरी को मिलाकर कुल 824 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होगा और इस दौरान कुल 18.68 करोड़ मतदाता 2.7 लाख मतदान केंद्रों पर मतदान करने के पात्र होंगे। पश्चिम बंगाल में 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में जबकि असम में 27 मार्च से छह अप्रैल के बीच तीन चरणों में मतदान संपन्न होगा। तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में एक चरण में छह अप्रैल को मतदान होगा। पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत राज्य के पांच जिलों की 30 विधानसभा सीटों पर 27 मार्च को, दूसरे चरण के तहत चार जिलों की 30 विधानसभा सीटों पर एक अप्रैल, तीसरे चरण के तहत 31 विधानसभा सीटों पर छह अप्रैल, चौथे चरण के तहत पांच जिलों की 44 सीटों पर 10 अप्रैल, पांचवें चरण के तहत छह जिलों की 45 सीटों पर 17 अप्रैल, छठे चरण के तहत चार जिलों की 43 सीटों पर 22 अप्रैल, सातवें चरण के तहत पांच जिलों की 36 सीटों पर 26 अप्रैल और आठवें चरण के तहत चार जिलों की 35 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा।

पिछले विधानसभा चुनाव में यहां सात चरणों में मतदान संपन्न हुआ था। पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 30 मई को पूरा हो रहा है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पिछले 10 सालों से सत्ता में है। इस बार भाजपा और अन्य विपक्षी दल उसे चुनौती दे रहे हैं। भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रखा है। पिछले विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को 211 सीटों पर विजय हासिल हुई थी जबिक भाजपा को महज तीन सीटों से संतोष करना पड़ा था। कांग्रेस को इस चुनाव में 44 सीटें और माकपा को 26 सीटें मिली थी। इसी प्रकार असम में पहले चरण के तहत राज्य की 47 विधानसभा सीटों पर 27 मार्च को, दूसरे चरण के तहत 39 विधानसभा सीटों पर एक अप्रैल और तीसरे व अंतिम चरण के तहत 40 विधानसभा सीटों पर छह अप्रैल को मतदान संपन्न होगा। असम में विधानसभा की 126 सीटें हैं। असम विधानसभा का कार्यकाल 31 मई को पूरा हो रहा है। इस बार असम में भाजपा को अपनी सत्ता बचाने की चुनौती है। वहां उसका सामना कांग्रेस और एआईयूडीएफ के गठबंधन से है। भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में 10 सालों के कांग्रेस शासन का अंत करते हुए पहली बार पूर्वोत्तर के किसी राज्य में सत्ता हासिल की थी। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को 60, उसके सहयोगियों असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट को क्रमश 14 और 12 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। कांग्रेस को 26 सीटों पर जीत मिली थी जबकि सांसद बदरूदृदीन अजमल के नेतृत्व वाले एआईयूडीएफ को 13 सीटें मिली थी। भाजपा ने तत्कालीन सांसद सर्वानंद सोनोवाल को मुख्यमंत्री बनाया था। तमिलनाडु में विधानसभा की कुल 234 सीटें हैं और इसका कार्यकाल 24 मई को पूरा हो रहा है। केरल में विधानसभा की 140 सीटें है और यहां विधानसभा का कार्यकाल एक जून को पूरा हो रहा है। 

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पुडुचेरी में 30 सीटों के लिए चुनाव होगा और यहां विधानसभा का कार्यकाल आठ जून को पूरा हो रहा है। तमिलनाडु में पिछले 10 सालों से ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नद्रमुक) का शासन है। राज्य की जनता ने वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक प्रमुख जे जयललिता को दोबारा गद्दी सौंपी थी। इस चुनाव में अन्नाद्रमुक को 135 सीटों पर विजय हासिल हुई थी जबकि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) 88 सीटों पर सिमट गई थी। कांग्रेस को आठ सीटें मिली थी जबकि भाजपा का खाता भी नहीं खुल सका था। इस बार के विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक और भाजपा का गठबंधन हुआ है और उसका मुकाबला द्रमुक और कांग्रेस गठबंधन से होगा। केरल में फिलहाल वाम लोकतांत्रिक मोर्चा की सरकार है। उसका मुकाबला कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे से है। पिछले विधानसभा चुनाव में माकपा को 58 सीटों पर जबकि उसकी सहयोगी भाकपा को 19 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। कांग्रेस को 22 सीटें और आईयूएमएल को 18 सीटों पर विजय हासिल हुई थी। भाजपा को सिर्फ एक सीट से संतोष करना पड़ा था। वर्ष 2016 के चुनाव के बाद पुडुचेरी में वी नारायणसामी के नेतृत्व में कांग्रेस और द्रमुक गठबंधन की सरकार बनी थी और वी नारायणसामी राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। हाल ही में विधायकों के इस्तीफे के बाद यह सरकार अल्पमत में आ गई थी और इसके बाद मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। अरोड़ा ने कहा कि टीकाकरण से चुनाव के लिए अनुकूल माहौल बना है और चुनाव ड्यूटी पर तैनात सभी लोगों को टीकाकरण अभियान के लिए अग्रिम मोर्चे का कर्मी घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान आवश्यक केंद्रीय बलों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।





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नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


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