तीन केंद्रीय मंत्रालयों की नौ लंबित परियोजनाओं की प्रधानमंत्री ने समीक्षा की

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2020   20:14
तीन केंद्रीय मंत्रालयों की नौ लंबित परियोजनाओं की प्रधानमंत्री ने समीक्षा की

प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में बताया कि इनमें तीन रेलवे की, पांच सड़क परिवहन और राजमार्ग की और एक परियोजना पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की है। मोदी ने बीमा कार्यक्रम-प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) को लेकर काम-काज की भी समीक्षा की।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इस साल ‘प्रगति’ की पहली बैठक में नौ राज्यों में लंबित नौ परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा की। ये परियोजनाएं 24,000 करोड़ रुपये की हैं और ओडिशा, तेलंगाना, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, केरल और उत्तरप्रदेश में लागू होनी है। 

प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में बताया कि इनमें तीन रेलवे की, पांच सड़क परिवहन और राजमार्ग की और एक परियोजना पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की है। मोदी ने बीमा कार्यक्रम-प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) को लेकर काम-काज की भी समीक्षा की। क्राइम और क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क और सिस्टम (सीसीटीएनएस) परियोजना की भी समीक्षा की गयी। ई-शासन के जरिए प्रभावी पुलिस व्यवस्था के लिए यह एक समग्र और एकीकृत तंत्र है। 

इसे भी पढ़ें: जब कांग्रेस लाई तो NPR अच्छा था, अब हम लाए तो बुरा हो गया: जावड़ेकर

पिछली 31 ‘प्रगति’ बैठकों में मोदी ने 12.30 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली कुल 269 परियोजनाओं की समीक्षा की थी। उन्होंने 17 अलग-अलग क्षेत्रों में 47 सरकारी कार्यक्रमों और योजनाओं संबंधी शिकायत निपटारे के प्रस्ताव की भी समीक्षा की। प्रगति बहुउद्देश्यीय और बहुविषयक शासन मंच है। इससे सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और परियोजनाओं की निगरानी और समीक्षा में मदद मिलती है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।