दो छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न के खिलाफ दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन

Women Molestation
प्रतिरूप फोटो

आइसा का आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों का यौन उत्पीड़न किया। अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संघ की राष्ट्रीय सचिव कविता कृष्णन ने कहा कि उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की है और पुलिस ने उन्हें इस मामले में सतर्कता विभाग द्वारा जांच का आश्वासन दिया है।

नयी दिल्ली| हाल ही में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा दो छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न के खिलाफ विभिन्न नागरिक संगठनों ने यहां दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर बुधवार को प्रदर्शन किया। वाम दल संबद्ध अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि 10 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिसकर्मियों ने दो छात्राओं का यौन उत्पीड़न किया।

दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए इन्हें खारिज कर दिया है। करीब 60 कार्यकर्ता बुधवार को अशोक रोड स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर जमा हो गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।

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प्रदर्शनकारियों ने चाणक्यपुरी की सहायक पुलिस आयुक्त को महिला प्रदर्शनकारियों पर हमला करने का पुलिसकर्मियों को कथित तौर पर निर्देश देने के लिए बर्खास्त किए जाने की मांग की। गौरतलब है कि आइसा के कुछ सदस्यों को रविवार को उस समय हिरासत में लिया गया जब वे लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को पद से हटाने की मांग को लेकर शाह के आवास के पास धरना दे रहे थे। आइसा ने एक वक्तव्य में कहा कि प्रदर्शनकारियों को तुरंत दिल्ली पुलिस ने जबरन वहां से हटाकर हिरासत में ले लिया।

आइसा का आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों का यौन उत्पीड़न किया। अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संघ की राष्ट्रीय सचिव कविता कृष्णन ने कहा कि उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की है और पुलिस ने उन्हें इस मामले में सतर्कता विभाग द्वारा जांच का आश्वासन दिया है।

कविता कृष्णन ने कहा, “आज कई महिला संगठन अजय मिश्रा को बर्खास्त करने की मांग को लेकर गृह मंत्री के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे कुछ प्रदर्शनकारियों पर हुए हमले का विरोध करने के लिए यहां आए थे।

दिल्ली पुलिसकर्मियों ने दो छात्राओं के साथ मारपीट की और हम इस बात से बेहद नाराज हैं। हम इस दौरान संयुक्त पुलिस आयुक्त (नयी दिल्ली) जसपाल सिंह और पुलिस उपायुक्त (नयी दिल्ली) दीपक यादव से मिले, और उन्होंने हमें बताया कि वे इस मामले में एक सतर्कता जांच का आदेश देने जा रहे हैं जो सतर्कता विभाग को दी जाएगी।

पुलिस उपायुक्त (नयी दिल्ली) दीपक यादव ने सतर्कता विभाग द्वारा जांच कराए जाने की पुष्टि की है।इस बीच, पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और कथित हमले में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सहायक पुलिस आयुक्त प्रज्ञा आनंद को निलंबित करने की मांग भी की।

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आइसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एन साई बालाजी ने कहा, “हमारी कुछ मांगें हैं कि पुलिस ने हिरासत के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया, जब वे शाह के आवास के पास विरोध कर रहे थे। पहले तो दिल्ली पुलिस को इस अत्याचार को नकारने के बजाए स्वीकार करना चाहिए और उन्हें घटना में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी करनी चाहिए।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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