दलेर मेंहदी विवाद पर बोले CM पुष्कर सिंह धामी, दोनों भाइयों से करेंगे बात

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गायक दलेर मेंहदी के साथ टिहरी में मंच पर हुए कथित अपमानजनक व्यवहार मामले को शांत करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि वह दलेर मेंहदी और उनके भाई मीका सिंह दोनों से चर्चा करेंगे। धामी ने यह भी स्पष्ट किया कि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का ऐसा कोई गलत मंतव्य नहीं था और इस विवाद को अब समाप्त कर देना चाहिए।
उत्तराखंड के टिहरी जिले में एक कार्यक्रम के दौरान पंजाबी गायक दलेर मेंहदी के साथ मंच पर हुए कथित अपमानजनक व्यवहार प्रकरण पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह इस मामले में उनसे तथा उनके भाई मीका सिंह से बात करेंगे। यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री सुबोध उनियाल पर उस समय जनता का दवाब रहा होगा। उन्होंने कहा कि हालांकि वह स्वयं यह बात कह चुके हैं कि उन्हें दलेर मेंहदी का स्वास्थ्य खराब होने की जानकारी नहीं थी।
मुख्यमंत्री ने कहा, जब मंत्री जी ने स्वयं बयान दे दिया है कि उनका ऐसा कोई मंतव्य नहीं था तो मैं समझता हूं कि सबको इस मामले की यहीं पर इतिश्री कर देनी चाहिए। धामी ने यह भी कहा कि वैसे भी उत्तराखंड तो हमेशा कलाकारों और साहित्यकारों सहित सभी विद्वानों का सम्मान करने वाली धरती है। यह पूछे जाने पर कि मेंहदी के भाई मीका सिंह ने इस प्रकरण में उनसे मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करने की गुहार लगाई है तो इस पर धामी ने कहा, ‘‘ मैं मीका भाई से बात करूंगा।
दलेर मेंहदी जी से भी बात करूंगा। मेरी दोनों से मित्रता है।’’ टिहरी जिले के नरेंद्रनगर क्षेत्र में 18 अक्टूबर की रात को आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में मेंहदी की प्रस्तुति के दौरान उनके लाइव गायन और बैकग्राउंड साउंड ट्रैक में अलग-अलग आवाजें सुनाई देने के कारण हंगामा हो गया था। कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय विधायक उनियाल इस पर नाराज हो गए और मंच पर पहुंचकर उन्होंने मेंहदी से कहा कि उन्हें मनोरंजन के लिए काफी पैसे देकर बुलाया गया है इसलिए प्रस्तुति के दौरान गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि वह तो बोल भी नहीं पा रहे हैं तो क्या गाएंगे। इस दौरान मंच पर कुछ देर के लिए असहज स्थिति बन गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आने लगी और मंत्री को उनके व्यवहार के लिए सिने जगत के साथ ही राजनीतिक दलों की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।
हालांकि, इसके बाद उनियाल ने बुधवार को एक बयान में कहा कि मेंहदी को एक बड़ा नाम होने के कारण कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था लेकिन अपनी खराब तबियत के बारे में उन्हें पहले से बता देना चाहिए था। उनियाल ने कहा, ‘‘जब मंच पर यह साफ हो गया कि वे गा नहीं रहे हैं, बल्कि सिर्फ लिप-सिंकिंग कर रहे हैं तो वहां के स्थानीय प्रतिनिधि और आयोजन समिति से जुड़े होने के नाते मुझ पर लोगों का दबाव था कि इस बात पर सवाल उठाया जाए...। मंत्री ने बताया कि उन्हें पता चला कि मेंहदी की टीम को सिर्फ हाथ हिलाने और लिप-सिंक करने के लिए कहा गया था जिस पर उन्होंने आपत्ति जताई।
उनियाल ने कहा, ‘‘वे न तो बोल पा रहे थे और न ही चल पा रहे थे। उस समय मुझे लगा कि शायद वे किसी नशे के प्रभाव में हैं, मुझे नहीं पता कि किस चीज़ के..., क्योंकि कोई मेडिकल जांच नहीं हुई थी।’’ मंत्री ने कहा कि उन्हें बाद में पता चला कि तबियत खराब होने के कारण वह नहीं बोल पा रहे थे। उनियाल ने कहा कि उन्हें अपनी स्थिति के बारे में पहले ही बता देना चाहिए था।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर उनकी तबीयत खराब थी, तो उन्हें कार्यक्रम के लिए नहीं आना चाहिए था। हमसे 35 लाख रुपये का पूरा भुगतान पहले ही ले लिया गया था और होटल भी पहले से बुक कर दिए गए थे। मेरी उनसे कोई निजी दुश्मनी नहीं है और न ही मेरा उन्हें ठेस पहुंचाने का कोई इरादा था।’’
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