असम बाढ़: राहुल गांधी ने वैज्ञानिक रूप से रोकथाम वाली मजबूत व्यवस्था बनाने की मांग की

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने असम की विनाशकारी बाढ़ को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बाढ़ से निपटने के लिए वैज्ञानिक रूप से रोकथाम, पूर्व चेतावनी और पुनर्वास को प्राथमिकता देने वाली एक मजबूत व्यवस्था बनाने की मांग की है। राहुल गांधी ने प्रभावित लोगों के लिए केंद्र और राज्य सरकार से राहत और बचाव कार्यों में कोई कसर न छोड़ने की उम्मीद जताई है।
नयी दिल्ली, 27 जुलाई लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने असम की विनाशकारी बाढ़ के मद्देनजर एक ऐसी व्यवस्था बनाने का सोमवार को आह्वान किया जो वैज्ञानिक रूप से रोकथाम, पूर्व चेतावनी समेत मजबूत बुनियादी ढांचे और पुनर्वास को प्राथमिकता दें ताकि साल दर साल लोगों को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि असम में इस साल बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 68 हो गई है, जबकि पांच जिलों में 5.24 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। राहुल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘असम में आई विनाशकारी बाढ़ में कई लोगों की मृत्यु का समाचार बहुत दुखद है।
शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। इस आपदा से प्रभावित लाखों लोगों के साथ मेरी पूरी सहानुभूति है।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि यह अपेक्षा की जाती है कि राज्य और केंद्र सरकार प्रभावित लोगों के लिए राहत और बचाव कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने कहा कि हर साल बाढ़ आती है, जान-माल का भारी नुकसान होता है और कई परिवार उजड़ जाते हैं।
राहुल ने कहा, ‘‘अब वक्त आ गया है कि हम बाढ़ से निपटने के लिए एक मजबूत और स्थायी व्यवस्था बनाएं। एक ऐसी व्यवस्था जो वैज्ञानिक रूप से रोकथाम, पूर्व चेतावनी समेत मजबूत बुनियादी ढांचे और पुनर्वास को प्राथमिकता दें ताकि हर साल लोगों को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।’’ अधिकारियों के अनुसार, चार जिलों में कुल 354 राहत शिविर और सहायता वितरण केंद्र किए जा रहे हैं जिनमें 37,724 लोग आश्रय लिये हुए हैं। उन्होंने बताया कि सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा और पुलिस सहित कई एजेंसियां बचाव और राहत कार्यों में जुटी हैं।
अन्य न्यूज़














