सत्य और नैतिकता से भरा था बापू व शास्त्री का जीवन: Haribhau Bagde

जयपुर में आयोजित एक संगोष्ठी के दौरान राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को याद किया। उन्होंने कहा कि गांधीजी का सत्याग्रह अन्याय के खिलाफ बिना हिंसा के नैतिक प्रतिरोध था। इसके साथ ही उन्होंने आयुर्वेद को सभी चिकित्सा पद्धतियों की जननी बताया।
जयपुर, दो अक्टूबर राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने शुक्रवार को लोगों से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। बागडे यहां ‘महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस’ में इलेक्ट्रोपैथी अनुसंधान में डेटा का महत्व एवं भूमिका विषयक संगोष्ठी में बोल रहे थे। इस अवसर पर बागडे ने कहा ‘‘महात्मा गांधी सत्य को ईश्वर का सर्वोच्च रूप मानते थे।
सत्याग्रह का उनका दर्शन यह था कि अन्याय के खिलाफ बिना हिंसा के नैतिकता के बल पर प्रतिकार किया जाए।’’ उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन की चर्चा करते हुए कहा कि राष्ट्र के लिए समर्पित उनका जीवन नैतिकता से ओतप्रोत था। उन्होंने गांधी और शास्त्री जी के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बागडे ने इलेक्ट्रोपैथी को भी पेड़ पौधों के अर्क से तैयार पैथी बताते हुए कहा कि आयुर्वेद ही सभी चिकित्सा पद्धतियों का जननी है।
हरिजन सेवक संघ, नई दिल्ली के राष्ट्रीय सचिव संजय राय ने महात्मा गांधी के जीवन दर्शन आलोक में कहा कि सत्य अंतिम नहीं होता। उन्होंने कहा ‘‘ समय और नवीन संदर्भों में व्यक्ति सदा नया होता है, उसका कल का सत्य और बेहतर बनने की प्रक्रिया में आगे बढ़ता है।’’ राज्यपाल ने इससे पहले महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से जुड़े प्रसंगों पर आधारित चित्र प्रदर्शनी भी देखी।
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