कृषि मंत्री के बयान पर राकेश टिकैत का पलटवार, कहा- भीड़ तो सत्ता परिवर्तन की सामर्थ्य रखती है

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 22, 2021   20:15
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कृषि मंत्री के बयान पर राकेश टिकैत का पलटवार, कहा- भीड़ तो सत्ता परिवर्तन की सामर्थ्य रखती है

वह इस महीने हरियाणा में किसान महापंचायत कर रहे हैं। सोनीपत जिले के खरखौदा की अनाज मंडी में किसान महापंचायत में टिकैत ने कहा कि जब तक कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाता तब तक किसान किसान आंदोलन जारी रहेगा।

सोनीपत। किसान नेता राकेश टिकैत ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के एक बयान पर सोमवार को हरियाणा के सोनीपत जिले में पलटवार करते हुए कहा कि जब लोग जमा होते हैं तो सरकारें बदल जाती हैं। तोमर ने कहा था कि सिर्फ भीड़ के जमा होने से कानून रद्द नहीं होंगे। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) नेता टिकैत ने चेताया कि अगर तीन नए कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया गया तो सरकार का सत्ता में रहना मुश्किल हो जाएगा। वह इस महीने हरियाणा में किसान महापंचायत कर रहे हैं। सोनीपत जिले के खरखौदा की अनाज मंडी में किसान महापंचायत में टिकैत ने कहा कि जब तक कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाता तब तक किसान किसान आंदोलन जारी रहेगा। 

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केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर ने रविवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कहा था कि केंद्र सरकार नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों से बात करने को तैयार है लेकिन महज़ भीड़ जमा हो जाने से कानून रद्द नहीं होंगे। उन्होंने किसान संघों से सरकारों को यह बताने का आग्रह किया कि इन नए कानूनों में कौनसा प्रावधान उन्हें किसान विरोधी लगता है। इस पर पलटवार करते हुए टिकैत ने महापंचायत में कहा, राजनेता कह रहे हैं कि भीड़ जुटाने से कृषि कानून वापस नहीं हो सकते। जबकि उन्हें मालूम होना चाहिए कि भीड़ तो सत्ता परिवर्तन की सामर्थ्य रखती है। यह अलग बात है कि किसानों नेअभी सिर्फ कृषि कानून वापस लेने की बात की है, सत्ता वापस लेने की नहीं। दिल्ली की अलग अलग सीमाओं पर बीते साल 28 नवंबर से किसान तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें अधिकतर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान हैं। 

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टिकैत ने कहा, उन्हें (सरकार को) मालूम होना चाहिए कि अगर किसान अपनी उपज नष्ट कर सकता है तो आप उनके सामने कुछ नहीं हो। उन्होंने कहा, कई सवाल हैं। सिर्फ कृषि कानून नहीं है, लेकिन बिजली (संशोधन) विधेयक है, बीज विधेयक है.... वे किस तरह के कानून लाना चाहते हैं? टिकैत ने पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती कीमतों के लिए सरकार की आलोचना भी की। किसान नेता ने कहा, मौजूदा आंदोलन सिर्फ उस किसान का नहीं है, जो फसल उगाता है, बल्कि उसका भी है, जो राशन खरीदता है। उस छोटे से छोटे किसान का भी है, जो दोपशुओं से आजीविका चलाता है। उन मजदूरों का भी है ,जो साप्ताहिक बाजार से होने वाली आयसे अपना गुजारा करते हैं। उन्होंने कहा, ये कानून गरीब को तबाह कर देंगे। यह सिर्फ एक कानून नहीं है, इस तरह के कई कानून आएंगे। टिकैत ने कहा कि सरकार को 40 सदस्यीय समिति से ही बातचीत करनी होगी।





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अमित शाह ने विजयन पर किया पलटवार, सोना तस्करी मामले में किये सवाल

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 8, 2021   08:06
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अमित शाह ने विजयन पर किया पलटवार, सोना तस्करी मामले में किये सवाल

शाह ने केरल में चुनाव प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस पर दक्षिणी राज्य में वाम दलों के खिलाफ लड़ने और पश्चिम बंगाल में भाजपा से मुकाबला करने के लिए माकपा के साथ गठजोड़ करने को लेकर निशाना साधा।

तिरुवनंतपुरम। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोना और डॉलर की तस्करी मामलों की जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसियों पर निशाना साधने को लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर रविवार को पलटवार किया और उनसे यह स्पष्ट करने को कहा कि इन मामलों की मुख्य आरोपी ने उनके कार्यालय में काम किया था, या नहीं। शाह ने केरल में चुनाव प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस पर दक्षिणी राज्य में वाम दलों के खिलाफ लड़ने और पश्चिम बंगाल में भाजपा से मुकाबला करने के लिए माकपा के साथ गठजोड़ करने को लेकर निशाना साधा। शाह ने साथ ही कांग्रेस को तब चुप्पी साधने के लिए भी आड़े हाथ लिया, जब राज्य में सबरीमला मंदिर में एक खास आयु समूह (10 से 50 वर्ष) की महिलाओं के प्रवेश मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा का मानना है कि सबरीमला मंदिर और उसका प्रशासन भक्तों को सौंप देना चाहिए और इसमें कोई सरकारी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।’’ यहां के षनगुमुगम बीच पर भाजपा की ‘विजय यात्रा’ के समापन के मौके पर शाह ने यह भी जानना चाहा कि क्या मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले में सीमा शुल्क अधिकारियों को प्रभावित करने की कोशिश की। उन्होंने सोना तस्करी के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश की ओर इशारा करते हुए सवाल किया, ‘‘मुख्यमंत्री का आरोप है कि केंद्रीय एजेंसियां ​​राजनीतिक औजार (भाजपा नीत राजग सरकार की) के रूप में काम कर रही हैं। मैं कुछ सवाल पूछना चाहता हूं। मैं मुख्यमंत्री से पूछना चाहता हूं कि डॉलर या सोना घोटाले की मुख्य आरोपी उनके कार्यालय में काम करती थी या नहीं?’’

सुरेश को केरल स्टेट इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के तहत स्पेस पार्क परियोजना में तब एक संविदा पद से हटा दिया गया था, जब उसका नाम पिछले साल राजनयिक चैनल के माध्यम से सोने की तस्करी के सिलसिले में सामने आया था। विजयन के तत्कालीन प्रधान सचिव और आईटी सचिव एम शिवशंकर को सुरेश से उनके संबंधों के आरोपों पर एक आधिकारिक समिति के निष्कर्ष के आधार पर पद से हटाकर निलंबित कर दिया गया था। सोने की तस्करी के मामले की जांच करने वाले सीमा शुल्क विभाग द्वारा यह दावा किये जाने के एक दिन बाद कि सुरेश ने डॉलर की ‘तस्करी’ के मामले में उनके और अन्य लोगों के खिलाफ ‘‘चौंकाने वाले रहस्योद्घाटन’’ किए हैं, विजयन ने शनिवार को एजेंसी पर निशाना साधा और कहा कि वह मामले के संबंध में राज्य कैबिनेट के सदस्यों को ‘‘बदनाम’’ करने की कोशिश कर रही है। सुरेश को पिछले साल 5 जुलाई को शहर में स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यूएई वाणिज्य दूतावास को भेजे जाने वाले सामान से 15 करोड़ रुपये मूल्य का लगभग 30 किलोग्राम सोना सीमा शुल्क विभाग द्वारा जब्त किये जाने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। सीमा शुल्क विभाग के अलावा सोना तस्करी मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय और राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा की जा रही है। जांच के दौरान मस्कट में यूएई वाणिज्य दूतावास के एक पूर्व वित्त प्रमुख द्वारा 1,90,000 अमेरिकी डालर की कथित तस्करी का मामला भी सामने आया। विजयन ने आरोप लगाया था कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राज्य में भाजपा और कांग्रेस के लिए प्रचार करने के लिए किया जा रहा है जहां छह अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने वाला है। 

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शाह ने यह भी कहा कि उनके पास सरकार के खिलाफ भष्टाचार के और भी आरोप हैं, ‘‘मैं मुख्यमंत्री को भ्रमित नहीं करना चाहता’’ और केवल चाहता हूं कि वह उनके सवालों का जवाब दें। शाह ने यह भी कहा कि केरल को विकास, साक्षरता और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता था, लेकिन ‘‘सत्तारूढ़ एलडीएफ और विपक्षी यूडीएफ के बारी-बारी से सत्ता में आने का परिणाम यह हुआ है कि राज्य राजनीतिक हिंसा का एक मंच बन गया है।’’ उन्होंने एलडीएफ और यूडीएफ पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें लोगों की नहीं बल्कि अपने ‘‘वोट बैंक’’ की चिंता है। उन्होंने कहा, ‘‘वाम एसडीपीआई (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया) के साथ जुड़ा हुआ है जो पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का एक राजनीतिक संगठन है, जबकि कांग्रेस मुस्लिम लीग के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। मैं कांग्रेस पार्टी की नीति को नहीं समझ पाता हूं। वे पश्चिम बंगाल में माकपा के साथ हाथ मिलाकर हमसे मुकाबला कर रहे हैं जबकि वे यहां वामपंथियों से लड़ रहे हैं।’’ शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने देश भर में कोविड-19 के खिलाफ बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरू किया है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि केरल में मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपचाराधीन मामलों में से 40 प्रतिशत मामले दक्षिणी राज्य से सामने आ रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने 2018 और 2019 में राज्य में लगातार दो बाढ़ों से निपटने के तरीके को लेकर वाम सरकार पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘500 से अधिक लोग मारे गए थे’’, लेकिन सरकार को सोना और डॉलर घोटाले के आरोपियों को बचाने में दिलचस्पी थी।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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महंगाई के खिलाफ ममता का रोड शो, कहा- बंगाल में तृणमूल रहेगी परिवर्तन तो दिल्ली में होगा

  •  अभिनय आकाश
  •  मार्च 7, 2021   18:16
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महंगाई के खिलाफ ममता का रोड शो, कहा- बंगाल में तृणमूल रहेगी परिवर्तन तो दिल्ली में होगा

ममता की कोशिश ये दिखाने की रही कि केंद्र की बीजेपी सरकार महंगाई पर काबू नहीं कर पा रही है इसलिए लोग एक बार फिर अपनी बेटी को मौका दें। यह रोड शो करीब 4 किलोमीटर लंबा रहा।

पश्चिम बंगाल में राजनीति का सुपर संडे देखने को मिला। प्रधानमंत्री मोदी की कोलकाता में रैली जो कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिग्रेड परेड मैदान में हुई। ममता बनर्जी चाहती हैं कि बंगाल के चुनाव में महंगाई मुद्दा बने। इसीलिए एलपीजी सिलेंडर की महंगाई को थीम बनाकर उन्होंने सिलीगुड़ी में रोड शो किया। ममता का ये रोड शो ठीक तभी हो रहा था जब कोलकाता में प्रधानमंत्री रैली कर रहे थे। दरअसल, ममता की कोशिश ये दिखाने की रही  कि केंद्र की बीजेपी सरकार महंगाई पर काबू नहीं कर पा रही है इसलिए लोग एक बार फिर अपनी बेटी को मौका दें। यह रोड शो करीब 4 किलोमीटर लंबा रहा।

इसे भी पढ़ें: शुभेंदु अधिकारी के बयान पर बोले उमर अब्दुल्ला, बंगाल J&K बनेगा तो दिक्कत क्या है?

ममता बनर्जी के सिलेंडर वाले पोस्टर को ही अपना जैकेट बनाकर साड़ी के ऊपर डाल दिया। ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल में तृणमूल रहेगी परिवर्तन तो दिल्ली में होगा। ममता बनर्जी के पैदल मार्च में बड़ी तादाद में महिलाएं दिखीं। इस दौरान टीएमसी सांसद नुसरत जहां और मिमि चक्रवर्ती भी नजर आईं। ममता ने इस दौरान कहा कि देश में मोदी-शाह का सिंडिकेट है, जो हमसे टकराएगा चूड़-चूड़ हो जाएगा। 






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शुभेंदु अधिकारी के बयान पर बोले उमर अब्दुल्ला, बंगाल J&K बनेगा तो दिक्कत क्या है?

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 7, 2021   17:49
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शुभेंदु अधिकारी के बयान पर बोले उमर अब्दुल्ला, बंगाल J&K बनेगा तो दिक्कत क्या है?

उमर ने ट्वीट किया, “लेकिन आप भाजपा वालों के अनुसार अगस्त 2019 के बाद कश्मीर स्वर्ग बन गया है तो पश्चिम बंगाल के कश्मीर बनने पर क्या आपत्ति है? बंगाली लोग कश्मीर को पसंद करते हैं और बड़ी संख्या में यहां आते हैं।

श्रीनगर। नेशनल कान्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने रविवार को भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के उस बयान की आलोचना की जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में सत्ता में वापस आएगी तो राज्य कश्मीर जैसा बन जाएगा। उमर ने ट्वीट किया, “लेकिन आप भाजपा वालों के अनुसार अगस्त 2019 के बाद कश्मीर स्वर्ग बन गया है तो पश्चिम बंगाल के कश्मीर बनने पर क्या आपत्ति है? बंगाली लोग कश्मीर को पसंद करते हैं और बड़ी संख्या में यहां आते हैं इसलिए हम आपकी मूर्खतापूर्ण टिप्पणी को माफ करते हैं।” शुभेंदु अधिकारी पहले तृणमूल कांग्रेस में थे और बाद में भाजपा में शामिल हो गए। इस बार विधानसभा चुनाव में वह नंदीग्राम सीट पर तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ मैदान में हैं।





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