सायबर अपराधों से निपटने पुलिस को तकनीकी रूप से सक्षम होना जरूरी : रमन

Raman says Police technically capable of dealing with cyber crime
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा है कि सायबर अपराधों से निपटने के लिए पुलिस को तकनीकी रूप से सक्षम होना जरूरी है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा है कि सायबर अपराधों से निपटने के लिए पुलिस को तकनीकी रूप से सक्षम होना जरूरी है। आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि मुख्यमंत्री सिंह ने नया रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित पुलिस अधीक्षक कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते युग की चुनौतियों और सायबर अपराधों से निपटने के लिए पुलिस जवानों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना जरूरी है।

उन्होंने स्मार्ट पुलिसिंग पर जोर देते हुए कहा कि अपराधी नई-नई तकनीकों के माध्यम से अपराध कर रहे हैं, इसलिए थानेदारों और मैदानी पुलिस अमले को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देने की जरूरत है। उन्होंने पुलिस को अपराध नियंत्रण के साथ ही सड़क सुरक्षा पर विशेष रूप से ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने सूचनाओं के आदान-प्रदान और सूचना तंत्र को मजबूत करने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने के लिए कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पुलिस की वर्तमान पीढ़ी नक्सल हिंसा को समाप्त करने के लिये लड़ी जा रही देश की सबसे बड़ी लड़ाई का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस के सामने कानून व्यवस्था के साथ नक्सल चुनौतियों से निपटने की भी जिम्मेदारी है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों के सुचारू संचालन में प्रशासन और पुलिस का समन्वय भी जरूरी है। पुलिस हाउसिंग कापोरेशन द्वारा पुलिस थानों के साथ दुर्गम और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में सड़क निर्माण भी कराया गया है। पुलिस के जवानों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने उनके लिये आवासों का निर्माण पूरे राज्य में किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि वह जब दौरे पर जाते हैं और लोगों से मिलते हैं तब उनकी प्रतिक्रिया से पुलिस के काम-काज का आसानी से पता चल जाता है। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी अपराध पर प्रभावी नियंत्रण लगाते हैं, उन्हें लोग वर्षों तक याद रखते हैं। पुलिस अधीक्षकों की सख्त छवि से जिले में असामाजिक तत्वों पर लगाम लग जाती है।

सिंह ने कहा कि जुआं, सट्टा, शराब की अवैध खरीदी-बिक्री पर रोक लगाने में पुलिस के अधिकारी असामाजिक तत्वों के विरूद्ध सख्ती से पेश आए। उन्होंने अपराध पर नियंत्रण के लिये डॉटाबेस को मजबूत करने और उसका बुद्धिमतापूर्वक इस्तेमाल करने का निर्देश दिया।बैठक में सड़क सुरक्षा, आतंकवादियों को फंडिंग से निपटने और पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन के कार्यों का पॉवर पाईंट प्रस्तुतिकरण दिया गया। बैठक में गृह मंत्री रामसेवक पैंकरा, संसदीय सचिव लाभचंद बाफना, मुख्य सचिव विवेक ढांड, पुलिस महानिदेशक ए. एन. उपाध्याय समेत राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

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