ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी से खफा हुए सांसद को दिया आश्वासन, कहा- जो भी विवाद है उसे सुलझा लिया जाएगा

Jyotiraditya Scindia
केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुना से सांसद के. पी. यादव द्वारा पार्टी अध्यक्ष को लिखे गए पत्र के मुद्दे पर विवाद को खत्म करने सलाह देते हुए कहा कि सभी को संगठन में साथ मिलकर काम करना होगा और यदि मतभेद हैं तो उन्हें सुलझा लिया जाएगा।

ग्वालियर (मध्य प्रदेश)। केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुना से सांसद के. पी. यादव द्वारा पार्टी अध्यक्ष को लिखे गए पत्र के मुद्दे पर विवाद को खत्म करने सलाह देते हुए कहा कि सभी को संगठन में साथ मिलकर काम करना होगा और यदि मतभेद हैं तो उन्हें सुलझा लिया जाएगा। भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को लिखे अपने पत्र में यादव ने आरोप लगाया है कि सिंधिया के समर्थकों द्वारा उनकी अनदेखी की जा रही है। यादव ने कहा कि 2020 में कांग्रेस छोड़ने के बाद भाजपा में शामिल हुए सिंधिया समर्थक पार्टी के नए कार्यकर्ताओं, पार्टी के मूल कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ अपमानजनक व्यवहार कर रहे हैं।

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आठ दिसंबर को लिखा दो पन्नों का यह पत्र कुछ दिन पहले ही मीडिया के सामने आया है। पत्र में यादव ने कहा है कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कई कार्यकर्ता और मध्य प्रदेश के मंत्री पार्टी के बजाय सिंधिया के प्रति वफादार हैं और उनका (यादव) अनादर भी करते रहे हैं। पत्र के बारे में सवाल करने पर सिंधिया ने यहां पत्रकारों से कहा कि चाहे वह मंत्री हों या बूथ स्तर के कार्यकर्ता, सभी को पार्टी में मिलकर काम करना होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्हें यादव के पत्र की जानकारी है और लोकसभा सांसद उनके परिवार के सदस्य की तरह हैं। सिंधिया ने कहा, ‘‘के. पी. यादव परिवार के सदस्य हैं और हर कार्यकर्ता, चाहे वह मंत्री हो या बूथ स्तर का कार्यकर्ता, सभी हमारे हैं और सभी को मिलकर काम करना होगा।

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अब यदि मिलन की कमी होगी तो वह भी पूरी हो जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में जो जिम्मेदारियां मिली हैं, उन्हें सभी को साथ मिलकर निभाना चाहिए।’’ गुना से सांसद ने यह भी आरोप लगाया था कि सिंधिया समर्थक उन्हें क्षेत्र में पार्टी के कार्यक्रमों की जानकारी नहीं दे रहे हैं और उन्हें किसी कार्यक्रम में आमंत्रित भी नहीं कर रहे हैं। मालूम हो कि के. पी. यादव ने 2019 के लोकसभा चुनाव में गुना से सिंधिया को 1.25 लाख से अधिक मतों से हराया था।

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