प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को दीं गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं, ट्वीट कर बोले- जय हिंद

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 26, 2021   08:53
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प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को दीं गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं, ट्वीट कर बोले- जय हिंद

इस बार गणतंत्र दिवस समारोह कोविड-19 महामारी के कारण अन्य वर्षों की तुलना में थोड़ा अलग होगा। परेड स्थल की दूरी कम कर दी गई है। यह परेड हर साल की तरह विजय चौक से शुरू होगी लेकिन लालकिले की बजाए यह इंडिया गेट के पास नेशनल स्टेडियम में सम्पन्न होगी।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को 72वें गणतंत्र दिवस के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘देशवासियों को गणतंत्र दिवस की ढेरों शुभकामनाएं। जय हिंद!’’ गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्य समारोह राजधानी दिल्ली में राजपथ पर सम्पन्न होता है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद परेड की सलामी लेंगे। यह समारोह देश की बढ़ती हुई सैन्य शक्ति, बहुमूल्य सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक-आर्थिक प्रगति का भव्य प्रदर्शन करता है। 

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इस बार गणतंत्र दिवस समारोह कोविड-19 महामारी के कारण अन्य वर्षों की तुलना में थोड़ा अलग होगा। परेड स्थल की दूरी कम कर दी गई है। यह परेड हर साल की तरह विजय चौक से शुरू होगी लेकिन लालकिले की बजाए यह इंडिया गेट के पास नेशनल स्टेडियम में सम्पन्न होगी।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


मोहन भागवत ने अखंड भारत का समर्थन करते हुए कहा, भारत से अलग हुए पाकिस्तान जैसे देश संकट में हैं

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 25, 2021   16:49
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मोहन भागवत ने अखंड भारत का समर्थन करते हुए कहा, भारत से अलग हुए पाकिस्तान जैसे देश संकट में हैं

भागवत ने कहा कि भारत में कई चुनौतियों से निपटने की क्षमता है और दुनिया मुश्किलों से पार पाने के लिए उसकी ओर देखती है। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् के जरिए दुनिया फिर से खुशहाली और शांति हासिल कर सकती है।

हैदराबाद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने ‘‘अखंड भारत की आश्यकता’’ पर बल देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि भारत से अलग हुए पाकिस्तान जैसे देश अब संकट में हैं। भागवत ने यहां एक पुस्तक के विमोचन के मौके पर कहा कि ‘अखंड भारत’ बल नहीं, बल्कि ‘हिंदू धर्म’ के जरिए संभव है। उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया के कल्याण के लिए गौरवशाली अखंड भारत की आवश्यकता है, इसलिए देशभक्ति को जगाए जाने की जरूरत है... छोटे किए गए भारत को (फिर से) एकजुट किए जाने की आवश्यकता है, भारत से अलग हुए सभी हिस्सों, जो स्वयं को अब भारत का हिस्सा नहीं बताते है, उन्हें इसकी अधिक आवश्यकता है।’’ 

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भागवत ने कहा कि कुछ लोगों ने देश के विभाजन से पहले इस बात को लेकर गंभीर संदेह जताया था कि इसे बांटा भी जा सकता है या नहीं, लेकिन ऐसा हो गया। आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘‘यदि आप इस देश के बंटवारे से छह महीने पहले किसी से पूछते, तो कोई भी इसका अंदाजा नहीं लगा सकता था। लोगों ने पंडित जवाहरलाल नेहरू से पूछा था कि पाकिस्तान के गठन संबंधी नई बात सामने आ रही है।’’ भागवत ने कहा, ‘‘इसके जवाब में उन्होंने कहा था कि यह क्या है? उन्होंने कहा था कि यह (बंटवारा) मूर्खों का सपना है।’’ उन्होंने कहा कि (ब्रितानी शासन काल में) लॉर्ड वावेल ने भी ब्रिटेन की संसद में कहा था कि भारत को भगवान ने बनाया है और इसे कौन विभाजित कर सकता है। भागवत ने कहा, ‘‘लेकिन आखिरकार ऐसा (बंटवारा) हुआ। जो असंभव प्रतीत होता था, वह हुआ, इसलिए अभी असंभव लगने वाले अखंड भारत की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि इसकी आवश्यकता है।’’ भागवत ने कहा कि स्वयं को अब भारत का हिस्सा नहीं कहने वाले इससे अलग हुए क्षेत्रों के लिए ‘भारत’ के साथ फिर से जुड़ना अधिक जरूरी है। 

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उन्होंने कहा, ‘‘इन देशों ने वह सब कुछ किया, जो वह कर सकते थे, लेकिन उन्हें कोई समाधान नहीं मिला। इसका एक मात्र समाधान (भारत के साथ) फिर से जुड़ना है और इससे उनकी सभी समस्याएं सुलझ जाएंगी। हम उन्हें दबाने नहीं, उन्हें जोड़ने की बात कर रहे हैं। जब हम अखंड भारत की बात करते हैं, तो हमारा इरादा ताकत के बल पर यह (हासिल) करना नहीं है, बल्कि सनातन धर्म के जरिए उन्हें जोड़ना है। सनातन धर्म मानवता और पूरी दुनिया का धर्म है और इसे आज हिंदू धर्म कहा जाता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘गंधार अफगानिस्तान बन गया। क्या वहां तब से शांति है? पाकिस्तान का गठन हुआ। क्या वहां उस समय से शांति है?’’ भागवत ने कहा कि भारत में कई चुनौतियों से निपटने की क्षमता है और दुनिया मुश्किलों से पार पाने के लिए उसकी ओर देखती है। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् के जरिए दुनिया फिर से खुशहाली और शांति हासिल कर सकती है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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पीएनबी घोटाला मामला: ब्रिटिश कोर्ट ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को दी मंजूरी, भारत लाया जाएगा

  •  अंकित सिंह
  •  फरवरी 25, 2021   16:35
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पीएनबी घोटाला मामला: ब्रिटिश कोर्ट ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को दी मंजूरी, भारत लाया जाएगा

नीरव मोदी फिलहाल लंदन की एक जेल में बंद है। मजिस्ट्रेट की अदालत के फैसले को इसके बाद ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल के पास हस्ताक्षर के लिये भेजा जाएगा।

लंदन। पंजाब नेशनल बैंक से करीब दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी के मामले में वांछित हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर लंदन की एक अदालत ने अपना फैसला सुनाया। आज की सुनवाई में ब्रिटेन प्रत्यर्पण न्यायाधीश ने नीरव मोदी को मुकदमा चलाने के लिए भारत को प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया। नीरव मोदी फिलहाल लंदन की एक जेल में बंद है। मजिस्ट्रेट की अदालत के फैसले को इसके बाद ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल के पास हस्ताक्षर के लिये भेजा जाएगा।

नीरव मोदी को प्रत्यर्पण वारंट पर 19 मार्च 2019 को गिरफ्तार किया गया था और प्रत्यर्पण मामले के सिलसिले में हुई कई सुनवाइयों के दौरान वह वॉन्ड्सवर्थ जेल से वीडियो लिंक के जरिये शामिल हुआ था। जमानत को लेकर उसके कई प्रयास मजिस्ट्रेट अदालत और उच्च न्यायालय में खारिज हो चुके हैं क्योंकि उसके फरार होने का जोखिम है। उसे भारत में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज मामलों के तहत आपराधिक कार्यवाही का सामना करना होगा। इसके अलावा कुछ अन्य मामले भी उसके खिलाफ भारत में दर्ज हैं।





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दिल्ली में प्रभावित होगी जलापूर्ति, बढ़ सकती है आम लोगों की परेशानी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 25, 2021   16:28
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दिल्ली में प्रभावित होगी जलापूर्ति, बढ़ सकती है आम लोगों की परेशानी

चड्ढा ने कहा कि दिल्ली सरकार इस मुद्दे पर लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में है और उम्मीद है कि यह आसन्न संकट टल जाएगा। दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय से इस मुद्दे पर चर्चा के लिये सभी पक्षकारों की बैठक बुलाने का भी अनुरोध किया है।

नयी दिल्ली। दिल्ली में करीब 25 प्रतिशत पानी की आपूर्ति करने वाली नंगल हाइडल नहर को मरम्मत के लिये एक महीने तक बंद किया जा रहा है जिससे राष्ट्रीय राजधानी को अभूतपूर्व जल संकत और कानून-व्यवस्था की स्थिति का भी सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने बृहस्पतिवार को यह बात कही। चड्ढा ने कहा कि मरम्मत कार्य को स्थगित करने के लिये केंद्र सरकार को एक पत्र लिखा गया है।

उन्होंने कहा, “नहर को अचानक बंद करने से ब्यास नदी से दिल्ली को प्रतिदिन होने वाली 23.2 करोड़ गैलन (एमजीडी) पानी की आपूर्ति मार्च-अप्रैल में प्रभावित होगी। यह दिल्ली में आपूर्ति होने वाले कुल पानी का 25 प्रतिशत है और इससे अभूतपूर्व जल संकट और कानून-व्यवस्था की स्थिति बन सकती है।” चड्ढा ने कहा कि दिल्ली सरकार इस मुद्दे पर लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में है और उम्मीद है कि यह आसन्न संकट टल जाएगा। दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय से इस मुद्दे पर चर्चा के लिये सभी पक्षकारों की बैठक बुलाने का भी अनुरोध किया है।





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