गोकुल डेयरी चुनाव: Rohit Pawar ने सरकार पर लगाया जनादेश की अनदेखी का आरोप

राकांपा (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने कोल्हापुर की गोकुल डेयरी के अध्यक्ष पद के चुनाव के दिन लोगों से वहां जुटने का आह्वान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा बोर्ड में नामित सदस्यों की नियुक्ति करना 5.5 लाख मतदाताओं के फैसले की अनदेखी करने जैसा है। गोकुल डेयरी के अध्यक्ष पद के लिए मतदान 10 नवंबर को प्रस्तावित है।
पुणे, पांच नवंबर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) विधायक रोहित पवार ने बृहस्पतिवार को ‘‘लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सभी लोगों’’ से अपील की कि वे कोल्हापुर की गोकुल डेयरी के अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान वहां घेराव करें। पवार ने यह अपील डेयरी के अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान निदेशक मंडल में सरकार द्वारा नामित सदस्यों की नियुक्ति को लेकर जारी विवाद के बीच जनता के जनादेश की ताकत दिखाने के लिए की है। पवार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर आरोप लगाया कि सरकार की ओर से नामित सदस्यों की नियुक्ति का कदम गोकुल डेयरी पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश है जबकि कांग्रेस नेता के समर्थन वाले पैनल को 5.5 लाख मतदाताओं का समर्थन मिला था।
इस सहकारी संस्था के अध्यक्ष पद का चुनाव 10 नवंबर को होना है। महाराष्ट्र कैबिनेट ने बुधवार को उन सहकारी संस्थाओं की प्रबंध समितियों में सरकार द्वारा नामित पांच सदस्यों की नियुक्ति को मंजूरी दी, जिनका सालाना टर्नओवर 500 करोड़ रुपये से अधिक है। इसमें जिला केंद्रीय सहकारी बैंक शामिल नहीं हैं।
इनमें से चार सदस्यों को निदेशक मंडल में मतदान का अधिकार होगा। कोल्हापुर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ को ‘गोकुल डेयरी’ के नाम से जाना जाता है। डेयरी के हालिया चुनावों में कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) सतेज पाटिल समर्थित ‘राजर्षि शाहू शेतकरी समाविचारी आघाडी’ ने 25 में से 13 सीट पर जीत दर्ज की।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली ‘महायुति’ समर्थित पैनल को 12 सीट मिलीं। अध्यक्ष का पद अभी खाली है क्योंकि चुनाव के लिए बुलाई गई बैठकों में 14 निदेशकों का जरूरी कोरम (न्यूनतम उपस्थिति) पूरा नहीं हो सका। मंत्रिमंडल का यह फैसला बोर्ड में सत्ता के संतुलन और अध्यक्ष पद के चुनाव के नतीजों को प्रभावित कर सकता है।
पवार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पवार ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा नामित सदस्यों को नियुक्त करने का कदम गोकुल डेयरी पर नियंत्रण पाने की एक कोशिश है। उन्होंने कहा कि ऐसा करके सरकार ने उन 5.5 लाख सदस्यों के जनादेश की अनदेखी की है, जिन्होंने इस चुनाव में वोट डाला था। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘5.5 लाख सदस्यों के जनादेश को दरकिनार कर गोकुल पर नियंत्रण हासिल करने के लिए सरकार की ओर से सदस्यों को नामित करना केवल ‘विनाशकाले विपरीत बुद्धि’ ही कहा जा सकता है।’’ उन्होंने लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले लोगों से अध्यक्ष पद के चुनाव के दिन गोकुल डेयरी के बाहर जुटने की अपील की ताकि जनता के जनादेश की ताकत का संदेश ‘‘मुंबई से दिल्ली तक’’ पहुंचे।
उन्होंने गोकुल के सदस्यों और सतेज पाटिल के प्रति अपना समर्थन भी जताया। सतेज पाटिल की पार्टी विपक्षी दलों के ‘महा विकास आघाडी’ (एमवीए) गठबंधन में राकांपा (शप) की सहयोगी है। उन्होंने कहा कि पूरा महाराष्ट्र उनके साथ खड़ा है।
भाजपा पर परोक्ष निशाना साधते हुए पवार ने कहा कि यह कदम उन लोगों के ‘‘चोटिल अहंकार’’ का नतीजा है, जो चुनाव नतीजों के दिन कोल्हापुर में जुलूस निकालकर अपनी जीत का जश्न नहीं मना सके थे। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘क्या इसका मतलब यह है कि सरकार अब नामित सदस्यों की नियुक्ति करके जनता के जनादेश में हेरफेर करने की कोशिश करेगी? यह फैसला अराजकता पैदा करने जैसा है।’’
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