Russia-Ukraine War: फंसे हुए भारतीयों को निकालने की कोशिश जारी, 1000 लोगों को रोमानिया-हंगरी के रास्ते निकाला गया

Russia-Ukraine War: फंसे हुए भारतीयों को निकालने की कोशिश जारी, 1000 लोगों को रोमानिया-हंगरी के रास्ते निकाला गया

विदेश सचिव ने बताया कि मैंने रूस और यूक्रेन के राजदूतों को अलग-अलग बुलाया, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर अपनी चिंताओं से अवगत कराया। मैंने उन स्थानों को साझा किया जहां भारतीय नागरिक केंद्रित हैं। दोनों राजदूतों ने हमारी चिंताओं पर ध्यान दिया और हमें भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का आश्वासन दिया।

यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध जारी है। इस युद्ध की वजह से स्थिति और भयानक होती जा रही है। इन सब के बीच भारत के लगभग हजारों लोग वहां फंसे हुए हैं। भारत की ओर से ऑपरेशन गंगा के तहत वहां फंसे नागरिकों को निकालने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी को लेकर विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यूक्रेन से हमारे लगभग 1000 नागरिकों को रोमानिया और हंगरी के रास्ते निकाला जा चुका है। 1000 अन्य को लैंड रूट के माध्यम से यूक्रेन से निकाला गया है। उन्होंने कहा कि रोमानिया और हंगरी के लिए बॉर्डर क्रॉसिंग कार्यरत है। पोलैंड के लिए बॉर्डर के रास्ते लाखों की संख्या में यूक्रेनी नागरिक और दूसरे देशों के लोगों द्वारा यूक्रेन छोड़ने के प्रयास के चलते वहां समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

विदेश सचिव ने बताया कि भारत सरकार ने यूक्रेन में फंसे हमारे नागरिकों को निकालने के लिए 'बहुआयामी' ऑपरेशन गंगा शुरू किया है। यह निकासी प्रक्रिया सरकारी खर्च पर होगी। चूंकि यूक्रेन में हवाई क्षेत्र बंद था, इसलिए हमने हंगरी, पोलैंड, स्लोवाकिया और रोमानिया से भूमि निकासी विकल्पों की पहचान की। विशिष्ट सीमा पार करने वाले बिंदुओं की पहचान की गई और विदेश मंत्रालय ने निकासी प्रक्रिया में सहायता के लिए टीमों को तैनात किया था। रूस से लगते यूक्रेन के इलाकों में फंसे भारतीयों के बारे में बोलते हुए विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि हमारे मास्को में दूतावास से लोगों की एक टीम को वहां भेजा है ताकि उस क्षेत्र की मैपिंग हो जाए और ट्रांसपोर्ट का, खाने का, रहने का इंतजाम किया जाए। उन्होंने कहा कि अभी तो ये संघर्ष क्षेत्र है। जैसे ही हमें सूचना मिलेगी कि इस क्षेत्र से हम भारतीयों को निकाल सकते हैं, ऑपरेशन चलाकर उन्हें निकाला जाएगा। मेरी आज यूक्रेन और रूस दोनों के राजदूतों से बात हुई। मैंने उनका समर्थन मांगा है। 

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विदेश सचिव ने बताया कि मैंने रूस और यूक्रेन के राजदूतों को अलग-अलग बुलाया, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर अपनी चिंताओं से अवगत कराया। मैंने उन स्थानों को साझा किया जहां भारतीय नागरिक केंद्रित हैं। दोनों राजदूतों ने हमारी चिंताओं पर ध्यान दिया और हमें भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का आश्वासन दिया। इसके साथ ही विदेश सचिव की ओर से आने वाले दिनों में ऑपरेशन गंगा के तहत जिन विमानों को संचालित किया जा रहा है उसके बारे में जानकारी दी गई है। बुडापेस्ट से आज एयर इंडिया की एक फ्लाइट भारत के लिए उड़ान भरेगी जबकि 28 फरवरी को इंडिगो की फ्लाइट से भारतीयों को वापस लाया जाएगा। वही बुखारेस्ट से 1 मार्च को एयर इंडिया के दो विमान है। 2 मार्च को भी एयर इंडिया की 2 विमान है जबकि 28 फरवरी को भी इंडिगो की एक फ्लाइट यहां से संचालित होगी। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने रविवार को बताया कि भारत ने युद्ध ग्रस्त यूक्रेन से अभी तक अपने करीब 2,000 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला है और वहां फंसे अन्य नागरिकों को पड़ोसी देशों की सीमाओं पर स्थित विभिन्न ट्रांजिट प्वाइंट के माध्यम से बाहर निकालने का प्रयास जारी है। 





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