Tawang में एक नवंबर से श्रद्धालु कर सकेंगे भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन

अरुणाचल प्रदेश के तवांग में ल्हाबाब दुचेन के पावन पर्व पर 1 से 7 नवंबर तक भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष प्रदर्शित किए जाएंगे। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय, राज्य सरकार और अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ मिलकर इस भव्य आयोजन की तैयारियों में जुटे हैं। इस दौरान 2 और 3 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन का भी आयोजन होगा।
ईटानगर, एक अक्टूबर अरुणाचल प्रदेश के तवांग में एक से सात नवंबर तक भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को प्रदर्शित किया जाएगा और इस आयोजन की तैयारियां जारी हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। इस कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा राज्य सरकार, अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) और राष्ट्रीय संग्रहालय के सहयोग से किया जा रहा है।
यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, आईबीसी के निदेशक कर्नल (सेवानिवृत्त) यश सक्सेना के नेतृत्व में एक ‘एडवांस सिक्योरिटी लाइजन’ (एएसएल) दल राष्ट्रीय संग्रहालय के अधिकारियों के साथ तवांग पहुंचा है। दल ने प्रदर्शनी के लिए सुरक्षा, साजो-सामान और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। दल ने प्रस्तावित मार्ग और उस आयोजन स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया जहां पवित्र अवशेषों को रखा जाएगा।
इस दौरान इस तरह की व्यवस्था की जाएगी कि श्रद्धालु और अन्य आगंतुक इन अवशेषों के दर्शन कर सकें और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें। दल ने दो से तीन नवंबर तक तवांग में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन के आयोजन स्थल का भी निरीक्षण किया। इस सम्मेलन में विभिन्न देशों के बौद्ध प्रतिनिधियों और शिष्टमंडलों के शामिल होने की उम्मीद है।
भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष नयी दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय में संरक्षित हैं और इन्हें विभिन्न स्थानों पर आम लोगों के दर्शन के लिए समय-समय पर प्रदर्शित किया जाता रहा है। तवांग में इससे पहले 2013 में भी इन अवशेषों को प्रदर्शित किया गया था और उस समय करीब 26,000 श्रद्धालु वहां पहुंचे थे। आगामी आयोजन में इससे कहीं अधिक संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
यह कार्यक्रम तिब्बती बौद्ध कैलेंडर के सबसे महत्वपूर्ण पवित्र दिनों में से एक ‘ल्हाबाब दुचेन’ के अवसर पर आयोजित होगा।
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