सलीम कुरैशी को एनआईए की हिरासत में भेजा गया

Salim
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मुंबई की एक विशेष अदालत ने दाऊद इब्राहिम गिरोह की आतंकवादी गतिविधियों में मदद पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार सलीम कुरैशी को 17 अगस्त तक के लिए राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की हिरासत में भेज दिया।

मुंबई, 6 अगस्त। मुंबई की एक विशेष अदालत ने दाऊद इब्राहिम गिरोह की आतंकवादी गतिविधियों में मदद पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार सलीम कुरैशी को 17 अगस्त तक के लिए राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की हिरासत में भेज दिया। एनआईए ने दाऊद गिरोह के कथित सदस्य मुंबई निवासी सलीम कुरैशी उर्फ ‘सलीम फ्रूट’ को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया था।एनआईए के मुताबिक, कुरैशी भगोड़े गैंगस्टर छोटा शकील का करीबी सहयोगी है। कुरैशी के वकील ने दावा किया कि ‘‘शकील का रिश्तेदार’’ होने के चलते उसे ‘‘बलि का बकरा’’ बनाया जा रहा है।

एजेंसी ने शुक्रवार को कुरैशी को विशेष एनआईए अदालत के समक्ष पेश किया, जहां से उसे एनआईए की हिरासत में भेजा गया। केंद्रीय एजेंसी ने यह दावा करते हुए कुरैशी को 15 दिनों की हिरासत में भेजने का अनुरोध किया कि कुरैशी ने ‘‘डी कंपनी (दाऊद इब्राहिम गिरोह) की आतंकवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के वास्ते धन जुटाने के लिए संपत्ति के सौदे और विवाद निपटान के जरिये शकील के नाम पर भारी मात्रा में धन उगाही में सक्रिय भूमिका निभाई है।’’

एनआईए ने अदालत को बताया कि उसने मई में मुंबई में 29 जगहों पर छापेमारी की थी और अवैध संपत्ति से संबंधित कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए थे। इसने कहा कि कुरैशी ने दाऊद गिरोह के नाम पर बिल्डरों को धमकाया और उनसे करोड़ों रुपये की उगाही की। कुरैशी की ओर से पेश वकील वी. राजगुरु ने रिमांड अर्जी का विरोध किया। वकील ने कहा कि आरोपी दक्षिण मुंबई के भायखला में मेडिकल की दुकान चलाता है और उसकी ऐसी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है, जो उसके जबरन वसूली गिरोह का हिस्सा होने के आरोप को साबित कर सके। उन्होंने कहा कि कुरैशी के खिलाफ दाऊद गिरोह से संबंध दिखाने के लिए कोई प्राथमिकी या आरोपपत्र लंबित नहीं है।

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