एमपी में शिवराज कैबिनेट की बैठक हुई सम्पन्न, कई फैसलों पर लागू मुहर

एमपी में शिवराज कैबिनेट की बैठक हुई सम्पन्न, कई फैसलों पर लागू मुहर

सीएम शिवराज ने कहा कि किसानों ने फसल के लिए जो लोन लिया था। उस लोन को चुकाने की अवधि 31 मार्च को खत्म हो रही है। कई किसान अभी तक इस राशि को भर नहीं पाए हैं। और अवधि समाप्त होने की वजह से किसान डिफॉल्टर हो जाएगे।

भोपाल। राजधानी भोपाल में 31 मार्च को शिवराज कैबिनेट की बैठक हुई सम्पन्न हुई। कैबिनेट ने किसानों के कर्ज भुगतान की डेट बढ़ा दी है। पहले कृषि लोन चुकाने की तारीख 31 मार्च थी लेकिन कैबिनेट ने इसे बढ़ाकर 15 अप्रैल करने का फैसला लिया है।

वहीं शिवराज सरकार ने राज्य सड़क परिवहन निगम के खत्म होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन की समस्याओं को देखते हुए ग्रामीण परिवहन नीति बनाई है। इसका पायलट प्रोजेक्ट विदिशा और आदिवासी जिले में शुरू करने का फैसला लिया गया है।

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शिवराज कैबिनेट ने किसानों के लिए एक इनोवेशन किया है। इसके तहत अब किसानों को खसरा, नक्शा और ऋण पुस्तिका के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। किसानों को ये सुविधा वॉट्सऐप पर ही मिल जाएगी। लोक सेवा गारंटी का 181 के कार्यो को मोबाइल से जोड़ा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार इस नंबर से खसरा, नक्शा और ऋण पुस्तिका उपलब्ध हो जाएगी। इसके लिए 10 रुपए का शुल्क चुकाना होगा। साथ ही कैबिनेट ने सेमरिया माइक्रो सिंचाई परियोजना, रीवा को प्रशासकीय स्वीकृति दी है। इससे 86 गांव लाभान्वित होंगे और 9 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।

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दरअसल सीएम शिवराज ने कहा कि किसानों ने फसल के लिए जो लोन लिया था। उस लोन को चुकाने की अवधि 31 मार्च को खत्म हो रही है। कई किसान अभी तक इस राशि को भर नहीं पाए हैं। और अवधि समाप्त होने की वजह से किसान डिफॉल्टर हो जाएगे। इसलिए कैबिनेट ने फैसला लिया है कि खरीफ की फसल के लिए लोन चुकाने की अंतिम तिथि 15 अप्रैल कर रहे हैं।

आपको बता दें कि कैबिनेट ने ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं के विस्तार के लिए नई ग्रामीण परिवहन नीति को मंजूरी दी गई। विदिशा और एक आदिवासी जिले में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू किया जाएगा। 7 महीने इस पॉलिसी के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं को शुरू किया जाएगा।

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बताया जा रहा है कि इसके तहत बस संचालकों को कई छूटें दी जाएंगी। बड़ी बसों के साथ 20 सीटर छोटी बसों का संचालन भी इसमें किया जाएगा। इसके साथ ही बड़ी बसों के समय और छोटी बसों के समय को ऐसे तय किया जाएगा जिससे छोटी बसों के यात्रियों को बड़ी बसों के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़े। 





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