सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, किसानों को विरोध करने का अधिकार लेकिन सड़क जाम नहीं कर सकते

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, किसानों को विरोध करने का अधिकार लेकिन सड़क जाम नहीं कर सकते

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस एसके कौल ने कहा कि सड़कें खाली होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि हम बार-बार कानून तैयार नहीं कर सकते। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब कुछ समाधान निकालना होगा।

कृषि कानूनों को लेकर किसान संघ का आंदोलन लगातार जारी है। इसको लेकर किसानों की ओर से कई सड़कों को बंद रखा गया है। सड़कें बंद करने के मामले को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसानों को विरोध करने का अधिकार है लेकिन सड़कों को अनिश्चितकाल के लिए अवरुद्ध नहीं किया जा सकता है। इस मामले को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट 7 दिसंबर को अगली सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने सड़क से हटने को लेकर किसान संगठनों को जवाब दाखिल करने का समय दिया है। 

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस एसके कौल ने कहा कि सड़कें खाली होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि हम बार-बार कानून तैयार नहीं कर सकते। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब कुछ समाधान निकालना होगा। लोगों को उन सड़कों से आना जाना होता है और सड़क जाम एक बड़ी समस्या है। कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही कृषि कानूनों पर रोक लगा दी है फिर यह आंदोलन क्यों हो रहा है। कभी-कभी आंदोलन वास्तविक कारण के लिए नहीं बल्कि अन्य कारणों के लिए होता है। 





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