Maharashtra Drought: सुप्रिया सुले ने किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये मांगे

राकांपा (शप) नेता सुप्रिया सुले ने राज्य के सूखा प्रभावित किसानों को तुरंत राहत पहुंचाने के लिए बड़ी आर्थिक मदद की वकालत की है। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष शरद पवार ने इस संबंध में सरकार को पत्र भेजकर योजनाओं का बकाया पैसा जारी करने की मांग की है। सुले ने बैंकों द्वारा किसानों को परेशान न करने और रोजगार गारंटी के काम शुरू करने पर भी जोर दिया।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र में सूखा प्रभावित किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता की मांग की है। सुले ने बृहस्पतिवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने किसानों को राहत देने का आग्रह करते हुए सरकार को एक पत्र लिखा है। उन्होंने राज्य सरकार से विभिन्न योजनाओं के तहत लंबित सहायता राशि जारी करने का आग्रह भी किया।
सुले ने कहा, ‘‘हमारा इरादा खोखली राजनीति करने का नहीं है। हमने सहयोग का रुख अपनाया है क्योंकि यह ऐसा समय है जब मानवीय संवेदना मायने रखती है।’’ बारामती की सांसद ने कहा कि सूखे और बढ़ती महंगाई के कारण किसान गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से किसानों को प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये की सहायता देने की मांग की।
राकांपा (शप) की नेता सुले ने कहा कि बैंकों को किसानों को परेशान नहीं करना चाहिए। सुले ने रोजगार गारंटी के तहत काम शुरू कराने की मांग भी की। सुले ने नमो किसान और महाराष्ट्र सरकार की किसान सहायता योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों को केंद्र और राज्य, दोनों सरकारों से सालाना सहायता मिलनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली सहायता राशि का एक हिस्सा अब तक लंबित है। राज्य सरकार ने महाराष्ट्र की 358 में से 305 तहसीलों में सूखा घोषित किया है। पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की थी कि दिवाली से पहले किसानों के बैंक खातों में पांच-पांच हजार रुपये की शुरुआती राहत राशि सीधे जमा की जाएगी।
राज्य विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों में कथित अनियमितताओं और पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक में कथित बैठक के बारे में पूछे जाने पर सुले ने कहा कि वह टिप्पणी करने से पहले उपलब्ध सामग्री की जांच करेंगी। राकांपा (शप) की कार्यकारी अध्यक्ष सुले ने कहा, ‘‘मैं किसी के खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप में नहीं पड़ना चाहती। मेरा कहना है कि एक व्यवस्था है और देश को उसी व्यवस्था के अनुसार चलना चाहिए।’’ मराठा आरक्षण आंदोलन के कार्यकर्ता मनोज जरांगे द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना पर एक ऑडियो क्लिप के संबंध में लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर सुले ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से न तो वीडियो देखा है और न ही उसके संदर्भ को समझा है।
जरांगे ने आरोप लगाया था कि इस ऑडियो क्लिप में उन्हें 500 करोड़ रुपये देने की बात कही गई है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा के बेटे रेहान वाद्रा की तस्वीरों को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सुले ने कहा कि उन्हें एक स्वतंत्र फोटोग्राफर के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि किसी नेता के बेटे के तौर पर। सुले ने कहा, ‘‘आप उन्हें केवल प्रियंका गांधी का बेटा क्यों मानते हैं?
उन्हें एक प्रतिभाशाली भारतीय फोटोग्राफर के रूप में क्यों नहीं देखते?’’ उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा, ‘‘अगर आप राजनीतिक रूप से लड़ना चाहते हैं, तो हमसे लड़िए। लेकिन माता-पिता की वजह से हमारे बच्चों को निशाना बनाना गलत है।’’
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