ठाणे में Shiv Sena UBT नेता प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड के दो आरोपी जेल भेजे गए

ठाणे की एक अदालत ने शिवसेना यूबीटी के वार्ड प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले में संतोष कनोजिया और अमित सिंह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद दोनों को मजिस्ट्रेट एस बी साबले के समक्ष पेश किया गया था। इस हत्याकांड को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार और पुलिस जांच पर सवाल उठाए हैं।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के मनपाड़ा वार्ड प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले में पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद स्थानीय अदालत ने शनिवार को दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पूर्णेकर की 29 सितंबर को उनके कार्यालय में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया था, उनमें संतोष कनोजिया उर्फ टल्ली और अमित सिंह उर्फ पप्पलू भी शामिल हैं।
मजिस्ट्रेट एस बी साबले ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इस बीच, कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने पूर्णेकर की हत्या को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ‘‘गुनहगारों को बचाने’’ के लिए काम कर रही है। उन्होंने ठाणे में पूर्णेकर के परिवार से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह आरोप लगाया।
सपकाल ने कहा कि घनी आबादी वाले इलाके में हुई यह हत्या साबित करती है कि महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई है। उन्होंने कहा, ‘‘मुख्य साजिशकर्ताओं को निशाना बनाने के बजाय पुलिस केवल सुपारी लेकर हत्या करने वालों को गिरफ्तार कर रही है। ऐसा लगता है कि पुलिस दोषियों को बचाने के लिए काम कर रही है।’’ इससे पहले, प्रदीप पूर्णेकर के बेटे राम पूर्णेकर ने आरोप लगाया था कि ठाणे की पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे और उनके पति ने हत्या की साजिश रची थी।
मीनाक्षी महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली प्रतिद्वंद्वी शिवसेना से जुड़ी हैं। मीनाक्षी ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया है।
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