TVK का बड़ा सियासी दांव: Madurantakam और Dharapuram उपचुनाव में उतारे AIADMK के पूर्व विधायक

TVK Vijay
ANI
अंकित सिंह । Sep 10 2026 2:26PM

टीवीके ने मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा उपचुनाव के लिए पूर्व अन्नाद्रमुक विधायकों के. मरगथम कुमारवेल और पी. सत्यभामा को उम्मीदवार घोषित किया है। ये दोनों नेता, जिन्होंने पहले अन्नाद्रमुक के टिकट पर अपनी सीटें जीती थीं, अब टीवीके में शामिल होकर 6 अक्टूबर को होने वाले चुनावों में 'सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस' के तहत लड़ेंगी। टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने पार्टी कार्यकर्ताओं से उनकी जीत सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

TVK प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने गुरुवार को 6 अक्टूबर को होने वाले तमिलनाडु विधानसभा उपचुनावों के लिए मदुरंतकम और धारापुरम की आरक्षित सीटों पर पार्टी के उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया। SC के लिए आरक्षित इन दो सीटों पर उपचुनाव "सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस" के बैनर तले लड़ा जाएगा। पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, AIADMK की पूर्व विधायक और TVK की डिप्टी जनरल सेक्रेटरी के. मरगथम कुमारवेल मदुरंतकम (SC) सीट से चुनाव लड़ेंगी, जबकि AIADMK की पूर्व विधायक पी. सत्यभामा, जो अभी TVK की तिरुप्पुर दक्षिण-पूर्व जिला सचिव हैं, धारापुरम (SC) सीट से चुनाव लड़ेंगी।

इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu में Bone Marrow Registry की शुरुआत, Health Minister का ऐलान- अस्पतालों में Plastic Food Service बंद

दोनों उम्मीदवारों ने 2026 के विधानसभा चुनाव में AIADMK के टिकट पर अपनी-अपनी सीटों से जीत हासिल की थी। बाद में मरगथम कुमारवेल और सत्यभामा ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया और सत्ताधारी TVK में शामिल हो गईं। पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से उम्मीदवारों की जीत के लिए काम करने का आग्रह करते हुए विजय ने कहा कि मैं पार्टी के सभी पदाधिकारियों और साथियों से अनुरोध करता हूं कि वे जीत को ही एकमात्र लक्ष्य मानकर हमारे उम्मीदवारों के लिए वोट जुटाएं और एक ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित करें।

इससे पहले तमिलनाडु में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने बृहस्पतिवार को द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) प्रमुख एम. के. स्टालिन के वीडियो संबोधन पर पलटवार करते हुए उनसे अपने साथ हुए अत्याचारों के दावों के समर्थन में सबूत देने की मांग की। स्टालिन ने बृहस्पतिवार को करीब 10 मिनट का एक वीडियो संबोधन जारी किया, जिसमें उन्होंने कड़े कानून ‘मीसा’ के तहत अपनी हिरासत और जेल में बिताए समय का विस्तार से जिक्र किया। टीवीके ने इसे शासन से जुड़े प्रमुख मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए किया गया ‘‘सुनियोजित प्रयास’’ करार दिया और कहा कि स्टालिन ने अपने दावों के समर्थन में कोई प्रमाण पेश नहीं किया। 

इसे भी पढ़ें: उधर विपक्ष बेकार के मुद्दों पर राजनीति करता रहा, इधर Modi Cabinet ने कई बड़े फैसले लेकर सबको चौंका दिया

पार्टी की आईटी शाखा ने यह भी सवाल उठाया कि क्या जेल में यातना झेलने वाले संघर्षशील नेता की उनकी छवि टूट गई है। आपातकाल (1975-77) के दौरान आंतरिक सुरक्षा कानून (मीसा) के तहत स्टालिन की हिरासत को लेकर बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच टीवीके ने उनसे उनकी हिरासत के सबूत पेश करने की मांग की। पार्टी ने उनके वीडियो संबोधन को गिरती राजनीतिक छवि को बचाने की कोशिश बताया और कहा कि इसके समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेज नहीं दिया गया। 

देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 

All the updates here:

अन्य न्यूज़