देश के सबसे साफ शहर Indore को बड़ा झटका! स्वच्छ हवा के मामले में Lucknow ने पछाड़ा

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में लखनऊ 198 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि पिछले साल का विजेता इंदौर 197 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गया। इंदौर के पिछड़ने की मुख्य वजह हवा में पीएम10 कणों के स्तर को तय मानकों के अनुसार कम न कर पाना रही। वहीं, इस सर्वेक्षण में जबलपुर तीसरे स्थान पर रहा।
देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शुमार इंदौर को स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में बड़ा झटका लगा है। पिछले साल नंबर-1 रहने वाला इंदौर इस बार दूसरे स्थान पर पहुंच गया। लखनऊ ने 200 में से 198 अंक हासिल कर पहला स्थान हासिल किया, जबकि इंदौर को 197 अंक मिले।
इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव के मुताबिक, शहर के दूसरे नंबर पर रहने की मुख्य वजह PM10 कणों के स्तर को तय मानकों के मुताबिक कम नहीं कर पाना रही। इसी वजह से इंदौर लखनऊ से एक अंक पीछे रह गया।
PM10 क्या होता है और क्यों है खतरनाक?
PM10 यानी Particulate Matter-10 हवा में मौजूद बेहद छोटे कण होते हैं, जिनका आकार 10 माइक्रोमीटर या उससे कम होता है। ये मुख्य रूप से वाहनों के धुएं, सड़क की धूल और औद्योगिक प्रदूषण से पैदा होते हैं।
सांस के जरिए ये कण शरीर के श्वसन तंत्र तक पहुंच सकते हैं। यही वजह है कि हवा में PM10 का स्तर कम रखना वायु गुणवत्ता के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।
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इंदौर के बाद जबलपुर तीसरे नंबर पर
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में एक लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों की श्रेणी में लखनऊ 198 अंकों के साथ पहले नंबर पर रहा। इंदौर को 197 अंक मिले और जबलपुर 195 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
वहीं, भोपाल और आगरा 192-192 अंकों के साथ संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर रहे। खास बात यह है कि पिछले साल इंदौर ने 200 में से पूरे 200 अंक हासिल कर सर्वेक्षण में पहला स्थान हासिल किया था।
यह रैंकिंग स्वच्छ वायु सर्वेक्षण फ्रेमवर्क के आधार पर तैयार की गई। इसमें सड़क की धूल, वाहनों से होने वाला प्रदूषण और औद्योगिक उत्सर्जन समेत वायु प्रदूषण से निपटने के कई उपायों को ध्यान में रखा गया।
राउरकेला भी रहा टॉप पर
3 लाख से 10 लाख की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में ओडिशा का राउरकेला 198.5 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद उत्तर प्रदेश का फिरोजाबाद और आंध्र प्रदेश का गुंटूर रहे।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत बेहतर काम के लिए लखनऊ, राउरकेला और कलिंगा नगर को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से सम्मानित भी किया गया।
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PM10 कम करने के लिए इंदौर में बढ़ेंगे प्रयास
इंदौर प्रशासन ने अब शहर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए पूरे साल कई कदम उठाने की बात कही है। खास तौर पर ट्रैफिक और औद्योगिक प्रदूषण से निकलने वाले PM10 कणों को कम करने पर ध्यान दिया जाएगा।
मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि ट्रैफिक सिग्नल पर 'Red Light On, Engine Off' जैसे जागरूकता अभियान को बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और ई-बसों के संचालन पर भी जोर दिया जाएगा।
फिर भी इंदौर की हवा में हुआ सुधार
हालांकि, प्रशासन के मुताबिक इंदौर की कुल वायु गुणवत्ता अभी भी अच्छी स्थिति में है। इंदौर नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्षों की तुलना में शहर में PM10 के स्तर में 15 प्रतिशत से ज्यादा की कमी आई है।
आंकड़ों के मुताबिक, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण की मूल्यांकन अवधि के दौरान इंदौर का AQI 98 प्रतिशत से ज्यादा दिनों में 200 से नीचे रहा।
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