मध्यप्रदेश के विदिशा में दो सिर वाले बच्चे ने लिया जन्म, बच्चा और प्रसूता दोनों स्वस्थ

मध्यप्रदेश के विदिशा में दो सिर वाले बच्चे ने लिया जन्म, बच्चा और प्रसूता दोनों स्वस्थ

ऑपरेशन करने वाली चिकित्सक डॉक्टर प्रतिभा ओसवाल ने बताया कि ऐसे बच्चे को कंज्वाइंट बेबी कहते है, उनके अनुसार ऐसे बच्चे दुनियां में बहुत कम पाए जाते हैं। वही विदिशा जिले का यह पहला वाक्या है जब ऐसे दो सिर वाले बच्चे ने जन्म लिया हो। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे को जन्म देने वाली बबीता अहिरवार पूरी तरह स्वास्थ्य हैं। लेकिन बच्चे को एसएनसीयू वार्ड में भर्ती किया गया है, जिसकी गहन जांच चल रही है।

विदिशा। मध्यप्रदेश के विदिशा जिला चिकित्सालय में दो सिर और तीन हाथ वाले बच्चे ने जन्म लिया है। जो लोगों के कौतूहल का विषय बना हुआ है। विदिशा जिले के गंजबासौदा तहसील के मालागाँव की रहने वाली 21 वर्षिय प्रसूता ने इस बच्चे को जन्म दिया है। शुक्रवार रात को विदिशा जिला अस्पताल में प्रसूता को भर्ती करवाया गया था। जहाँ शनिवार सुबह साढे सात बजे ऑपरेशन से शिशु का जन्म हुआ। नवजात के दो सिर, तीन हाथ और एक हाथ में डबल पंजा है। चिकित्सालय के डॉक्टरों की माने तो नवजात का एक ही ह्रदय दिखाई दे रहा है।

ऑपरेशन करने वाली चिकित्सक डॉक्टर प्रतिभा ओसवाल ने बताया कि ऐसे बच्चे को कंज्वाइंट बेबी कहते है, उनके अनुसार ऐसे बच्चे दुनियां में बहुत कम पाए जाते हैं। वही विदिशा जिले का यह पहला वाक्या है जब ऐसे दो सिर वाले बच्चे ने जन्म लिया हो। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे को जन्म देने वाली बबीता अहिरवार पूरी तरह स्वास्थ्य हैं। लेकिन बच्चे को एसएनसीयू वार्ड में भर्ती किया गया है, जिसकी गहन जांच चल रही है। 

गंजबासौदा के मेहलुआ चौराहे पर रहने वाली बबीता अहिरवार पति जसवंत अहिरवार की यह पहली डिलीवरी है। डेढ़ साल पहले ही इनकी शादी हुई है। प्रसूता की सास नत्थीबाई ने बताया कि उसकी बहू का इलाज सागर जिले की बीना तहसील में शुरू से ही चल रहा था। डॉक्टरों ने जुड़वा बच्चे होने की बात कही थी। वही दो सिर वाले नवजात को वह भगवान का आशीर्वाद मान रही है।  

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुरेन्द्र सोनकर ने बताया कि शनिवार सुबह 7:30 बजे सरकारी अस्पताल में एक सीजर के द्वारा बच्चे की डिलीवरी हुई है। जिसमें की दो सिर से दो हाथ से और तीसरा हाथ था जिसमें 2 पंजे निकले हुए थे। दोपहर से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि दोनों के बीच में हार्ट एक ही है। इस तरह के बच्चे दुनिया में बहुत कम पाए जाते हैं। जिसकी गहन चिकित्सा के साथ निगरानी रखी जा रही है। शिशु को एसएनसीयू एडमिट कर दिया गया है। नवजात पूरी तरह स्वस्थ है, अस्पताल की नर्सों ने बताया कि बच्चा जन्म के बाद दोनों मुँह से रो रहा था। कभी एक मुँह से रोने पर दूसरा चुप हो जाता है, लेकिन बाद में दोनें मुँह रोने लगते है। बच्चे को दोनों मुँह से आहार दिया जा रहा है।   





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।