एक ने इतिहास में 3 प्रधानमंत्री दिए तो दूसरे ने वर्तमान में पीएम और सीएम, जानें पूर्वांचल-अवध में कौन बाजी मारता दिख रहा

एक ने इतिहास में 3 प्रधानमंत्री दिए तो दूसरे ने वर्तमान में पीएम और सीएम, जानें पूर्वांचल-अवध में कौन बाजी मारता दिख रहा

चुनावी माहौल को भांपते हुए सी वोटर ने एबीपी न्यूज के लिए सर्वे किया है। सर्वे में यूपी के दो बड़े रीजन पूर्वांचल और अवध के हिस्सों में जनता के नब्ज को टटोलने की कोशिश की है। ऐसा में आइए जानते हैं कि इन दोनों रीजन में कौन बाजी मारता दिख रहा है और कौन पिछड़ता।

राजनीतिक हलको में ये कहावत तो बेहद प्रचलित है कि देश की सत्ता का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर जाता है। साल के शुरुआत में ही जिन पांच राज्यों में चुनाव होने हैं उनमें उत्तर प्रदेश भी है। यही वजह है कि तमाम राजनीतिक पार्टियों ने कुछ महीने पहले से ही चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। चुनावी माहौल को भांपते हुए सी वोटर ने एबीपी न्यूज के लिए सर्वे किया है। सर्वे में यूपी के दो बड़े रीजन पूर्वांचल और अवध के हिस्सों में जनता के नब्ज को टटोलने की कोशिश की है। ऐसा में आइए जानते हैं कि इन दोनों रीजन में कौन बाजी मारता दिख रहा है और कौन पिछड़ता।

क्या है पूर्वांचल का मिजाज?

यूपी की कुल 403 विधानसभा सीटों पर वोट पड़ने हैं। लोगों को यूपी को लेकर अपनी-अपनी राय है। किसी का मानना है कि बीजेपी योगी के नेतृत्व में एक बार फिर से पूर्ण बहुमत से जीतकर आएगी तो वहीं कुछ लोगों को अखिलेश की वापसी की भी उम्मीद है। यूपी के अहम हिस्से पूर्वांचल में विधानसभा की 130 सीटें आती हैं। सूबे की सत्ता पर काबिज होने के लिए पूर्वांचल में फतह हासिल करना महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अलावा पूर्वांचल की अहमियत का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि पीएम मोदी से लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी का संबंध पूर्वी यूपी से ही है। एबीपी न्यूज सी वोटर के सर्वे के अनुसार पूर्वांचल में बीजेपी को 40 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है। वहीं समाजवादी पार्टी को 34 जबकि बहुजन समाज पार्टी को 17 फीसदी वोट प्राप्त होने का अनुमान जताया गया है। जबकि कांग्रेस व अन्य के खाते में 6-6 फीसदी ही वोट जा सकते हैं।  

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अवध में कौन मार रहा बाजी?

लोकसभा चुनाव में जो महत्त्व उत्तर प्रदेश का है, दिल्ली की सत्ता में उसी तरह का महत्त्व उसके अवध क्षेत्र का भी है। इस क्षेत्र ने देश को तीन-तीन प्रधानमंत्री दिए हैं। इंदिरा गांधी ने रायबरेली का प्रतिनिधित्व किया। राजीव गांधी अमेठी से जीतते थे और अटल बिहारी वाजपेयी ने लखनऊ से ही जीतकर प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली। ऐसे में ये इलाका अपने आप में ऐसा स्थान रखता है जिसके परिणाम पर हर किसी की नजर बनी रहती है। अवध में विधानसभा की 118 सीटें आती हैं। इस रीजन में भी बाजी बीजेपी ही मारती दिख रही है। बीजेपी को अवध में 42 फीसदी वोट मिलते दिख रहे हैं वहीं समाजवादी पार्टी 34 फीसदी के साथ दूसरे स्थान पर जबकि मायावती की बसपा को 13 फीसदी ही वोट मिलने का अनुमान है। इसके अलावा कांग्रेस को 7 फीसदी से संतोष करना पड़ सकता है। अन्य के खाते में 4 फीसदी वोट जा सकते हैं।  





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