Ganga Expressway का हरिद्वार तक होगा विस्तार, Uttarakhand कैबिनेट ने दी मंजूरी

उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद यह जानकारी दी गई। इस निर्णय से दोनों राज्यों के बीच संपर्क बेहतर होगा और श्रद्धालुओं व पर्यटकों को सीधा लाभ मिलेगा।
देहरादून, सात अगस्त उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना महानिदेशक एवं मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने संवाददाताओं को बताया कि एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद दोनों राज्य परियोजना की रूपरेखा और क्रियान्वयन को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से दोनों राज्यों के बीच संपर्क बेहतर होगा और धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक निवेश, व्यापार तथा रोजगार को नई गति मिलेगी।
मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक है। इसके पूरा होने पर पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा का समय काफी कम होने के साथ माल परिवहन और लॉजिस्टिक्स को भी बड़ा लाभ मिलेगा। राज्य सरकार का मानना है कि इस एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तारित किए जाने से उत्तराखंड को देश के प्रमुख एक्सप्रेसवे नेटवर्क से सीधा जुड़ाव मिलेगा।
सरकार के मुताबिक, इससे हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी तथा औद्योगिक निवेश, व्यापारिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे। एक अन्य निर्णय में, राज्य मंत्रिमंडल ने हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकतानुसार लगभग 30 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।
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