Vande Bharat पर सिर्फ 'मनोरंजन' के लिए पत्थर फेंकने वाले 3 मजदूर Surat में पकड़े गए

उदयपुर सिटी-सूरत वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव कर खिड़कियों के शीशे तोड़ने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए तीनों आरोपी बिहार के रहने वाले हैं और पास ही एक कारखाने में मजदूरी करते हैं। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि यह पथराव उन्होंने महज अपने मनोरंजन के लिए किया था।
गुजरात में सूरत के पास वंदे भारत एक्सप्रेस पर कथित तौर पर ‘‘मनोरंजन’’ के लिए पत्थर फेंकने और ट्रेन की खिड़कियों के शीशे क्षतिग्रस्त करने के मामले में बिहार के तीन मजदूरों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, घटना 18 अक्टूबर की रात करीब साढ़े ग्यारह बजे उत्राण और सूरत रेलवे स्टेशनों के बीच हुई थी।
पुलिस ने बताया कि उदयपुर सिटी-सूरत वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 26904) के कोच सी-6 पर पूर्वी दिशा की ओर से पत्थर फेंके गए थे। इस पथराव में दो खिड़कियों के तीन शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। इन खिड़कियों के पास सीट संख्या 40, 41, 42, 60, 61 और 62 थीं।
ट्रेन की पेंट्री कार के शीशों को भी नुकसान पहुंचा। हालांकि, घटना में किसी यात्री या रेलकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है। रेलवे पुलिस निरीक्षक दिनेश यादव ने बताया कि आरोपियों की पहचान बिहार निवासी गोलू कुमार चौधरी (22), संदेश कुमार (18) और मंतोष मुखिया (18) के रूप में हुई है।
उन्होंने कहा कि तीनों को शुक्रवार शाम सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया गया। यादव ने कहा, ‘‘तीनों आरोपियों ने बताया कि उन्होंने मनोरंजन के लिए ट्रेन पर पथराव किया था।’’ पुलिस निरीक्षक के अनुसार, तीनों आरोपी बिहार के रहने वाले हैं और पिछले दो वर्षों से रेल पटरी के पास स्थित एक फैक्टरी में काम कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
संबंधित धारा जानबूझकर किए गए ऐसे कृत्य या चूक से संबंधित है, जिससे ट्रेन से यात्रा करने वाले लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
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