मुजफ्फरपुर और कैराना में वोटिंग हो चुकी है तो किसकी गर्मी शांत हुई? जानिए पत्रकार के इस सवाल पर क्या बोले राकेश टिकैत

राकेश टिकैत ने हिंदू- मुस्लिम मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, यहां जो पहले मैच (हिंदू मुस्लिम दंगे) के ट्रायल कराए जाते थे वह स्टेडियम अब जनता ने अपने हाथों से तोड़ दिए। जनता ने शांतिपूर्वक तरीके से वोट करके एक मिसाल पेश कर दी है
उत्तर प्रदेश विधानसभा के पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को पूरा हो गया। पहले चरण में ज्यादातर पश्चिमी यूपी की सीटों पर चुनाव हुए। किसानों के नेता राकेश टिकैत यहीं से ताल्लुक रखते हैं। पहले चरण के मतदान के बाद राकेश टिकैत ने चुनाव को लेकर कई बातें कहीं।
वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम ने राकेश टिकैत से पूछा कि कैराना और मुजफ्फरनगर में वोटिंग हो चुकी है, तो किसकी गर्मी शांत हुई। जिस पर टिकट ने जवाब देते हुए कहा कि जनता बड़ी साइलेंट वोटिंग करती है। वह किसी को बताती नहीं है और जनता ने ऐसा किया है। अगर वोट का आंकड़ा कैराना और मुजफ्फरनगर में बड़ा है, तो ये सरकार के खिलाफ जाता है।
राकेश टिकैत ने हिंदू- मुस्लिम मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, यहां जो पहले मैच (हिंदू मुस्लिम दंगे) के ट्रायल कराए जाते थे वह स्टेडियम अब जनता ने अपने हाथों से तोड़ दिए। जनता ने शांतिपूर्वक तरीके से वोट करके एक मिसाल पेश कर दी है, कि यह खेल अब यहां नहीं खेला जाएगा राकेश टिकैत ने कहा जो दंगा परस्त लोग हैं, जो दंगा करवाने की भूमिका निभाते थे, वह अब यहां नहीं है। यहां अब उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं है।
पहले चरण में 58 विधानसभा सीटों पर 60.17 प्रतिशत मतदान हुआ। आपको बता दे पहले चरण में जो वोटिंग हुई उसमें सबसे ज्यादा 72.15 प्रतिशत वोट कैराना में डाले गए। जब राकेश टिकैत से पहले चरण की वोटिंग को लेकर सवाल पूछा गया कि ये जो 72 प्रतिशत वोट हुए हैं, यह किसको गए हैं। इस सवाल का जवाब देते हुए टिकट ने कहा कि कोई गठबंधन है जो यहां से चुनाव लड़ रहा है। उसको लोग ज्यादा बता रहे हैं।
भाजपा सरकार के खिलाफ राकेश टिकैत अक्सर ही हमलावर नजर आते हैं। किसान आंदोलन के बाद से ही सरकार के खिलाफ उनकी आवाज बुलंद रही है। वह केंद्र सरकार से लेकर यूपी सरकार पर हमलावर होने का एक भी मौका नहीं छोड़ते। राकेश टिकैत ने पहले चरण के बाद पारोक्ष रूप से बीजेपी पर निशाना साधा। राकेश टिकैत ने ट्वीट करते हुए लिखा पश्चिमी यूपी में अब आपस में बांटने, झगड़ने, मुद्दा विहीन राजनीति करने के दिन लग गए। किसानों- कमेरों और ग्रामीण जनता ने नफरत को नकार कर मुद्दों पर वोट डाले, आगे भी डालेंगे। यह आंदोलन की देन है। लोकतंत्र की मजबूती और बेलगाम सरकारों पर अंकुश के लिए आंदोलन जरूरी है।
आपको बताते चलें कि यूपी विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को संपन्न हो गया। इस पहले चरण में पश्चिमी यूपी के 11 जिलों की 58 सीटों पर मतदान किया गया। पहले चरण में 58 विधानसभा सीटों पर 60.17 प्रतिशत मतदान हुआ। अब दूसरे चरण का मतदान 14 फरवरी को होना है।
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