कल कमिश्नर बदला और आज...सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर क्या बोले पवन खेड़ा

Pawan
ANI
अभिनय आकाश । Jul 18 2026 4:24PM

गृह मंत्रालय इसे रोकने पर आमादा दिखता है। दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है – वही मंत्रालय जिसने कल ही दिल्ली में नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया है। उन्होंने आगे कहा कि अगर आज की कार्रवाई उनका पहला काम है, तो यह एक डरावना संदेश देता है। संवैधानिक कर्तव्य से ज़्यादा अहमियत राजनीतिक आज्ञाकारिता को दी जाती है।

सीनियर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शनिवार को क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की और सरकार पर असहमति जताने के संवैधानिक अधिकार को दबाने का आरोप लगाया। लंबी भूख हड़ताल के बाद स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के चलते वांगचुक को जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन स्थल से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। एक्स पर एक पोस्ट में खेड़ा ने कहा कि हमारा संविधान असहमति जताने के अधिकार की गारंटी देता है। गृह मंत्रालय इसे रोकने पर आमादा दिखता है। दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है – वही मंत्रालय जिसने कल ही दिल्ली में नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया है। उन्होंने आगे कहा कि अगर आज की कार्रवाई उनका पहला काम है, तो यह एक डरावना संदेश देता है। संवैधानिक कर्तव्य से ज़्यादा अहमियत राजनीतिक आज्ञाकारिता को दी जाती है। 

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खेड़ा ने आगे आरोप लगाया कि सरकार के कामों से लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति अनादर झलकता है। उन्होंने कहा कि महिला पहलवानों को घसीटकर ले जाने से लेकर पूर्व सैनिकों के साथ बदसलूकी करने तक, इस सरकार ने बार-बार संविधान के प्रति अपनी अवमानना ​​दिखाई है। आज की कार्रवाई इस सरकार की सोच को उजागर करती है। शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन कोई ऐसा मौलिक लोकतांत्रिक अधिकार नहीं है जिसकी रक्षा की जानी चाहिए, बल्कि यह कानून-व्यवस्था की एक ऐसी समस्या है जिसे कुचल दिया जाना चाहिए।

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