WhatsApp मिस्ड कॉल से भी आपका डिवाइस हो सकता है हैक, जानिए क्या है पेगासस स्पाइवेयर

hack
निधि अविनाश । Jan 31, 2022 7:19PM
इज़राइली साइबर इंटेलिजेंस फर्म एनएसओ ग्रुप द्वारा बनाया गया पेगासस स्पाइवेयर, डिवाइस तक पहुंच प्राप्त करने के लिए कंप्यूटर या मोबाइल उपकरणों को हैक करने के लिए भी डिज़ाइन किया गया है और उपयोगकर्ता की सहमति के बिना इससे डेटा इक्ट्ठा करता है और फिर इसे तीसरे पक्ष को भेज देता है।

इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता कि इस डिजिटल युग में हैकिंग, डेटा उल्लंघनों आदि जैसे साइबर हमले की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। और इसी में एक शब्द दुनिया भर में बहुत फेमस हो गया है और वह है पेगासस स्पाइवेयर अगर आप इसके बारे में अभी तक नहीं जानते हैं तो कोई चिंता की बात नहीं है क्योंकि हम  आपको 'पेगासस स्पाइवेयर' के बारे में बताने वाले हैं कि यह क्या है, यह कैसे काम करता है, इसका उपयोग क्यों किया जा रहा है।लेकिन 'पेगासस स्पाइवेयर' के बारे में जानने से पहले, आइए समझते हैं कि स्पाइवेयर क्या है?

इसे भी पढ़ें: पेगासस मामले में प्रधानमंत्री को राष्ट्र को संबोधित करना चाहिए : अशोक गहलोत

पेगासस स्पाइवेयर क्या है?

इज़राइली साइबर इंटेलिजेंस फर्म एनएसओ ग्रुप द्वारा बनाया गया पेगासस स्पाइवेयर, डिवाइस तक पहुंच प्राप्त करने के लिए कंप्यूटर या मोबाइल उपकरणों को हैक करने के लिए भी डिज़ाइन किया गया है और उपयोगकर्ता की सहमति के बिना इससे डेटा इक्ट्ठा करता है और फिर इसे तीसरे पक्ष को भेज देता है। सही शब्दों में कहा तो आप पर बिना जासूसी की जाती है। हालांकि, इस पेगासस स्पाइवेयर के मूल संगठन का दावा है कि इसका उद्देश्य सरकारी अधिकारियों को आतंकवादियों और अपराधियों के खिलाफ जासूसी करने में मदद करना है।पेगासस स्पाइवेयर को पहली बार लगभग 4-5 साल पहले पहचाना गया था जब संयुक्त अरब अमीरात के एक मानवाधिकार कार्यकर्ता को एक टेक्स्ट मैसेज मिला जो वास्तव में एक फ़िशिंग सेटअप था। उसने इन मैसेज को सुरक्षा एजेंसी को भेजा और यह पता चला कि अगर यूजर उन लिंक को खोल देता है तो उसका फोन पेगासस नाम के मैलवेयर से संक्रमित हो जाता है और पूरा डेटा इक्टठा कर लिया जाता है। बता दें कि यूजर को इसकी खबर तक नहीं लग पाती है कि उसका पूरा डेटा हैक हो रहा है या उसपर जासूसी की जा रही है।हाल ही में, लगभग 50,000 फोन नंबरों का एक डेटाबेस मीडिया प्लेटफॉर्म पर लीक हो गया था। और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन 50,000 संपर्कों में से सैकड़ों सरकारी अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। 

यह कैसे काम करता है?

आपको बता दें कि यह  पेगासस स्पाइवेयर डिवाइस पर इतनी आसानी से हमला करता है कि डिवाइस के मालिक को भी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं हो सकती है। आप इसे ऐसी स्थिति से बेहतर ढंग से समझ सकते हैं जैसे व्हाट्सएप मिस्ड कॉल पेगासस स्पाइवेयर को आपके डिवाइस को हैक कर सकता है। यहां ध्यान देने योग्य बात यह है कि यह जीरो-क्लिक से सबकुछ हो जाता है, यानि डिवाइस के मालिक को मैसेज, मेल, लिंक आदि पर क्लिक करने या मैलवेयर को काम करने के लिए कोई इनपुट देने की भी आवश्यकता नहीं है। उसके ऊपर, यदि उपयोगकर्ता को कुछ संदिग्ध लगता है और संदेश को हटा देता है तब भी स्पाइवेयर डिवाइस को संक्रमित करेगा। और एक बार जब पेगासस आपके स्मार्टफोन में आ जाता है, तो अब आपके टेक्स्ट मैसेज और ईमेल, कॉन्टैक्ट्स, फोटो, पासवर्ड आदि को दूसरे पक्ष द्वारा एक्सेस किया जा सकता है। वास्तव में, एक्सेस इस हद तक दिया जाता है कि आपके डिवाइस का माइक या कैमरा भी वह व्यक्ति संचालित कर सकता है जो बहुत आसानी से आपकी जासूसी कर रहा है। पेगासस स्पाइवेयर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड संदेशों या फाइलों तक भी पहुंच सकता है।

नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़