मित्रों नहीं फ्रेंड्स, टू द प्वाइंट बात, सेल्फी वीडियो और Gen-Z Lingo के जरिए PM मोदी ने क्या संदेश दिया?

Modi
ANI
अभिनय आकाश । Jul 24 2026 12:13PM

प्रधानमंत्री का यह प्रयास उनके संचार के पारंपरिक तरीके से काफी अलग था। किसी आधिकारिक स्थान से टीवी पर दिए जाने वाले संबोधन के बजाय, मोदी ने तीन मिनट से भी छोटा सेल्फी वीडियो चुना।

 गुरुवार रात 11:52 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सेल्फी वीडियो संदेश पोस्ट करके सीधा छात्रों से संपर्क साधा और NEET पेपर लीक विवाद के बीच उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। यह स्वीकार करते हुए कि पेपर लीक कोई मामूली मुद्दा नहीं है, उन्होंने कड़ी कार्रवाई का वादा किया। इसमें शुक्रवार को कैबिनेट द्वारा एक प्रस्तावित कानून पर निर्णय लेना भी शामिल है, जिसमें परीक्षा में धांधली करने वालों के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों और कड़े दंड का प्रावधान है। प्रधानमंत्री का यह प्रयास उनके संचार के पारंपरिक तरीके से काफी अलग था। किसी आधिकारिक स्थान से टीवी पर दिए जाने वाले संबोधन के बजाय, मोदी ने तीन मिनट से भी छोटा सेल्फी वीडियो चुना—जो विशेष रूप से युवाओं और डिजिटल-फ़र्स्ट दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया प्रतीत होता है। छात्रों को दोस्तों कहकर संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं कि पेपर लीक कोई मामूली मुद्दा नहीं है। इससे लाखों छात्रों और उनके माता-पिता को भारी कष्ट हुआ है। इसीलिए, पेपर लीक की घटना के बाद से पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए गए हैं। दोषियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और वे अब जेल में हैं।

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प्राइम मिनिस्टर के पास में बहुत संसाधन हैं। उनके तमाम कैमरे हैं और वो किसी भी तरह का फ्रेम उनके लिए किसी भी समय तैयार किया जा सकता है। लेकिन वो एक सेल्फी वीडियो बनाते हैं। सेल्फी वो क्योंकि वो अब उन युवाओं से ही कम्युनिकेट करना  चाहते हैं। उन्हीं की  भाषा में कम्युनिकेट करना चाहते हैं। इसलिए जो पहला जो पहला शब्द है उसमें साथियों नहीं है। पहला शब्द उसमें फ्रेंड्स हैं। जेन जी की एक अच्छी बात है कि वो उस वो मीम जब बनाता है तो उसके अंदर वो एक कॉम्प्लिकेटेड बात कहेगा या सुनेगा। लेकिन जब वो किसी चीज को लेकर के सीरियस है तो फिर वो खराखरा सुनना चाहता है। पीएम मोदी  जितना जितना सरल होकर  खरा कहने की कोशिश की है और उसमें प्राइम मिनिस्टर ने कहा कि वो समझते हैं जो छात्रों की तकलीफ है वो अपना पक्ष रखते हैं कि हमने जल्दी से जल्दी रीनेट करवा दिया। वो ये बताते हैं कि स्पेशल कोर्ट्स है और वो ये भी कहते हैं कि एक नया कानून बनवाया जाएगा। जो प्रदर्शनकारी थे उनके बीच में एक मत बनता जा रहा था कि सरकार इस चीज को डिले कर रही है। डेफर कर रही है। इस चीज का इंतजार कर रही है कि प्रदर्शन कब खुद ब खुद खत्म हो जाए। एक महीने से सरकार ने यह करके देख लिया था। उससे हो नहीं रहा था। उनको समझ में आया कि अब बात करने का तरीका थोड़ा सा चेंज करना पड़ेगा। अप्रोच चेंज करना पड़ेगा और ये आपको प्राइम मिनिस्टर के वीडियो में देखने को मिल जाएगा। 

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एक ही दिन में छात्रों के लिए प्रधानमंत्री मोदी का यह दूसरा संदेश था, जिसमें उन्होंने कार्रवाई का भरोसा फिर से दिलाया। इससे पहले सुबह उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया था"हमारे युवाओं की भलाई और भविष्य से ज़्यादा ज़रूरी कुछ भी नहीं है!छात्रों की उम्मीदों की रक्षा करने, प्रतियोगी परीक्षाओं में भरोसा बहाल करने और ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के नज़रिए से सरकार का पक्ष रखकर, पीएम मोदी ने 'जेन ज़ी' (Gen Z) तक पहुँचने की एक सोची-समझी कोशिश की। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पेपर लीक विवाद के कारण CJP के नेतृत्व में देश भर में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं और सरकार पर दबाव बढ़ गया है। 

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