आखिर लखीमपुर दौरे में पंजाब से जुड़े नेता क्यों हैं सभी दलों की पहली पसंद, राहुल चन्नी के साथ, संजय सिंह चीमा को लेकर हुए रवाना

आखिर लखीमपुर दौरे में पंजाब से जुड़े नेता क्यों हैं सभी दलों की पहली पसंद, राहुल चन्नी के साथ, संजय सिंह चीमा को लेकर हुए रवाना

राहुल गांधी भूपेश बघेल और पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के साथ लखीमपुर खीरी जाने के लिए लखनऊ पहुंच गए। वहीं आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह पंजाब के नेता विपक्ष पंजाब प्रभारी राघव चड्ढा और पंजाब के विधायक के साथ मृतक किसान के परिवार से मिलने के लिए रवाना हुए।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत और उसके बाद भड़ी हिंसा मामले को लेकर योगी आदत्यिनाथ सरकार ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। इससे पहले तक तक जहां विपक्षी दलों के नेताओं को लखीमपुर जाने से रोका जा रहा था। अब उत्तर प्रदेश प्रशासन ने सभी नेताओं को लखीमपुर जाने की अनुमति ने दी है। सभी राजनीतिक दल के नेता पांच लोगों के साथ पीड़ितों के परिवार से मिल सकते हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी-प्रियंका वाड्रा, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को लखीमपुर खीरी जाने की इजाजत दे दी है। 

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योगी सरकार द्वारा राजनेताओं को लखीमपुर जाने की इजाजत दिए जाने के बाद राहुल गांधी भूपेश बघेल और पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के साथ लखीमपुर खीरी जाने के लिए लखनऊ पहुंच गए। लखनऊ एयरपोर्ट के पास ही राहुल गांधी धरने पर बैठ गए थे। राहुल गांधी ने कहा कि मैं अपनी गाड़ी से लखीमपुर खीरी जाऊंगा, मुझे अपनी गाड़ी से नहीं जाने दिया जा रहा है। राहुल गांधी को बाद में इजाजत मिल गई है। जिसके बाद वो एयरपोर्ट से बाहर निकलकर रवाना हो गए। वहीं आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह पंजाब के नेता विपक्ष पंजाब प्रभारी राघव चड्ढा और पंजाब के विधायक के साथ मृतक किसान के परिवार से मिलने के लिए रवाना हुए। उत्तरप्रदेश पुलिस के सुरक्षा घेरे में सांसद संजय सिंह लखीमपुर खीरी रवाना हुए।  

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 बवाल का पंजाब की राजनीति से क्या है कनेक्शन

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गाड़ी से कुचलकर मारने वाले 4 किसानों में से 3 सिख बताए जा रहे हैं। इसके अलावा पीलीभीत, अमरोहा, लखीमपुर जैसे यूपी के जिलों में सिखों की अच्छी खासी आबादी है। यहां सिख व्यापारी समुदाय है और खेती-किसानी से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में कांग्रेस हो या आम आदमी पार्टी इस इलाके का दौरा कर अपने राज्य में यह संदेश देना चाहते हैं कि वह सिखों के हितों के लिए तत्पर हैं।





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