UP की बड़ी खबरें: असंगठित क्षेत्र के कामगारों व श्रमिकों को मिलेगा सामाजिक सुरक्षा एवं योजनाओं का लाभ

UP की बड़ी खबरें: असंगठित क्षेत्र के कामगारों व श्रमिकों को मिलेगा सामाजिक सुरक्षा एवं योजनाओं का लाभ

उप्र राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के माध्यम से मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना की जा रही संचालित। योजनाओं का लाभ लेने के लिए श्रमिक अपना ऑनलाइन पंजीकरण बोर्ड के पोर्टल पर कर सकते हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन 44 राजकीय महाविद्यालयों के भवन निर्माण/अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु वित्तीय वर्ष 2021-22 हेतु 12731.36 लाख (01 अरब 27 करोड़ 31 लाख 36 हजार) रूपए की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है। जारी शासनादेश में राजकीय महिला महाविद्यालय सीतापुर नगर, सीतापुर हेतु 421.42 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय बिजनौर हेतु 286.58 लाख रुपए, राजकीय महिला महाविद्यालय, बदायूं हेतु 148.69 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय भवानीपुर कला इटियाथोक, गोंडा हेतु 209.60 लाख रुपए, सरदार भगत सिंह राजकीय महाविद्यालय पुवायां शाहजहांपुर हेतु 317.90 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय ठाकुरद्वारा मुरादाबाद हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महिला महाविद्यालय भरापूरा अलीगंज एटा हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय हसनपुर अमरोहा हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय पाही चित्रकूट हेतु 109.51 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय कटेरा मऊरानीपुर हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय जमुनहा श्रावस्ती हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय बभनी सोनभद्र हेतु 300.00 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है।

जारी शासनादेश में राजकीय महाविद्यालय रिछा बहेड़ी बरेली हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय भदपुरा नवाबगंज बरेली हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय पुरवा उन्नाव हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय जखौरा ललितपुर हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय कस्बा पट्टी यकीन मोहम्मद सहसवान बदायूं हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय चंदौसी संभल हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय माधौगढ़ जालौन हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय मेजा प्रयागराज हेतु 300.00 लाख रुपए, नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय महाविद्यालय अलीगंज लखनऊ में अतिरिक्त शिक्षण कक्ष हेतु 137.66 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय रामकोला कुशीनगर हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय पुरनपुर पीलीभीत हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय घाटमपुर कानपुर हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय जैतपुर कुलपहाड़ महोबा हेतु 300.00 लाख रुपए, ठाकुर रोशन सिंह राजकीय महाविद्यालय नवादा दरोबस्त कटरा शाहजहांपुर हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय बैरिया, बलिया हेतु 300.00 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है।

जारी शासनादेश में राजकीय महाविद्यालय डुमरियागंज सिद्धार्थनगर हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय नकुड हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय मोदीनगर गाजियाबाद हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय बरकी, सेवापुरी वाराणसी हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय बबीना झांसी हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय रामपुर मनिहारान सहारनपुर हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय गोवर्धन मथुरा हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय मधुबन मऊ हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय बुढ़ाना मुजफ्फरनगर हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महिला महाविद्यालय सरधना दादरी मेरठ हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय कालपी जालौन हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय इटवा सिद्धार्थनगर हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय हरदोई अतरौली अलीगढ़ हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय सिराथू कौशांबी हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय कांठ मुरादाबाद हेतु 300.00 लाख रुपए, राजकीय महाविद्यालय राठ हमीरपुर हेतु 300.00 लाख रुपए तथा राजकीय महाविद्यालय जेवर गौतम बुध नगर हेतु 300.00 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

जारी शासनादेश में निर्देश दिए गए हैं की स्वीकृति की जा रही धनराशि का उपयोग उसी कार्य में किया जाएगा जिस कार्य एवं मद हेतु धनराशि स्वीकृत की जा रही है। स्वीकृत की जा रही धनराशि का उपयोग 31 मार्च 2022 तक किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। प्रायोजना के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों की डुप्लीकेसी को रोकने की दृष्टि से प्रायोजना की स्वीकृति से पूर्व विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा कि यह कार्य पूर्व में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम के अंतर्गत ना तो स्वीकृत है और ना वर्तमान में किसी अन्य योजना/कार्यक्रम में आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है।

असंगठित क्षेत्र के कामगारों व श्रमिकों को मिलेगी सामाजिक सुरक्षा एवं योजनाओं का लाभ

उप्र राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के माध्यम से मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना की जा रही संचालित। योजनाओं का लाभ लेने के लिए श्रमिक अपना ऑनलाइन पंजीकरण बोर्ड के पोर्टल पर कर सकते हैं। अभी तक इस पोर्टल पर 4658 श्रमिक अपना पंजीकरण करा चुके हैं। श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में 02 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। सरकारी एवं निजी अस्पतालों में श्रमिक परिवारों को 05 लाख रुपये तक का प्रतिवर्ष इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी। असंगठित क्षेत्र में 45 प्रकार के कार्य करने वाले विभिन्न श्रेणी के कामगारों को इसका लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार असंगठित क्षेत्र के कामगारों व श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने तथा उनके जीवन को खुशहाल बनाने के लिए उ0प्र0 राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के माध्यम से मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना संचालित कर रही है। इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए श्रमिक अपना ऑनलाइन पंजीकरण बोर्ड के पोर्टल ूूूण्नचेेइण्पद पर जाकर कर सकते हैं। अभी तक इस पोर्टल पर 4658 श्रमिक अपना पंजीकरण करा चुके हैं। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार असंगठित क्षेत्र के ऐसे श्रमिकों को लाभान्वित करने का बीड़ा उठाया है, जिन्हें अब तक किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा था। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा बोर्ड की योजनाओं का लाभ लेने के लिए श्रमिक बोर्ड के पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराएं।पंजीकरण के समय श्रमिक को बैंक का विवरण, आधार का विवरण, परिवार के अन्य सदस्यों एवं आश्रितों का विवरण दर्ज करना होगा। साथ ही योजना का प्रारूप एवं आवेदक की फोटो भी अपलोड करनी होगी।उन्होंने कहा कि श्रमिक पंजीयन हेतु मात्र रु0 10 तथा अंशदान हेतु रु0 10 प्रतिवर्ष की दर से 05 वर्षों के लिए कुल रु0 60 एकमुश्त ऑनलाइन जमा करना होगा। श्रम मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में 02 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी।इसके लिए लाभार्थी श्रमिक को रु0 12 प्रतिमाह प्रीमियम का भुगतान करना होगा। इसी प्रकार मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत अधिकृत सरकारी एवं निजी अस्पतालों में श्रमिक परिवारों को 05 लाख रुपये तक का प्रतिवर्ष इलाज की सुविधा  प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि असंगठित क्षेत्र में 45 प्रकार के कार्य करने वाले विभिन्न श्रेणी के कामगारों को इसका लाभ मिलेगा।इसमें धोबी, दर्जी, माली,मोची,नाई, बुनकर, कोरी, जुलाहा, रिक्शा चालक, घरेलू कर्मकार, कूड़ा बीनने वाले,  हाथ ठेला चलाने वाले, फुटकर सब्जी, फल-फूल विक्रेता, चाय-चाट का ठेला लगाने वाले, फुटपाथ व्यापारी, हमाल, कुली, जनरेटर लाइट उठाने वाले कैटरिंग में कार्य करने वाले, फेरी लगाने वाले, मोटरसाइकिल-साइकिल की मरम्मत करने वाले, गैरेज कर्मकार, परिवहन में लगे कर्मकार, ऑटो चालक आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि असंगठित क्षेत्र के अंतर्गत सफाई कामगार, ढोल-बाजा बजाने वाले, टेंट हाउस में काम करने वाले, मछुआरा, तांगा-बैलगाड़ी चलाने वाले, अगरबत्ती बनाने वाले,गाड़ीवान, घरेलू-कुटीर उद्योग में लगे मजदूर, भड़भूजे,पशुपालन-मत्स्य पालन-मुर्गी-बत्तख पालन में लगे कर्मकार, दुकानों में काम करने वाले मजदूर, खेतिहर कर्मकार, चरवाहा, दूध दुहने वाले, नाव चलाने वाला (नाविक), नट-नटनी, रसोईया, हड्डी बीनने वाले,  समाचार पत्र बांटने वाले, ठेका मजदूर, रंगाई-कताई-धुलाई का कार्य करने वाले, दरी, कंबल, जरी, जरदोजी, चिकन का कार्य करने वाले, मीटशाप व पोल्ट्री फार्म पर कार्य करने वाले,डेयरी पर कार्य करने वाले, कांच की चूड़ी एवं अन्य कांच उत्पादों में स्वरोजगार का कार्य करने वाले कर्मकार आदि शामिल हैं।

इसे भी पढ़ें: भाजपा कोर कमेटी की बैठक, 5 साल में पहली बार केशव मौर्य के घर पहुंचे सीएम योगी

महराजगंज में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चौक का निर्माण कार्य जारी

प्रदेश में जनपद महराजगंज के चौक स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के भवन का निर्माण कार्य जारी है। निर्माण कार्य के लिए शासन ने तीसरी किश्त के रूप में रु0 390.26 लाख अवमुक्त करने की मंजूरी दे दी है। ज्ञात हो इस निर्माण कार्य के लिए पूर्व में कुल लागत 512.32 लाख मंजूर करते हुए इसके सापेक्ष प्रथम किश्त रु0 256.16 लाख, द्वितीय किश्त रु0 102.46 लाख अवमुक्त किए जा चुके हैं। तदोपरांत भवन निर्माण की लागत को पुनरीक्षित किया गया। अब यह रु0 748.88 लाख की लागत से निर्मित किया जा रहा है। शासन ने पुनरीक्षित लागत के सापेक्ष तीसरी किश्त में अवशेष लागत धनराशि को मंजूरी दी है। उत्तर प्रदेश शासन ने जिला अमेठी के उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में अध्यक्ष जिला आयोग (पूर्णकालिक) पद पर श्री अनुप कुमार गोयल, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश को नियुक्त किया है। इस सम्बन्ध में उपभोक्ता संरक्षण एवं बांट माप विभाग द्वारा आवश्यक आदेश जारी कर दिये गये हैं। आदेश में कहा गया है कि गोयल को अध्यक्ष के पद पर अपना कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से चार वर्ष के लिए अथवा पैंसठ वर्ष की महिला आयोग की अध्यक्ष कल 23 जून, 2021 को अपराह्न 12.15 बजे   झलकारीबाई महिला चिकित्सालय, हजरतगंज का निरीक्षण करेंगी। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विमला बाथम कल 23 जून, 2021 को अपराह्न 12.15 बजे झलकारीबाई महिला चिकित्सालय, हजरतगंज का निरीक्षण करेंगी। निरीक्षण के समय उपाध्यक्ष महिला आयोग श्रीमती अंजू चैधरी भी उनके साथ रहेंगी।  

प्रदेश की समस्त गोशालाओं में वृक्षारोपण पखवारा 23 जून से 06 जुलाई तक मनाया जायेगा

उप्र गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम नन्दन सिंह के आह्वान पर प्रदेश की समस्त पंजीकृत गोशालाओं में इस वर्ष वृहद वृक्षारोपण समारोह मनाया जायेगा, जो कि कल 23 जून, 2021 से 06 जुलाई, 2021 तक चलेगा। गोसेवा आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि प्रदेश की गोशालाओं में उपलब्ध भूमि पर 1.50 लाख पौधों के रोपण हेतु आयोग के अधिकारियों द्वारा गोशाला प्रबन्धकों से दूरभाष पर सम्पर्क कर उन्हें अधिकाधिक वृक्षारोपण कराने हेतु प्रेरित किया गया है। उन्हें औषधीय एवं सगंध पौधों,छायादार, फलदार वृक्ष, पौष्टिक चारे की उपलब्धता वाले वृक्ष सुबबूल, सहजन आदि के महत्व से परिचित कराया गया। उन्होंने कहा कि गोशालाओं को पौधे सुगमता से प्राप्त करने हेतु सम्बन्धित उद्यान विभाग व वन विभाग से समन्वय करने हेतु शिक्षित किया गया है। इस सम्बन्ध में गोशालाओं का सहयोग करने हेतु सम्बन्धित मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारियों से गोशालाओं को सहयोग करने हेतु भी आग्रह किया गया है। गोसेवा आयोग निर्धारित लक्ष्य 1.50 लाख पौधों से अधिक के रोपण हेतु प्रयासरत है।

राजकीय मेडिकल काॅलेज, आगरा में आन्तरिक सड़कों के निर्माण हेतु 214.66 लाख रूपये अवमुक्त

राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 में राजकीय मेडिकल कालेज, आगरा में आन्तरिक सड़कों के निर्माण हेतु 02 करोड़ 14 लाख 66 हजार रूपये अवमुक्त किए जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी गयी है। चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा इस सम्बन्ध में आवश्यक शासनादेश जारी कर दिया गया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार सुसंगत नियमों और प्राविधानों का पालन करते हुए पारदर्शी प्रक्रिया के तहत समयबद्ध रूप से गुणवत्तापूर्ण कार्य कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। समस्त कार्यों की गुणवत्ता व आॅडिट की जिम्मेदारी कार्य कराने वाली संस्था प्रमुख एवं कार्यदायी संस्था की होगी। प्रश्नगत कार्य के लिए निर्विवाद रूप से नियमानुसार भूमि उपलब्ध होने के उपरान्त ही कार्य प्रारम्भ किया जाएगा। समस्त वैधानिक अनापत्तियाँ एवं पर्यावरणीय क्लियरेन्स सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जाए।

सड़कों के ब्लैक स्पाॅट के सुधार हेतु 12 चालू कार्यों के लिये रू0 08 करोड़ 94 लाख 69 हजार की धनराशि हुयी अवमुक्त

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में उ0प्र0 शासन द्वारा दुर्घटना बाहूल्य क्षेत्रों में चिन्हित ब्लैक स्पाॅट के सुधार/सौन्दर्यीकरण तथा विभिन्न सुरक्षा सम्बन्धी 12 चालू कार्यों पर कुल रू0 08 करोड़ 94 लाख 69 हजार की धनराशि अवमुक्त की जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस सम्बन्ध में आवश्यक शासनादेश उ0प्र0 शासन लोक निर्माण द्वारा जारी किया गया है। इन 12 कार्यों में जनपद आगरा, सहारनपुर, वाराणसी, बुलन्दशहर, फर्रूखाबाद, सुल्तानपुर, पिलीभीत, अम्बेडकरनगर, सम्भल, कन्नौज, हापुड़ व अमरोहा में मार्ग सुरक्षा के कायों के अन्तर्गत रम्बल स्ट्रीप, स्टाॅप साइन बोर्ड, सेवरन साइनबोर्ड, काॅशन साइनबोर्ड, जेब्रा क्रासिंग, डेलिनेटर्स, रीपीटेड बार, टेबल टाॅप स्पीड बे्रकर, स्पीड लिमिट एण्ड बोर्ड, हाॅजार्ड साईनबोर्ड, ट्री-प्लेट, कैट आईज, क्रैश बैरियर आदि कार्य कराये जा रहे हैं। जारी शासनादेश में विभाग के सम्बन्धित अधिकारियों को आवंटित धनराशि का व्यय वित्त विभाग द्वारा निर्गत आदेशों/ज्ञापों में उल्लिखित शर्तों के अनुसार बजट मैनुअल एवं वित्तीय हस्त पुस्तिका के नियमों, स्थाई आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही उपयोगिता प्रमाण पत्र ससमय शासन एवं महालेखाकार, प्रयागराज को उपलब्ध करा दिये जाने के भी निर्देश दिये गये हैं। उपमुख्यमंत्री ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढ़ग से, मानकों के अनुरूप व ससमय पूर्ण कराये जायं।

इसे भी पढ़ें: भाजपा सरकार ने छुपाए कोरोना वायरस से मौतों के आंकड़े : अखिलेश यादव

02 राज्य राजमार्गों के चौड़ीकरण के चालू कार्यों हेतु रू0 20 करोड़ 16 लाख 81 हजार की धनराशि की गयी स्वीकृत

उप्र के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में 02 राज्य राजमार्गों के चैड़ीकरण के चालू कार्यों हेतु रू0 20 करोड़ 16 लाख 81 हजार की धनराशि का आवंटन उ0प्र0 शासन द्वारा किया गया है। इस सम्बन्ध में आवश्यक शासनादेश उ0प्र0 शासन लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है। इन 02 कार्यों में जनपद आजमगढ़ में इलाहाबाद-जौनपुर-आजमगढ़ मार्ग (एस0एच0) लम्बाई-16.00 किमी0 के चार लेन हेतु चैड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य तथा पलवल-टप्पल-अलीगढ मार्ग का 02 लेन से 04 लेन में चैड़ीकरण तथा जट्टारी व खैर आबादी में 04 लेन बाईपास (कुल 67.500 किमी0) के निर्माण का कार्य सम्मिलित है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने निर्देश दिये हैं कि इन कार्यों में वित्तीय नियमों का अक्षरसः अनुपालन सुनिश्चित किया जाय तथा जारी शासनादेशों में उल्लिखित दिशा-निर्देशों का अनुपालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाय।

विभिन्न नहर प्रणालियों हेतु प्राविधानित धनराशि 780.40 लाख रूपये स्वीकृत

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में विभिन्न नहर प्रणालियों हेतु प्राविधानित सम्पूर्ण धनराशि 780.40 लाख रूपये परियोजना के कार्यों पर वहन किये जाने हेतु प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उ0प्र0 लखनऊ के निवर्तन पर रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस धनराशि के सम्बन्ध में सिंचाई विभाग द्वारा 21 जून, 2021 को आवश्यक शासनादेश जारी कर दिया गया है। शासनादेश में कहा गया है इस धनराशि में चै0 चरण सिंह लहूचरा (बैराज)/नहर प्रणाली हेतु 305.35 लाख रूपये, अर्जुन सहायक नहर प्रणाली (वाणिज्यिक) हेतु 751.49 लाख रूपये तथा मध्यम सिंचाई आदि कार्यों हेतु 28.91 लाख रूपये व्यय किए जाएगे।

पैरा मेडिकल ट्रेनिंग काॅलेज झांसी के निर्माण कार्य हेतु 10 करोड़ रूपये अवमुक्त

उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में पैरा मेडिकल ट्रेनिंग काॅलेज, झांसी के निर्माण कार्य हेतु 10 करोड़ रूपये अवमुक्त करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा इस सम्बन्ध में आवश्यक शासनादेश जारी कर दिया गया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार स्वीकृत की जा रही धनराशि का व्यय उन्ही कार्यों/मदों में किया जाएगा, जिसके लिए धनराशि स्वीकृत की जा रही है, किन्ही अन्य कार्यों/मदों पर धनराशि का व्यय अथवा व्ययावर्तन वित्तीय अनियमिता मानी जाएगी। परियोजना का निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में अवश्य पूर्ण कर लिया जाए। कार्य की गुणवत्ता, मानक एवं विशिष्टियों की जिम्मेदारी महानिदेशक/प्रधानाचार्य/कार्यदायी संस्था की होगी।

इसे भी पढ़ें: UP में प्रतिदिन सबसे अधिक टीकाकरण किया जा रहा, अब तक 2 करोड़ 62 लाख से अधिक वैक्सीन डोज लगाए गए

युवा वर्ग को प्रशिक्षण देकर पर्यटन के रोजगार से जोड़ा जाएगा

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उतर प्रदेश पर्यटन विभाग और माइंडशेयर द्वारा 30 दिवसीय युवा योग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन आज लखनऊ के लोहिया पार्क में योग अभ्यास कर प्रमुख सचिव एवं महानिदेशक उतर प्रदेश पर्यटन मुकेश मेश्राम ने किया।21 जुलाई, 2021 तक चलने वाले युवा योग महोत्सव का उद्घाटन करते हुए, उन्होंने कहा कि उतर प्रदेश पर्यटन विभाग और माइंडशेयर द्वारा आयोजित होने वाले युवा योग महोत्सव में प्रदेश के युवा वर्ग को प्रशिक्षण देकर पर्यटन एम्बेसडर के तौर पर स्थापित किया जायेगा। इसके अतिरिक्त प्रत्येक जिले में माइंडशेयर युवा क्लब स्थापित कर उन्हें पर्यटन से जुड़े विभिन्न रोजगार की ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी तथा पर्यटन स्थलों का वॉकिंग टूर शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योग भारत की 5,000 साल पुरानी परंपरा है, जो शरीर और मन के सामंजस्य को प्राप्त करने के लिए शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक गतिविधियों को जोड़ती है। योग हमारे सामाजिक, आर्थिक, पारिवारिक और दैनिक जीवन में खुशियों का माध्यम है, हमें इसे अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक डा. लवी श्रीवास्तव ने बताया कि कोविड संक्रमण के चलते इस बार योग महोत्सव ऑनलाइन आयोजित होगा,जिसमें 21 जुलाई, 2021 तक विभिन्न प्रतियोगिताएं जैसेे पर्यटन स्मृति चिन्ह प्रतियोगिता, रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता, योग कला प्रतियोगिता, थ्री डी प्रिंटिंग वर्कशॉप, संगीत एवं शोध प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इच्छुक युवा महोत्सव की वेबसाइट उपदकेींतमलनअंण्बवउपर लॉगिन कर विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग ले सकते हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 1288461 किसानों से कुल रूपये 11082.56 करोड़ रूपये मूल्य के 5611422.51 मी0टन गेहूँ की खरीद सुनिश्चित की गई। वर्ष 2017-18 से अब तक 4634828 किसानों से कुल रूपये 39037.01 करोड़ मूल्य के 218.86 लाख मी0टन गेहूँ की खरीद की गयी। 2007-08 से 2016-17 के मध्य 10 वर्षो में रूपये 26469.35 करोड़ मूल्य के 221.07 लाख मी0टन गेहूँ की खरीद की गयी। वर्ष 2017-18 से अब तक 3188529 किसानों से रूपये 37825.66 करोड़ मूल्य के 214.56 लाख मी0टन धान की खरीद की गयी। 

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत 9.36 लाख प्रभावित किसानों को 1043.40 करोड़ रूपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान सुनिश्चित किया गया

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री, सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रदेश में गत् दिवस तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 1288461 किसानों से कुल रूपये 11082.56 करोड़ रूपये मूल्य के 5611422.51 मी0टन गेहूँ की खरीद सुनिश्चित की जा चुकी है। अभी तक किसानों को रूपये 10019.57 करोड़ का भुगतान कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सदैव किसानों की हितैषी रही है और किसानों के हित में बराबर नये कार्य कर रही है। कृषि मंत्री आज लोकभवन स्थित मीडिया सेन्टर में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार द्वारा वर्ष 2017-18 से अब तक मात्र 04 वर्ष के कार्यकाल में 4634828 किसानों से कुल रूपये 39037.01 करोड़ मूल्य के 218.86 लाख मी0टन गेहूँ की खरीद की गयी है, जबकि 2007-08 से 2016-17 के मध्य 10 वर्ष में मात्र रूपये 26469.35 करोड़ मूल्य के 221.07 लाख मी0टन गेहूँ की खरीद की गयी थी। शाही ने कहा कि इसी प्रकार वर्तमान सरकार द्वारा वर्ष 2017-18 से अब तक 04 वर्ष के कार्यकाल में 3188529 किसानों से रूपये 37825.66 करोड़ रूपये मूल्य के 214.56 लाख मी0टन धान की खरीद की गयी है, जबकि 2007-08 से 2016-17 के मध्य 10 वर्षों में 1889362 किसानों से रूपये 28040.98 करोड़ मूल्य के 238.49 लाख मी0टन धान की खरीद की गयी। उन्होंने कहा कि विगत 04 वर्ष में प्रदेश में रिकार्ड खाद्यान्न उत्पादन हुआ है और खाद्यान्न उत्पादकता 22.71 कुतल प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 30.84 कुंतल प्रति हेक्टेयर हो गयी है। कृषि मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री, श्री योगी आदित्यनाथ जी के कार्यकाल में गन्ना किसानों का अब तक रूपये 137820.96 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है, जबकि वर्ष 2012-2017 के मध्य मात्र रूपये 95215 करोड़ का ही भुगतान किया गया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत 47.21 लाख बीमित किसानों के सापेक्ष 9.36 लाख प्रभावित किसानों को 1043.40 करोड़ रूपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जा चुका है, जोकि वर्ष 2016-17 में क्षतिपूर्ति का भुगतान की गयी धनराशि रूपये 569.01 करोड़ रूपये से लगभग दोगुना अधिक है।

जिले में पहली बार बिना किसी आधार कार्ड और परिचय पत्र के संभव हुआ वैक्सीनेशन

प्रदेश के धर्मार्थ कार्य, संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ0 नीलकण्ठ तिवारी के निर्देशों एवं प्रयासों से आज वाराणसी जनपद के अपना धर आश्रम में रहने वाले लगभग 150 निराश्रित, असहाय, लावारिस, दिव्यांगजनों का वैक्सीनेशन कराया गया। इस अवसर पर धर्मार्थ कार्य मंत्री डाॅ0 तिवारी स्वयं मौके पर मौजूद रहें और अपनी निगरानी में ही टीकाकरण कार्य सम्पन्न कराया। जनपद वाराणसी में सामने घाट स्थित अपना घर आश्रम, जहां करीब 150 की संख्या में निराश्रित, असहाय, लावारिस, दिव्यांगजन निवास करते हैं। इनकी व्यवस्था अपना घर आश्रम के नाम से डॉक्टर निरंजन जी द्वारा की जाती है, जब इनकी वैक्सीनेशन की बात आई तो इनके पास किसी प्रकार का परिचय पत्र, आधार कार्ड न होने की समस्या सामने आयी। उत्तर प्रदेश शासन के धर्मार्थ एवं पर्यटन मंत्री डाॅ0 नीलकंठ तिवारी जी को जब दिव्यांग बंधु डॉक्टर उत्तम ओझा ने इस समस्या से अवगत कराया तो मंत्री जी ने तुरंत अपनी संवेदना दिखाते हुए जिलाधिकारी वाराणसी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी वाराणसी को आवश्यक निर्देश दिया तथा आज स्वयं उपस्थित रहकर इन सभी दिव्यांगजन, असहाय, निराश्रित, लावारिस लोगों का टीकाकरण कार्य संपन्न कराया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक  सुरेंद्र सिंह औढ़े,जिला दिव्यांग अधिकारी राजेश मिश्रा, केशव जलान, निधि अग्रवाल,बौद्धिक प्रकोष्ठ के संयोजक सुनील मिश्रा, दिव्यांग बंधु डॉ0 उत्तम ओझा, प्रख्यात मनोचिकित्सक डॉ0 तुलसी दास, श्याम सुंदर अग्रवाल, डॉ0निरंजन, डॉ0 कात्यायनी, सोमनाथ ओझा, दीपक मिश्रा, काशीनाथ अकेला, सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

फरवरी , 2021 के लिए औद्योगिक उत्पादन सूचकांक तथा उपयोग आधारित सूचकांक के त्वरित अनुमान

राज्य नियोजन संस्थान, उत्तर प्रदेश द्वारा आधार वर्ष 2011-12 पर औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के माहवार त्वरित अनुमान तैयार किये जाते हैं। आधार वर्ष 2011-12 पर माहवार त्वरित अनुमान केन्द्रीय सांख्यिकीय कार्यालय, भारत  सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई रीति विधायन के अनुसार प्रदेश के विभिन्न कारखानों एवं विभागों द्वारा उपलब्ध कराये गये आॅकड़ों का प्रयोग कर तैयार किये गये हैं। यह जानकारी निदेशक अर्थ एवं संख्या श्री विवेक ने एक पत्र के माध्यम से दी है। उन्होंने बताया कि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के माह फरवरी, 2021 के त्वरित अनुमान माह मई 2021 में तैयार कर लिये गये हैं, जिनके मुख्य बिन्दु इस प्रकार हैं। फरवरी, 2021 आधार वर्ष 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आई.आई.पी.) का  सामान्य सूचकांक का त्वरित अनुमान 126ण्44 रहा। माह फरवरी, 2021 के खनन का सूचकांक 102ण्44, विनिर्माण का  सूचकांक  129ण्01 और  विद्युत क्षेत्र का सूचकांक  137ण्16  रहा है। उद्योगों के संदर्भ  में  विनिर्माण क्षेत्र  के  23  उद्योग समूहों (एन.आई.सी. 2008 दो अंकीय स्तर के अनुसार)  का  सूचकांक  विवरणी-प्प् में दर्शाया गया है। उपयोेग आधारित वर्गीकरण में प्राथमिक वस्तुओं, पूंजीगत वस्तुओं, मध्यवर्ती वस्तुओं, आधारभूत संरचना/निर्माण वस्तुओं, उपभोक्ता टिकाऊ और उपभोक्ता गैर टिकाऊ वस्तुओं का सूचकांक     विवरणी.प्प्प् में  दर्शाया  गया है। फरवरी, 2021 के सूचकांक  प्राथमिक  वस्तुओं  के लिए 113ण्95, पूंजीगत वस्तुओं के लिए  253ण्06, मध्यवर्ती वस्तुओं के लिए 127ण्45  और आधारभूत संरचना/निर्माण वस्तुओं के लिए 126ण्25 रहा है। उपभोक्ता टिकाऊ और उपभोक्ता गैर टिकाऊ वस्तुओं के लिए सूचकांक क्रमशः 77ण्69  और  136ण्19 रहा है। निदेशक अर्थ एवं संख्या ने बताया कि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के माह फरवरी, 2021 के त्वरित अनुमानों के साथ कारखानों से प्राप्त   अद्युनान्त आॅकड़ों से जनवरी, 2021 के सूचकांक को प्रथम संशोधन के साथ अर्थात अनन्तिम सूचकांक प्रस्तुत किया गया है। जो विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।