आप अपनी ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकते: Satya Niketan PG हादसे पर HC की कड़ी फटकार

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ANI
अंकित सिंह । Sep 7 2026 4:32PM

दिल्ली हाई कोर्ट ने सत्य निकेतन PG बिल्डिंग हादसे पर अधिकारियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि अगर ज़िम्मेदारियां निभाई जातीं तो यह त्रासदी टाली जा सकती थी। कोर्ट ने केंद्र, दिल्ली सरकार, MCD और DU समेत सभी को नोटिस जारी कर PG आवास की सुरक्षा, हॉस्टल की कमी और अवैध निर्माण पर जवाब मांगा है, जिससे दिल्ली में छात्रों की सुरक्षा का मुद्दा गहरा गया है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने की जानलेवा घटना को लेकर अधिकारियों की कड़ी आलोचना की। कोर्ट ने कहा कि अगर संबंधित अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारियों को ठीक से निभाया होता, तो इस त्रासदी को रोका जा सकता था। कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, MCD, दिल्ली पुलिस, दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) और नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) को नोटिस जारी किए। कोर्ट ने उनसे इस घटना और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर जवाब मांगा है।

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कोर्ट ने MCD से इस बारे में विस्तार से जवाब मांगा कि क्या राजधानी में PG अकोमोडेशन (किराये के आवास) के लिए कोई नियम हैं। कोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी को यह डेटा देने का भी निर्देश दिया कि उसके कॉलेजों में बाहर से आए कितने छात्र पढ़ रहे हैं और यूनिवर्सिटी व उसके कॉलेजों द्वारा कितने हॉस्टल चलाए जा रहे हैं। कोर्ट ने NHRC समेत सभी संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा। सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने प्राइवेट तौर पर चलाए जा रहे PG अकोमोडेशन में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा पर चिंता जताई। 

कोर्ट के सामने एक बात रखी गई: ये PG बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं हैं, ये सुरक्षा नहीं दे सकते। साथ ही, संस्थागत आवास की कमी पर भी ज़ोर दिया गया और कहा गया: समस्या इसलिए है क्योंकि हॉस्टल की कमी है। सत्य निकेतन में लड़कों के PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही इमारतों के ढहने के बाद यह PIL दायर की गई थी; बताया जा रहा है कि वहाँ करीब 50 छात्र रह रहे थे। इस घटना में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि बचाव दलों ने मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला और घायलों को अस्पतालों में पहुँचाया।

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याचिकाकर्ता ने कथित तौर पर बिना मंजूरी के किए गए निर्माण को लेकर भी चिंता जताई और सवाल उठाया कि क्या PG मालिक मंज़ूर की गई सीमा से ज़्यादा निर्माण कर रहे हैं। कोर्ट की टिप्पणियों ने दिल्ली में छात्रों के रहने की व्यवस्था से जुड़े बड़े मुद्दे पर ध्यान खींचा है, खासकर हॉस्टल की पर्याप्त सुविधाएँ न होने के कारण निजी तौर पर चलाए जा रहे PG पर निर्भरता के मामले में। इस बीच, गिरी हुई इमारत के मालिक को गिरफ़्तार कर लिया गया है और पुलिस घटना की वजहों और नियमों के संभावित उल्लंघन की जाँच कर रही है।

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