Satyendranath Bose Birth Anniversary: वैज्ञानिक सत्‍येंद्र नाथ बोस की प्रतिभा के आइंस्टाइन भी थे कायल, साथ मिलकर किया था काम

Satyendranath Bose
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दुनियाभर में गॉड पार्टिकल के जनक के रूप मशहूर सत्येंद्रनाथ बोस का 01 जनवरी को जन्म हुआ था। माना जाता है कि सत्येंद्रनाथ बोस को अपने क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि के बाद भी विज्ञान के क्षेत्र में वह पहचान नहीं मिल सकी, असल में वह जिसके हकदार थे।

महान भौतिक विज्ञानी और पद्मविभूषण से सम्मानित सत्येंद्रनाथ बोस का 01 जनवरी को जन्म हुआ था। उन्होंने महान वैज्ञानिक आइंस्टाइन के साथ मिलकर 'बोस-आइंस्टाइन' सिद्धांत दिया था। सत्येंद्रनाथ बोस ने सब एटॉमिक पार्टिकल की खोज की थी। बोस को सम्मान देने के लिए उनका नाम बोसॉन रखा गया। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर भौतिकी वैज्ञानिक सत्येंद्रनाथ बोस के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और शिक्षा

कोलकाता में 01 जनवरी 1894 को सत्येंद्र नाथ बोस का जन्म हुआ था। उनके पिता का नाम सुरेंद्रनाथ बोस था, जोकि ईस्ट इंडियन रेलवे कंपनी के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में काम करते थे। सत्येंद्रनाथ बोस ने अपनी शुरूआती पढ़ाई नदिया जिले के बाड़ा जगुलिया गांव से पूरी की। फिर कोलकाता के प्रेजिडेंसी कॉलेज से इंटर किया।

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एमएससी का रिकॉर्ड

साल 1915 में सत्येंद्रनाथ बोस ने अप्‍लाइड मैथ्‍स से एमएससी पूरी की। बोस ने एमएससी में टॉप किया था। बताया जाता है कि वह रिकॉर्ड नंबरों से पास हुए थे, उनका यह रिकॉर्ड आज भी बरकरार है। फिर साल 1924 में सत्येंद्रनाथ बोस ने ढाका यूनिवर्सिटी में फिजिक्‍स डिपार्टमेंट में रीडर के रूप में क्‍वॉन्‍टम स्‍टेटिक्‍स पर एक पेपर लिखा। जिसको फेमस वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टाइन को भेजा। 

आइंस्टाइन इस पेपर से इतना प्रभावित हुए कि इसका जर्मन में अनुवाद करके इसको एक जर्मन साइंस जर्नल में छपने के लिए भेजा। इसी पहचान के आधार पर बोस को यूरोप की साइंस लैब में काम करने का मौका मिला था। यूरोप में रहने के दौरान सत्येंद्रनाथ बोस ने अल्बर्ट आइंसटीन और मैडम क्यूरी सहित कई वैज्ञानिकों के साथ काम किया।

सम्मान

साल 1937 में महान कवि रबिंद्रनाथ टैगोर ने साइंस पर एक किताब 'विश्व परिचय़' लिखी थी। इस किताब को टैगोर ने सत्येंद्रनाथ बोस को समर्पित किया था। वहीं सत्येंद्रनाथ बोस को साल 1954 भारत सरकार द्वारा देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'पद्मविभूषण' से सम्मानित किया गया था।

मृत्यु

वहीं 04 फरवरी 1974 को कोलकाता में हृदय गति रुक जाने के कारण 80 साल की उम्र में सत्येंद्रनाथ बोस का निधन हो गया।

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