‘विज्ञान सर्वत्र पूज्यते’ में मुख्य आकर्षण बना विज्ञान पुस्तक मेला

‘विज्ञान सर्वत्र पूज्यते’ में मुख्य आकर्षण बना विज्ञान पुस्तक मेला

विज्ञान प्रसार के निदेशक डॉ नकुल पाराशर ने बताया कि “विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार, लोकप्रिय विज्ञान, विज्ञान कथा, चिकित्सा विज्ञान, योग, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सामाजिक विज्ञान, पर्यावरण, वन्य जीवन आदि से संबंधित प्रकाशनों को प्रदर्शित करके वैज्ञानिक जानकारी का प्रसार करना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है।''

स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत देश भर में आयोजित किये जा रहे ‘विज्ञान सर्वत्र पूज्यते’ कार्यक्रमों की श्रृंखला में नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरु स्टेडियम में 22-28 फरवरी तक चलने वाला विज्ञान पुस्तक मेला लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। 

‘विज्ञान सर्वत्र पूज्यते’ देश की पिछले 75 वर्षों की वैज्ञानिक उपलब्धियों और प्रौद्योगिकी कौशल को प्रदर्शित करने से जुड़ी एक पहल है। इसके अंतर्गत आयोजित विज्ञान पुस्तक मेले में स्कूली बच्चे, शिक्षक, प्रोफेसर, कॉलेज छात्र, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, लेखक, विज्ञान संचारक, और विज्ञान के प्रति उत्साही लोग प्रमुखता से रुचि दिखा रहे हैं। सुबह 11 बजे से रात 08 बजे तक चलने वाले इस पुस्तक मेले में बड़ी संख्या में लोगों का आगमन इस बात का प्रमाण है।

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राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी), द एनर्जी ऐंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (टेरी), सेंटर फॉर साइंस ऐंड एन्वायरमेंट (सीएसई), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (एनआईडीएम), सीएसआईआर-निस्पर, नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी), प्रकाशन विभाग, फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स (एफआईपी), प्रभात प्रकाशन, एकलव्य फाउंडेशन, ज्ञान तारा प्रेस, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (आईसीएमआर) और विज्ञान प्रसार समेत लगभग 75 से अधिक प्रकाशक इस पुस्तक मेले में हिस्सा ले रहे हैं। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, आपदा प्रबंधन, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, विज्ञान शिक्षा, विज्ञान संचार, महासागर, जलवायु परिवर्तन, वैश्विक ताप, ऊर्जा संसाधन, प्रदूषण जैसे विविध विषयों पर केंद्रित पुस्तकों का खजाना मेले में उपलब्ध हैं। 

‘विज्ञान सर्वत्र पूज्यते’ एक व्यापक कार्यक्रम है, जिसे ‘विज्ञान गौरव सप्ताह’ के रूप में पूरे देश में मनाया जा रहा है। सप्ताह भर चलने वाले इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अलावा एक साथ 75 स्थानों- उत्तर में लेह एवं श्रीनगर से लेकर दक्षिण में पोर्ट ब्लेयर एवं लक्षद्वीप के कवरत्ती, पश्चिम में दमन एवं अहमदाबाद से लेकर पूरब में ईटानगर, कोहिमा, आइजवाल में किया जा रहा है। 

कुल 75 विज्ञान प्रदर्शनियाँ, 75 विज्ञान व्याख्यान, 75 विज्ञान फिल्मों की स्क्रीनिंग, 75 रेडियो वार्ता प्रसारण, 75 विज्ञान पुस्तक मेले, 75 पोस्टर प्रस्तुति, क्विज और 75 विज्ञान साहित्यिक गतिविधियों समेत विज्ञान कवि सम्मेलन का आयोजन इस महोत्सव का हिस्सा है। ऑनलाइन एवं ऑफलाइन यानी हाइब्रिड मोड में आयोजित होने वाले इन आयोजनों में 75 पुरस्कार भी शामिल हैं।

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‘विज्ञान सर्वत्र पूज्यते’ के अभिन्न अंग के रूप में 22 फरवरी को शुरू हुए विज्ञान पुस्तक मेले समेत विभिन्न गतिविधियों का समापन राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर होगा। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस नोबेल पुरस्कार प्राप्त भारतीय वैज्ञानिक सर सी.वी. रामन की खोज ‘रामन प्रभाव’ की याद में हर वर्ष 28 फरवरी 2022 को मनाया जाता है।

केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान और प्रौद्योगिकी; राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पृथ्वी विज्ञान; राज्य मंत्री पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष, डॉ जितेंद्र सिंह ने 22 फरवरी को केंद्रीय संस्कृति, पर्यटन और भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री जी. किशन रेड्डी के साथ संयुक्त रूप से ‘विज्ञान सर्वत्र पूज्यते’ का उद्घाटन किया है। ‘विज्ञान सर्वत्र पूज्यते’ का आयोजन संस्कृति मंत्रालय, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय और विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग की स्वायत्त संस्था विज्ञान प्रसार द्वारा अन्य मंत्रालयों तथा विभागों के सहयोग से किया जा रहा है।

विज्ञान प्रसार के निदेशक डॉ नकुल पाराशर ने बताया कि “विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार, लोकप्रिय विज्ञान, विज्ञान कथा, चिकित्सा विज्ञान, योग, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सामाजिक विज्ञान, पर्यावरण, वन्य जीवन आदि से संबंधित प्रकाशनों को प्रदर्शित करके वैज्ञानिक जानकारी का प्रसार करना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है।” 

कार्यक्रम के लिए 75 स्थानों और संबंधित भागीदार संगठनों की पहचान की गई है, जिससे यह कार्यक्रम स्थानीय भारतीय भाषाओं (अंग्रेजी और हिंदी के अलावा) में संचालित किए जा सकें। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी), वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस), परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई), अंतरिक्ष विभाग (डीओएस), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ‘विज्ञान सर्वत्र पूज्यते’ महोत्सव के भागीदारों में शामिल हैं। 

(इंडिया साइंस वायर)