Cristiano Ronaldo के एक Like ने बढ़ाई Social Media पर हलचल, FIFA और Argentina की साख पर लगे कई बड़े आरोप

सोशल मीडिया पर रोनाल्डो के एक कथित लाइक ने फुटबॉल विश्व कप 2026 के दौरान अर्जेंटीना को मिले संभावित अनुचित लाभ के दावों को फिर से हवा दे दी है। यद्यपि इस गतिविधि की व्यक्तिगत पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसने टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में फीफा की भूमिका और संस्थागत पारदर्शिता पर एक गंभीर बहस छेड़ दी है। फीफा भ्रष्टाचार आरोप, रोनाल्डो इंस्टाग्राम लाइक और मेसी बनाम रोनाल्डो प्रतिद्वंद्विता इस समय खेल प्रेमियों के बीच शीर्ष सर्च ट्रेंड्स में शामिल हैं।
फुटबॉल विश्व कप 2026 खत्म होने के बाद भी विवादों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। इस बार चर्चा के केंद्र में पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो हैं। उनके आधिकारिक सामाजिक माध्यम खाते से एक ऐसे वीडियो को पसंद किए जाने का दावा किया गया है, जिसमें फीफा पर लियोनेल मेसी की अगुआई वाली अर्जेंटीना टीम को विश्व कप फाइनल तक पहुंचाने में मदद करने का आरोप लगाया गया था। इस घटना के बाद फुटबॉल जगत में नई बहस छिड़ गई है।
बता दें कि यह वीडियो स्पेन के एक टेलीविजन कार्यक्रम एस्पेखो पब्लिको के आधिकारिक सामाजिक माध्यम खाते से विश्व कप फाइनल से पहले साझा किया गया था। वीडियो में पत्रकार पिलार रोड्रिगेज लोसान्तोस ने अर्जेंटीना के फाइनल तक पहुंचने के सफर पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि टीम को कई मौकों पर फायदा मिला और फीफा की भूमिका पर भी संदेह जताया। उन्होंने फीफा को दुनिया की सबसे विवादित संस्थाओं में से एक बताते हुए उसके कामकाज पर गंभीर आरोप लगाए।
मौजूद जानकारी के अनुसार इस वीडियो पर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के वेरीफाइड सोशल मीडिया अकाउंट का नाम लाईक करने वालों की सूची में दिखाई देने के स्क्रीनशॉट तेजी से इंटरनेट पर साझा किए गए। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि रोनाल्डो ने स्वयं इस वीडियो को पसंद किया था या नहीं। उन्होंने अब तक इस पूरे मामले पर कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है। इसलिए उनके इरादे या कारण को लेकर किसी भी तरह का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं माना जा सकता।
गौरतलब है कि विश्व कप 2026 पहले से ही कई विवादों के कारण चर्चा में रहा। टूर्नामेंट के दौरान ईरान से जुड़े विरोध प्रदर्शन, टिकटों की ऊंची कीमतों को लेकर नाराजगी, वीजा संबंधी समस्याएं, फोलारिन बालोगुन के निलंबित लाल कार्ड पर बहस और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियां भी लगातार सुर्खियों में रहीं।
अर्जेंटीना ने अपने खिताब बचाने के अभियान की शुरुआत अल्जीरिया पर 3-0 की जीत से की थी। इस मुकाबले में लियोनेल मेसी ने तीन गोल किए थे। इसके बाद टीम ने ऑस्ट्रिया को 2-0 से हराया। तीसरे मुकाबले में जॉर्डन को 3-1 से हराकर अर्जेंटीना अपने समूह में शीर्ष स्थान पर रहा।
नॉकआउट चरण में अर्जेंटीना को कई कड़े मुकाबलों का सामना करना पड़ा। टीम ने अतिरिक्त समय में काबो वर्दे को 3-2 से हराया। इसके बाद मिस्र के खिलाफ दो गोल से पिछड़ने के बावजूद 3-2 से शानदार वापसी की। क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड को अतिरिक्त समय में 3-1 से हराया गया, जबकि सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी मिनटों में गोल कर अर्जेंटीना ने 2-1 से जीत दर्ज करते हुए लगातार दूसरे विश्व कप फाइनल में जगह बनाई।
हालांकि फाइनल में लियोनेल स्कालोनी की टीम स्पेन के सामने खिताब बचाने में सफल नहीं हो सकी। अतिरिक्त समय के 106वें मिनट में स्थानापन्न खिलाड़ी फेरान तोरेस ने निर्णायक गोल कर स्पेन को 1-0 की जीत दिलाई और टीम ने दूसरी बार विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया।
फाइनल के बाद अब मुकाबले से अधिक चर्चा सामाजिक माध्यम पर सामने आए इस विवाद की हो रही है। हालांकि अभी तक फीफा की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है और न ही क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। ऐसे में यह विवाद फिलहाल केवल सामाजिक माध्यम पर सामने आए दावों और प्रतिक्रियाओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ हैं।
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