Messi vs Mbappe: Golden Boot की जंग, क्या Lionel Messi बराबरी कर पाएंगे?

लियोनेल मेस्सी विश्व कप फाइनल में एम्बाप्पे के 10 गोलों की बराबरी करके ‘‘गोल्डन बूट’’ जीतने की कड़ी चुनौती का सामना कर रहे हैं, जिसके लिए उन्हें कम से कम दो गोल दागने होंगे। हालाँकि, गोल्डन बूट न जीतने पर भी उनके पास रिकॉर्ड तीसरी बार ‘गोल्डन बॉल’ पुरस्कार जीतकर अपने शानदार करियर में एक और मील का पत्थर जोड़ने का सुनहरा अवसर है।
अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी के सामने ‘‘गोल्डन बूट’’ जीतने के लिए किलियन एमबाप्पे की बराबरी करने की बड़ी चुनौती है। मेस्सी ने अपने करियर में फुटबॉल की लगभग हर बड़ी उपलब्धि हासिल की है, लेकिन विश्व कप में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को दिए जाने वाले ‘गोल्डन बूट’ पुरस्कार से वह अब तक वंचित रहे हैं। फ्रांस के स्ट्राइकर एमबाप्पे ने तीसरे स्थान के मुकाबले में दो गोल करके इस विश्व कप में अपने कुल गोल की संख्या 10 कर ली जिससे वह मेस्सी से दो गोल आगे निकल गए। अगर मेस्सी ‘गोल्डन बूट’ नहीं भी जीत पाते हैं, तब भी रविवार को न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड में स्पेन के खिलाफ होने वाले विश्व कप फाइनल में उनके पास टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को मिलने वाली ‘गोल्डन बॉल’ तीसरी बार जीतने का सुनहरा मौका है।
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1978 में इस पुरस्कार की शुरुआत के बाद से मेस्सी ही एकमात्र खिलाड़ी हैं जिन्होंने इसे एक से अधिक बार जीता है। 39 वर्ष की उम्र में अर्जेंटीना को लगातार दूसरे विश्व कप फाइनल तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका उन्हें एक बार फिर इस सम्मान का मजबूत दावेदार बनाती है। अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी ने कहा, ‘‘वह महान खिलाड़ी है। ’’ रविवार को विश्व कप के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अन्य पुरस्कार भी दिए जाएंगे। इनमें सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर के लिए ‘गोल्डन ग्लव’ और 21 वर्ष या उससे कम उम्र के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के लिए ‘बेस्ट यंग प्लेयर अवॉर्ड’ शामिल हैं। स्पेन के पास इन दोनों में से कम-से-कम एक, और संभव हो तो दोनों पुरस्कार जीतने का अच्छा मौका है।
गोलकीपर उनाई सिमोन ने सात मैच में केवल एक गोल खाया है जबकि 19 वर्षीय लामिने यमाल ने अपने शानदार खेल से दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों में अपनी जगह मजबूत की है। दूसरी ओर, मेस्सी अपने शानदार करियर के अंतिम दौर में हैं। वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर को दिए जाने वाले ‘बैलन डीऑर’ पुरस्कार को रिकॉर्ड आठ बार जीत चुके हैं। एमबाप्पे ने चार साल पहले कतर विश्व कप में भी ‘गोल्डन बूट’ जीता था, जब फ्रांस फाइनल में अर्जेंटीना से हार गया था। शनिवार को फ्रांस को इंग्लैंड के खिलाफ 6-4 से मिली हार में एमबाप्पे ने दो गोल किए और 1970 में जर्मनी के महान खिलाड़ी गर्ड मुलर के बाद विश्व कप के एक चरण में 10 गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए।
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अगर अर्जेंटीना विश्व कप जीतता है और मेस्सी एमबाप्पे को पीछे छोड़कर ‘गोल्डन बूट’ भी अपने नाम कर लेते हैं तो वह 2002 में ब्राजील के लिए आठ गोल करने वाले रोनाल्डो के बाद विश्व चैंपियन टीम से ‘गोल्डन बूट’ जीतने वाले पहले खिलाड़ी होंगे। हालांकि, एक और ‘गोल्डन बॉल’ जीतने के लिए उन्हें शायद अतिरिक्त गोल करने की भी जरूरत नहीं पड़े। मेस्सी ने पहली बार 2014 में ‘गोल्डन बॉल’ जीती थी, जब अर्जेंटीना उपविजेता रहा था। इसके बाद 2022 में उन्होंने सात मैच में सात गोल करके अपनी टीम को तीसरा विश्व कप खिताब दिलाया और दूसरी बार यह सम्मान हासिल किया। ‘गोल्डन बॉल’, ‘गोल्डन ग्लव’ और ‘बेस्ट यंग प्लेयर अवॉर्ड’ के विजेताओं का चयन फीफा तकनीकी ग्रुप द्वारा तैयार की गई खिलाड़ियों की सूची में से मीडिया प्रतिनिधियों के मतदान के आधार पर किया जाता है।
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