Pakistan ने ठुकराया भारत का निमंत्रण, Delhi Fencing Championship में नहीं भेजेगा अपनी टीम।

भारत द्वारा पहली बार आयोजित हो रही एशियाई तलवारबाजी प्रतियोगिता में पाकिस्तान हिस्सा नहीं लेगा, जबकि उसे आधिकारिक निमंत्रण भेजा गया था। पाकिस्तान और अफगानिस्तान द्वारा पंजीकरण न कराए जाने से इस महाद्वीपीय आयोजन पर द्विपक्षीय खेल संबंधों का असर साफ दिख रहा है, जिसमें 30 से अधिक देश भाग ले रहे हैं।
नई दिल्ली में इस महीने आयोजित होने जा रही एशियाई वरिष्ठ तलवारबाजी प्रतियोगिता को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। हालांकि प्रतियोगिता शुरू होने से पहले एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। पाकिस्तान ने इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में अपनी टीम नहीं भेजने का फैसला किया है, जबकि भारत की ओर से उसे आधिकारिक निमंत्रण दिया गया था।
बता दें कि भारत पहली बार इस प्रतिष्ठित एशियाई प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहा है। यह प्रतियोगिता 19 जून से नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित की जाएगी। मौजूद जानकारी के अनुसार एशिया और ओशिनिया क्षेत्र के 30 से अधिक देशों के खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले हैं।
भारतीय तलवारबाजी संघ के महासचिव राजीव मेहता ने बताया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों देशों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था। हालांकि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने तक दोनों देशों की ओर से किसी भी खिलाड़ी या दल का पंजीकरण नहीं कराया गया है।
गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से द्विपक्षीय खेल संबंधों पर रोक बनी हुई है। इसके बावजूद भारत ने स्पष्ट किया था कि बहुपक्षीय अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पाकिस्तान के खिलाड़ियों को भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। इसी नीति के तहत पाकिस्तान को इस प्रतियोगिता का निमंत्रण भेजा गया था।
राजीव मेहता ने बताया कि अब खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए यात्रा दस्तावेजों की प्रक्रिया चल रही है। प्रविष्टियां भेजने की अंतिम तिथि काफी पहले समाप्त हो चुकी है और अब प्रतियोगिता के संचालन से जुड़े अंतिम इंतजाम किए जा रहे हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार इस प्रतियोगिता के दौरान एशियाई तलवारबाजी परिसंघ की महासभा की बैठक भी आयोजित होगी। यह पहली बार होगा जब इस संस्था का शीर्ष नेतृत्व भारत में एकत्रित होगा। अंतरराष्ट्रीय तलवारबाजी महासंघ के अंतरिम अध्यक्ष अब्देलमोनेइम एल हुसेनी के भी इस अवसर पर भारत आने की संभावना जताई गई है।
प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर भारतीय तलवारबाजी संघ लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ समन्वय कर रहा है। आयोजकों का कहना है कि खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं और बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
हालांकि कुछ देशों के खिलाड़ियों और अधिकारियों को यात्रा दस्तावेज प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। राजीव मेहता ने बताया कि हांगकांग के प्रतिनिधियों को यात्रा दस्तावेजों के लिए समय मिलने में परेशानी हो रही है। वहीं ऑस्ट्रेलिया के कुछ आवेदनों को भी स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
गौरतलब है कि गुरुवार को 200 से अधिक खिलाड़ियों और अधिकारियों से जुड़े दस्तावेजों को मंजूरी दी गई है। इसके बावजूद कुछ मामलों में प्रक्रिया अभी जारी है। आयोजकों को उम्मीद है कि प्रतियोगिता शुरू होने से पहले सभी लंबित मामलों का समाधान कर लिया जाएगा।
भारत में पहली बार आयोजित हो रही यह प्रतियोगिता देश के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खेल के जानकारों का मानना है कि इस आयोजन से न केवल तलवारबाजी खेल को नई पहचान मिलेगी बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी क्षमता भी मजबूत होगी। ऐसे में खिलाड़ियों, अधिकारियों और खेल प्रेमियों की नजरें अब इस बड़े महाद्वीपीय आयोजन पर टिकी हुई हैं।
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