कहानी उस एथलीट की जिसने जेवलिन थ्रो में भारत को दिलाया था पहला गोल्ड, तीसरे स्वर्ण पदक के लिए टोक्यो पैरालंपिक में फेकेंगे भाला

कहानी उस एथलीट की जिसने जेवलिन थ्रो में भारत को दिलाया था पहला गोल्ड, तीसरे स्वर्ण पदक के लिए टोक्यो पैरालंपिक में फेकेंगे भाला

देवेंद्र झा​झड़िया पैरालंपिक से भारत के लिए दो बार स्वर्ण पदक लाने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं। एथेंस ओलंपिक 2004 से 62.15 मीटर भाला फेंककर विश्व रिकोर्ड बनाकर और पहली बार स्वर्ण पदक लाए।

टोक्यो में ओलंपिक खेलों के बाद अब पैरालंपिक खेलों की गूंज सुनाई देगी। 24 अगस्त से 5 सितंबर 2021 के बीच पैरालंपिक खेलों का आयोजन जापान की राजधानी टोक्यो में होगा। जिसमें जेवलिन थ्रो प्रतियोगिता में भारत की ओर से देवेंद्र झाझरिया भी मैदान में उतरेंगे। एथेंस व रियो के बाद अब टोक्यो में देवेंद्र की नजर अपने तीसरे ओलंपिक स्वर्ण पदक पर होगी। देवेंद्र झाझरिया वो खिलाड़ी हैं जिन्होंने 2016 में रियो पैरालंपिक में भाला फेंक प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। इससे पहले साल 2004 के ग्रीष्म पैरालंपिक में भी देवेंद्र झाझरिया गोल्ड मेडल अपने नाम कर चुके हैं। देवेंद्र झाझरिया का जन्म 10 जून 1981 को राजस्थान के चुरू जिले में हुआ था।

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देवेंद्र झाझरिया के पिता का नाम राम सिंह झाझरिया है। देवेंद्र झाझरिया का जन्म एक सामान्य बच्चे की तरह ही हुआ था। देवेंद्र के माता-पिता चाहते थे कि उनका बेटा पढ़-लिखकर बड़ा आदमी बने। लेकिन जब देवेंद्र झाझरिया 8 साल के थे तब उनके साथ एक भयानक हादसा हुआ। जब वे अपने गांव में पेड़ पर एक फल तोड़ने के लिए चढ़े इसी दौरान उनका एक हाथ बिजली के तार से छू गया। इसके बाद देवेंद्र झाझरिया की जान बचाने के लिए उनका एक हाथ काटना पड़ा। एक हाथ गंवाने के बावजूद भी देवेंद्र झाझरिया ने हार नहीं मानी। उन्हें शुरू से ही भाला फेंक का खेल पसंद था। लेकिन स्कूल में भाला नहीं था तो देवेंद्र लकड़ी का भाला बनाकर अभ्यास करने लगे। इस दौरान उन्होंने जिला स्तर टूर्नामेंट में भी हिस्सा लिया। देवेंद्र झाझरिया ने 1995 में पैराएथलेटिक्स में हिस्सा लिया। इसके बाद द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित कोच आरडी सिंह ने देवेंद्र झाझरिया को खेलते हुए देखा और फिर उन्हें इस खेल की बारिकियों से रूबरू करवाया। आरडी सिंह ने देवेंद्र का दाखिला नेहरू कॉलेज में करवाया जहां पढ़ाई के साथ-साथ भाला फेंक की प्रैक्टिक कराई गई। 

देवेंद्र झा​झड़िया ने एथेंस व रियो में बनाए दो विश्व रिकॉर्ड

देवेंद्र झा​झड़िया पैरालंपिक से भारत के लिए दो बार स्वर्ण पदक लाने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं। एथेंस ओलंपिक 2004 से 62.15 मीटर भाला फेंककर विश्व रिकोर्ड बनाकर और पहली बार स्वर्ण पदक लाए। फिर रियो ओलंपिक 2016 में खुद का एथेंस वाला रिकॉर्ड तोड़कर 63.97 के नए विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। वो पहले पैरा एथलीट हैं जिन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। 






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