US Open 2024: चोट के बावजूद कोर्ट पर उतरे Yuki Bhambri, पहले दौर में हार के बाद Asian Games पर है नजर

Yuki Bhambri
प्रतिरूप फोटो
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Ankit Jaiswal । Sep 6 2026 6:26PM

यूकी भांबरी ने चोट के कारण सीमित गतिशीलता के बावजूद अमेरिकी ओपन में अपनी चुनौती पेश की, लेकिन वह निर्णायक मौकों पर अंक बटोरने में विफल रहे। मैच के दौरान उनकी टीम ने रणनीतिक बदलाव करते हुए माइकल वीनस को बड़ा क्षेत्र कवर करने की जिम्मेदारी दी, फिर भी लगातार दो टाइब्रेकर में हार ने उनके अभियान को समाप्त कर दिया। अब भांबरी का ध्यान चोट से उबरने पर है क्योंकि उन्हें एशियाई खेलों जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों में भारत का प्रतिनिधित्व करना है।

न्यूयॉर्क में अमेरिकी ओपन के दौरान यूकी भांबरी के दाहिने पैर पर लगी पट्टी देखकर ही अंदाजा हो गया था कि भारतीय खिलाड़ी पूरी तरह फिट नहीं हैं। घुटने से ऊपर तक उनका पैर मजबूती से बांधा गया था। इसके बावजूद 34 वर्षीय भांबरी कोर्ट पर उतरे और न्यूजीलैंड के माइकल वीनस के साथ पुरुष युगल मुकाबले में चुनौती पेश की। हालांकि भारतीय-न्यूजीलैंड की जोड़ी को पहले दौर में अमेरिका के रयान सेगर्मन और पैट्रिक ट्रैक से लगातार दो सेट में हार का सामना करना पड़ा।

सेगर्मन और ट्रैक ने यह मुकाबला 7-6, 7-6 से अपने नाम किया। पहले सेट के निर्णायक खेल में उन्होंने 7-4 और दूसरे सेट के निर्णायक खेल में 7-3 से जीत दर्ज की। भांबरी और वीनस ने दोनों सेटों में कड़ा मुकाबला किया, लेकिन महत्वपूर्ण मौकों पर अमेरिकी जोड़ी के सामने बढ़त बनाए रखने में सफल नहीं हो सके।

बता दें कि भांबरी को अपनी पिछली प्रतियोगिता विंस्टन-सेलम में जांघ की मांसपेशी में खिंचाव आया था। इस चोट का असर अमेरिकी ओपन में उनकी गतिविधियों पर साफ दिखाई दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि युगल मुकाबले में भी उनके लिए कोर्ट पर तेजी से दौड़ना संभव नहीं था। खासकर छोटे शॉट या दूर जाती गेंदों तक पहुंचने के लिए तेज गति से दौड़ लगाने में उन्हें परेशानी हो रही थी।

भांबरी ने बताया कि उन्होंने माइकल वीनस से ज्यादा दौड़ने और बड़े क्षेत्र को कवर करने की जिम्मेदारी संभालने को कहा था। चोट के कारण उनकी सामान्य सर्विस पर भी थोड़ा असर पड़ा। हालांकि उन्होंने इसे बड़ा बदलाव नहीं माना और कहा कि सर्विस की गति में केवल मामूली अंतर आया था।

मौजूद जानकारी के अनुसार, मुकाबले में ऐसे मौके भी आए जहां भारतीय खिलाड़ी की टीम के पास नतीजा बदलने का अवसर था। पहले सेट के निर्णायक खेल में 4-5 के स्कोर पर और दूसरे सेट में 4-1 की स्थिति के दौरान कुछ महत्वपूर्ण अंक हाथ से निकल गए। भांबरी के मुताबिक, अगर वे उन मौकों का फायदा उठाते तो मुकाबला अलग दिशा में जा सकता था। साथ ही यह भी कहना मुश्किल था कि आगे के चरणों में पैर की चोट कितना असर डालती।

भांबरी ने यह भी स्पष्ट किया कि चोट गंभीर नहीं है। जांच और तस्वीरों से किसी हड्डी में टूट या मांसपेशी में बड़ी दरार की पुष्टि नहीं हुई है। उनके अनुसार यह केवल मांसपेशी में खिंचाव है, जिसके लिए आराम जरूरी है। ऐसे में आने वाले सप्ताह उनके लिए काफी अहम रहने वाले हैं।

गौरतलब है कि भारतीय टेनिस टीम को 18 और 19 सितंबर को सियोल में दक्षिण कोरिया के खिलाफ डेविस कप क्वालीफायर के दूसरे दौर में उतरना है। इसके ठीक एक सप्ताह बाद नागोया में एशियाई खेलों की टेनिस प्रतियोगिता शुरू हो जाएगी। इसके बाद भी नवंबर के अंत तक भांबरी का कार्यक्रम लगातार व्यस्त रहने वाला है।

भांबरी ने माना कि उन्हें अब कुछ समय के लिए रुकना पड़ेगा। लगातार दर्द के साथ खेलना और दर्द कम करने वाली दवाओं के सहारे प्रतियोगिताओं में उतरते रहना उनके लिए सही विकल्प नहीं होगा। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी ओपन के बाद कुछ दिन आराम लेकर अपनी स्थिति का आकलन करेंगे।

हालांकि डेविस कप को लेकर उन्होंने अभी अंतिम फैसला नहीं किया है, लेकिन एशियाई खेलों से हटने का उनका कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से इस प्रतियोगिता का इंतजार कर रहे हैं और इसे छोड़ना उनके लिए आसान नहीं होगा। इसी वजह से अगले कुछ दिन उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि उन्हें चोट से उबरने और लगातार सामने आ रहे बड़े मुकाबलों के बीच संतुलन बनाना होगा।

अमेरिकी ओपन में भारत की एक और पुरुष युगल जोड़ी को भी पहले दौर में हार मिली। अनिरुद्ध चंद्रशेखर और रूस के इवान लिउतारेविच को ब्रिटेन के आर्थर फेरी और जोशुआ पैरिस ने 6-4, 5-7, 6-4 से हराया। इस हार के साथ भारतीय खिलाड़ियों के लिए पुरुष युगल वर्ग में अमेरिकी ओपन अभियान की शुरुआत चुनौतीपूर्ण रही हैं।

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