विश्व तीरंदाजी के शीर्ष अधिकारी करेंगे भारत दौरा, तीरंदाजी संघ का करेगी जायजा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 20, 2019   18:04
विश्व तीरंदाजी के शीर्ष अधिकारी करेंगे भारत दौरा, तीरंदाजी संघ का करेगी जायजा

वैश्विक संस्था ने एएआई के संभावित निलंबन के भी संकेत दिए थे। बाद में राव स्वयं लुसाने में विश्व तीरंदाजी के मुख्यालय गए जहां उन्होंने संबंधित जानकारी मुहैया कराई जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय संस्था ने कहा कि एएआई मान्यता प्राप्त सदस्य है।

नयी दिल्ली। विश्व तीरंदाजी के महासचिव टाम डाइलन की अगुआई में विश्व संस्था का प्रतिनिधिमंडल अगले हफ्ते भारत का दौरा करके भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) की स्थिति का जायजा लेगा। एएआई के विवादास्पद चुनावों के बाद यह कार्रवाई की जा रही है जिन्हें अभी मान्यता नहीं दी गई है। प्रतिनिधिमंडल 25 और 26 फरवरी को नयी दिल्ली में रहेगा। वे एएआई के नव निर्वाचित पदाधिकारियों के अलावा भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) और खेल मंत्रालय के अधिकारियों से मिलेंगे। एएआई के सूत्रों के अनुसार डाइलन एएआई के नव निर्वाचित अध्यक्ष बीवीपी राव के आग्रह पर भारत आ रहे हैं। 

एएआई के एक अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर पीटीआई को बताया, ‘‘विश्व तीरंदाजी के अधिकारी 25 और 26 फरवरी को यहां आएंगे। अपनी यात्रा के दौरान वे विभिन्न पक्षों के साथ कई बैठक करेंगे और भारतीय तीरंदाजी के भविष्य से जुड़ी समस्याओं का हल निकालने का प्रयास करेंगे।’’ दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त प्रशासक और भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी मार्गदर्शन में पिछले साल 22 दिसंबर को हुए चुनाव में राव को एएआई का अध्यक्ष चुना गया था। विश्व तीरंदाजी ने शुरुआत में इस आधार पर इन चुनावों को मान्यता नहीं दी थी कि जिस संविधान के आधार पर चुनाव हुआ उसे एएआई की आम सभा ने कभी औपचारिक स्वीकृति नहीं दी। वैश्विक संस्था ने एएआई के संभावित निलंबन के भी संकेत दिए थे। बाद में राव स्वयं लुसाने में विश्व तीरंदाजी के मुख्यालय गए जहां उन्होंने संबंधित जानकारी मुहैया कराई जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय संस्था ने कहा कि एएआई मान्यता प्राप्त सदस्य है। 

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विश्व तीरंदाजी ने हालांकि अंतिम फैसला करने से पहले एएआई से आम सभा से जुड़ी अतिरिक्त सूचना मांगी। खेल मंत्रालय और आईओए ने अब तक एएआई चुनावों को मान्यता नहीं दी है। उन्होंने कुरैशी द्वारा उच्च न्यायालय को सौंपे गए संशोधित संविधान के कुछ अनुच्छेदों पर आपत्ति जताई है। उनकी आपत्ति है कि संशोधित संविधान आंशिक रूप से भारत की राष्ट्रीय खेल विकास संहिता (एनएसडीसीआई) 2011 के अनुरूप नहीं है।





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