प्रतिबंधित चीनी एप्स को भूल जायेंगे, शानदार विकल्प हैं मौजूद

Banned Chinese Apps
यूसी, सीएम, अपुस, डीयू नामक चीनी ब्राउजर्स प्रतिबंधित किये गए हैं और अगर आप इन्टरनेट इस्तेमाल करने में जरा भी दिलचस्पी लेते हैं तो आपको इनसे लाख दर्जा बेहतर गूगल क्रोम, इन्टरनेट ब्राउज़र, मोज़िला फायरफॉक्स प्रतीत होगा।

भारत के खिलाफ चीन की लगातार बदजुबानी और सीमा पर उसके दुस्साहस का भारत ने हर स्तर पर जवाब देना शुरू कर दिया है। 

सीमा पर तो भारतीय जवानों ने कुत्सित चीनी मानसिकता को सबक सिखलाया ही, साथ में आर्थिक और तकनीक के मोर्चे पर भी भारत सरकार ने 59 चाइनीज ऐप प्रतिबंधित करके चीन के नीति-निर्माताओं को आईना दिखला दिया है। कुछ ही दिनों पहले की बात है, जब सरकारी चीनी मीडिया यह कहते न थकती थी कि भारतीय चीनी उत्पादों के आदी हो चुके हैं और शोर मचाने से ज्यादा वह कुछ कर नहीं पाएंगे।

समझना मुश्किल है कि बड़े बड़े दावे करने वाले लोग अब भला डब्ल्यूटीओ की दुहाई कैसे दे रहे हैं?

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ऐसे लफ्फाजों को अब जवाब भी मिल चुका होगा और ख़ास बात यह है कि चीनी ऐप्स पर वर्तमान में लगा प्रतिबन्ध आईएसपी, अर्थात इन्टरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स के लेवल पर लगा है। मतलब साफ़ है कि अब कोई भी इन बैन किये गए ऐप का किसी स्तर पर प्रयोग नहीं कर सकेगा।

अगर आप भी इन ऐप्स का प्रयोग अब तक करते आये हैं तो यह सोचकर कतई परेशान न हों कि अब आप भला इनके बदले कौन से ऐप प्रयोग करेंगे?

सच तो यह है कि इनसे बेहतर ऐप्स आज बाज़ार में मौजूद हैं, जो चाइनीज ऐप्स से बेहतर रेस्पोंस देने में पूरी तरह से सक्षम हैं। आइये देखते हैं...

सबसे पहले बात करते हैं ब्राउजर्स की

इस केटेगरी में यूसी, सीएम, अपुस, डीयू नामक चीनी ब्राउजर्स प्रतिबंधित किये गए हैं और अगर आप इन्टरनेट इस्तेमाल करने में जरा भी दिलचस्पी लेते हैं तो आपको इनसे लाख दर्जा बेहतर गूगल क्रोम, इन्टरनेट ब्राउज़र, मोज़िला फायरफॉक्स प्रतीत होगा। यूसी इत्यादि ब्राउज़र पहले से ही स्पैमिंग और डाटा चोरी के लिए बदनाम रहे हैं तो फिर देर किस बात की। निकाल फेंकिये इनको फोन से बाहर और आजमाइए दिए गए विकल्प।

इसी प्रकार फाइल ट्रान्सफर को लेकर शेयरइट, जेंडर, वॉल्ट नामक चीनी ऐप्स बैन किये गए हैं तो इसके विकल्प के रूप में फाइल ट्रान्सफर , फाइल्स गो, गूगल, हाईड फाइल मैनेजर के विकल्प आजमायें।

क्लब फैक्ट्री, शेन, रोमवे नामक चीनी ऐप शॉपिंग के लिए जाने जाते हैं तो इसके लिए भला हम क्या बताएं, आप स्वयं ही फ्लिप्कार्ट, मिन्त्रा, स्नेपडील, अमेज़न इत्यादि को जानते हैं।

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इसी प्रकार यूकैममेकअप, ब्यूट्री प्लस, सेल्फी सिटी जैसे चाइनीज एप्स का स्नेपचैट या फिर जीकैम या ओपन कैमरा बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं तो वी सिंक, ईएस फाइल एक्स्प्लोरर का गूगल और फाइल्स गो नामक सॉफ्टवेयर बेहतर विकल्प बन सकते हैं।

कैम स्कैनर नामक चीनी ऐप भी काफी इस्तेमाल होता रहा है, किन्तु उसके विकल्प के रूप में आप माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस लेंस, एडोबी स्कैन का इस्तेमाल करें।

ऐसे ही बैदू ट्रांसलेट का गूगल ट्रांसलेट और माइक्रोसॉफ्ट ट्रांसलेट से रिप्लेसमेंट किया जा सकता है।

चीनी ऐप न्यूज में भी घुसे हुए हैं जैसे न्यूज़डॉग, यूसी इत्यादि तो इसके लिए इनशोर्ट्स से बेहतर भला और क्या हो सकता है!

वी चैट, क्यूक्यू इंटरनेशनल इत्यादि के बेहतर विकल्प के रूप में पहले से ही व्हाट्सअप, टेलीग्राम, हाइक इत्यादि मौजूद हैं।

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बैदू मैप्स से लाख गुना बेहतर गूगल मैप्स है।

वीडियो ऐप्स में ज़रूर बिगो लाइव, विवा वीडियो, वीमेट, यूवीडियो इत्यादि ऐप पॉपुलर हैं, किन्तु सच यह है कि इन्स्टाग्राम टीवी, यूट्यूब और स्नेपचैट इनसे लाख गुना बेहतर हैं।

वीडियो कॉल्स के आप्शन में गूगल डुओ पहले से मौजूद है।

कैमरा ऐप्स जिसमें मीतु, वंडर कैमरा, फोटो वंडर, स्वीट सेल्फी इत्यादि चीनी ऐप हैं, जिसके विकल्प में स्नेपचैट, जीकैम, ओपन कैमरा इत्यादि मौजूद हैं।

टिकटोक के विकल्प में चिंगारी और मितरों ऐप पहले से ही पॉपुलर हो रहे हैं तो फिर देर किस बात की?

हटाइए चीनी ऐप और इस्तेमाल करें उनके विकल्प में मौजूद दूसरे ऐप्स!

- मिथिलेश कुमार सिंह

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