Tech World में बड़ी हलचल, Adobe के CEO शांतनु नारायण का इस्तीफा, अब कौन संभालेगा कंपनी की कमान?

अडोबी के सीईओ शांतनु नारायण ने अपने ऐतिहासिक कार्यकाल के बाद पद छोड़ने का फैसला किया है, जिसमें कंपनी का राजस्व 1 अरब से 25 अरब डॉलर तक पहुंचा। नए प्रमुख की तलाश के लिए एक समिति बनाई गई है और नारायण नियुक्ति के बाद बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में कंपनी से जुड़े रहेंगे।
करीब दो दशकों तक अडोबी का नेतृत्व करने के बाद शांतनु नारायण ने पद से हटने का फैसला किया है। मौजूद जानकारी के अनुसार उन्होंने कंपनी के कर्मचारियों को भेजे गए एक संदेश में इस निर्णय की जानकारी दी है।
बताया जा रहा है कि यह बदलाव तुरंत लागू नहीं होगा। शांतनु नारायण तब तक कंपनी के प्रमुख बने रहेंगे जब तक निदेशक मंडल नए प्रमुख की नियुक्ति नहीं कर देता। उसके बाद वे कंपनी के निदेशक मंडल के अध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे और नए नेतृत्व को सहयोग देंगे।
गौरतलब है कि शांतनु नारायण ने अपने संदेश में कहा कि यह समय उनके लिए आत्ममंथन का है। उन्होंने यह भी बताया कि जिस दिन उन्होंने यह संदेश लिखा उसी दिन वे कंपनी की आय से जुड़ी अपनी सौवीं बैठक करने वाले थे, जो उनके लंबे कार्यकाल का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार कंपनी के निदेशक मंडल ने नए प्रमुख की तलाश के लिए एक विशेष समिति बनाई है। इस समिति की अगुवाई कंपनी के प्रमुख स्वतंत्र निदेशक फ्रैंक काल्डेरोनी करेंगे और संभावित उम्मीदवारों में कंपनी के भीतर तथा बाहर दोनों जगह के लोगों पर विचार किया जाएगा। बताया जा रहा है कि यह प्रक्रिया अगले कुछ महीनों में पूरी होने की संभावना है।
बता दें कि शांतनु नारायण का कार्यकाल अडोबी के इतिहास में सबसे बड़े बदलावों के दौर के रूप में देखा जाता है। जब उन्होंने दो हजार सात में कंपनी की कमान संभाली थी तब कंपनी में करीब तीन हजार कर्मचारी थे और वार्षिक आय एक अरब डॉलर से भी कम थी।
उन्होंने कंपनी की पारंपरिक सॉफ्टवेयर बिक्री व्यवस्था को बदलते हुए सदस्यता आधारित मॉडल की ओर मोड़ा। इसी रणनीति के तहत कंपनी ने क्रिएटिव क्लाउड जैसी सेवाएं शुरू कीं, जिसने अडोबी को दुनिया की बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा कंपनियों में शामिल कर दिया है।
आज कंपनी में तीस हजार से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं और वार्षिक आय पच्चीस अरब डॉलर से ज्यादा बताई जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार उनके नेतृत्व में कंपनी के शेयर मूल्य में भी कई गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
हालांकि उनके कार्यकाल में कुछ चुनौतियां भी सामने आईं। गौरतलब है कि डिजाइन उपकरण बनाने वाली एक कंपनी को खरीदने के लिए अडोबी ने लगभग बीस अरब डॉलर का प्रस्ताव रखा था, लेकिन नियामक संस्थाओं की आपत्तियों के कारण यह सौदा पूरा नहीं हो सका और कंपनी को बड़ा जुर्माना भी चुकाना पड़ा।
मौजूद जानकारी के अनुसार हाल के महीनों में कंपनी के शेयरों पर भी दबाव देखा गया है। निवेशकों के बीच यह चिंता बनी हुई है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक के तेजी से बढ़ते प्रभाव से सॉफ्टवेयर उद्योग में प्रतिस्पर्धा और बढ़ सकती है।
इसके बावजूद कंपनी के हालिया तिमाही नतीजे मजबूत बताए जा रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कंपनी की आय और मुनाफा दोनों ही बाजार के अनुमान से बेहतर रहे हैं। विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उत्पादों से होने वाली आय में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बताया जा रहा है कि कंपनी की विभिन्न सेवाओं का इस्तेमाल अब हर महीने लगभग पचासी करोड़ से ज्यादा लोग कर रहे हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय बढ़त मानी जा रही है।
अपने संदेश में शांतनु नारायण ने कर्मचारियों से कहा कि रचनात्मकता का नया दौर तेजी से विकसित हो रहा है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता इसमें बड़ी भूमिका निभाने वाली है। उनका कहना है कि कंपनी इस बदलाव का नेतृत्व करने की स्थिति में है और भविष्य को लेकर वे बेहद आशावान हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी की असली ताकत उसके कर्मचारी हैं और वही आने वाले समय में अडोबी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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