Parasnath Mountain: मानसून में अपने चरम पर होती है पारसनाथ पहाड़ी की खूबसूरती, प्रकृति प्रेमियों के लिए है जन्नत

Parasnath Mountain
Creative Commons licenses/Wikimedia Commons

झारखंड में शिव नगरी के नाम से देवघर फेमस है। इसके अलावा राज्य की पारसनाथ पहाड़ी भी ऐसी जगह है, जो काफी खूबसूरत और धार्मिक महत्व वाली है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको पारसनाथ पहाड़ी की खासियत के बारे में बताने जा रहे हैं।

भारत के पूर्वी हिस्से में स्थित झारखंड देश का खूबसूरत और शानदार राज्य है। साल 2008 में इस राज्य का गठन हुआ था। यह देश का एक ऐसा राज्य है, जिसको जंगलों का घर माना जाता है। यह राज्य चित्रकला, परंपराओं, जनजातीय संस्कृति और अलग-अलग त्योहारों के लिए फेमस है। झारखंड में ऐसी कई शानदार और बेहतरीन जगहें हैं, जहां हर महीने हजारों की संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक घूमने के लिए पहुंचते हैं।

झारखंड में शिव नगरी के नाम से देवघर फेमस है। इसके अलावा राज्य की पारसनाथ पहाड़ी भी ऐसी जगह है, जो काफी खूबसूरत और धार्मिक महत्व वाली है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको पारसनाथ पहाड़ी की खासियत के बारे में बताने जा रहे हैं। साथ ही इसके आसपास मौजूद कुछ शानदार जगहों के बारे में भी जानेंगे।

इसे भी पढ़ें: Holi 2025: भारत में होली का जश्न मनाने के लिए बेहतरीन जगहें, जानें यात्रा की पूरी गाइड

पारसनाथ पहाड़ी

पारसनाथ पहाड़ी झारखंड के गिरिडीह जिले के मधुबन में स्थित है। यह झारखंड के सबसे प्रमुख स्थानों में से एक है।

गिरिडीह जिला धार्मिक और ऐतिहासिक होने के साथ बेहद खूबसूरत है। यह पहाड़ी झारखंड की राजधानी रांची से 164 किमी दूर है। पारसनाथ पहाड़ी धनबाद से करीब 82 किमी दूर और बोकारो से करीब 86 किमी दूर स्थित है।

धार्मिक महत्व

पारसनाथ पहाड़ी अपने धार्मिक महत्व के लिए भी फेमस है। बताया जाता है कि इस पहाड़ी का रिश्ता जैन तीर्थंकरों से जुड़ा हुआ है। धार्मिक मान्यता है कि यह पहाड़ी जैन धर्मावलम्बियों के लिए विश्व में फेमस तीर्थ स्थल है। इस पहाड़ी का नाम 23वें जैन तीर्थंकर पार्श्वनाथ के नाम पर रखा गया है।

इस पहाड़ी को लेकर मान्यता है कि कई साधु संतों सहित कई जैन तीर्थकरों ने मोक्ष प्राप्त किया था। लोगों का मानना है कि इस पहाड़ी पर 24 जैन तीर्थकरों ने मोक्ष प्राप्त किया था। इसलिए हर महीने हजारों की संख्या में जैन भक्त दर्शन के लिए आते हैं।

इस पहाड़ी की खासियत

बता दें कि इस पहाड़ी को गिरिडीह जिले में स्थित पहाड़ियों की एक श्रृंखला है। पारसनाथ शहर का सबसे ऊंचा पहाड़ माना जाता है। इसकी ऊंचाई समुद्र तल से करीब 1 हजार मीर से ज्यादा है। बताया जाता है कि इस शिखर की ऊंचाई तक पहुंचने के लिए करीब 8-10 किमी पैदल चलना पड़ता है। लेकिन यह बहुत कठिन और दुर्गम स्थान है।

इस पहाड़ी के आखिरी बिंदु तक पहुंचने के लिए पालकी का भी सहारा लेते हैं। क्योंकि खड़ी और सीधी ढाल के जरिए पारसनाथ पहाड़ी चढ़ना कई लोगों के लिए बिल्कुल भी आसान नहीं होता है।

क्यों खास है पारसनाथ पहाड़ी

पारसनाथ पहाड़ी सिर्फ धार्मिक वजह से नहीं बल्कि अपनी खूबसूरती के लिए भी जाना जाता है। इस पहाड़ी को प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग के समान माना जाता है। इस पहाड़ी की ऊंचाई से आपको अपने चारों ओर हरियाली ही हरियाली दिखाई देती है।

यह जगह एडवेंचर के लिए भी काफी फेमस है। ऐसे में जो लोग घुमक्कड़ ट्रैकिंग और हाईकिंग करना पसंद करते हैं, वो यहां जरूर पहुंचते हैं। कई लोग यहां पर ट्रैकिंग और फोटोग्राफी करना भी पसंद करते हैं। मानसून के दौरान पारसनाथ पहाड़ी की खूबसूरती अपने चरम पर होती है।

आसपास घूमने की जगहें

पारसनाथ पहाड़ी के आसपास घूमने के लिए कई शानदार जगहें मौजूद हैं। आप यहां पर खंडोली बांध, उसरी फॉल और राजदह धाम को एक्सप्लोर कर सकते हैं। इसके अलावा दुखीय महादेव मंदिर, हरिहर धाम और श्री कबीर ज्ञान मंदिर जैसे धार्मिक जगहों को भी एक्सप्लोर किया जा सकता है।

We're now on WhatsApp. Click to join.
All the updates here:

अन्य न्यूज़