हरिद्वार और ऋषिकेश यात्रा का प्लान बना रहे हैं तो इन जगहों पर घूमना न भूलें

हरिद्वार और ऋषिकेश यात्रा का प्लान बना रहे हैं तो इन जगहों पर घूमना न भूलें

हरिद्वार देश के सात प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। माना जाता है कि गंगा में डुबकी लगाने से सारे पाप धुल जाते हैं, यही कारण है कि दूर-दूर से लोग यहां आते हैं। हरिद्वार से 25 किमी दूर ऋषिकेश भी है। ऋषिकेश को ‘योग कैपिटल ऑफ़ द वर्ल्ड’ के रूप में जाना जाता है।

हवा में घुली पवित्रता, चारों ओर आरती और मंत्रों की आवाज़ और घाट-घाट पर गंगा का पानी... अगर आप भी कुछ ऐसा अनुभव करना चाहते हैं तो हरिद्वार जाने का प्लान ज़रूर बनाएं। हरिद्वार देश के सात प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। माना जाता है कि गंगा में डुबकी लगाने से सारे पाप धुल जाते हैं, यही कारण है कि दूर-दूर से लोग यहां आते हैं। यहां घूमने के लिए बहुत से मंदिर और ऋषि-मुनियों के आश्रम हैं। प्राचीन मान्यता के अनुसार ये उन चार जगहों में से एक है जहां समुद्र मंथन के दौरान अमृत की बूँदे गिरी थी इसीलिए यहां हर 12 साल में महाकुंभ का आयोजन किया जाता है। हरिद्वार की गंगा आरती बहुत प्रसिद्ध है और दुनिया भर से लोग इस आरती में शामिल होते हैं। हरिद्वार से 25 किमी दूर ऋषिकेश भी है। प्राचीन समय में ऋषियों और मुनियों ने यहां पर ध्यान, योग और प्रार्थना किया था जिसकी वजह से इस जगह को पवित्र माना जाता है। ऋषिकेश में हिमालय की चोटियाँ बहुत ही खूबसूरत नज़र आती है। इसके साथ ही ऋषिकेश को देवभूमि का प्रवेश द्वार भी कहते हैं। ऋषिकेश को ‘योग कैपिटल ऑफ़ द वर्ल्ड’ के रूप में जाना जाता है। ऋषिकेश तीन जिलों से घिरा हुआ है टेहरी गढ़वाल, पौरी गढ़वाल और हरिद्वार। आज के इस लेख में हम आपको हरिद्वार और ऋषिकेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में बताने जा रहे हैं। अगर आप अपनी रोज़ की भाग-दौड़ भरी ज़िन्दगी से दूर, कहीं सुकून पाना चाहते हैं तो हरिद्वार और ऋषिकेश की यात्रा का प्लान बना सकते हैं-

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हरिद्वार में घूमने की जगहें 

हर की पौड़ी

हर की पौड़ी हरिद्वार की प्रमुख जगहों में से एक है। हर की पौड़ी का अर्थ है - प्रभु के पैर। ऐसा माना जाता है कि यहां भगवान विष्णु प्रकट हुए थे और हरि की पौड़ी पर एक पत्थर पर भगवान के पदचिन्ह भी हैं। इस घाट से गंगा पहाड़ों को छोड़ मैदान की तरफ मुड़ती है। इस घाट पर श्रद्धालुओं की सबसे ज़्यादा भीड़ होती है। प्रतिदिन गंगा आरती का आयोजन भी इसी घाट पर होता है।

मनसा देवी मंदिर

हरिद्वार से 3 किलोमीटर की दूरी पर बिलवा पर्वत पर स्थित यह मंदिर आस्था का एक प्रमुख स्थल है। मनसा देवी को पार्वती का ही एक रूप कहा गया है। माना जाता है कि मनसा देवी मंदिर में मांगी गई मन्नत ज़रूर पूरी होती है इसलिए दूर-दूर से श्रद्धालु यहां आते हैं। हरिद्वार से यहां तक चल कर आया जा सकता है या रोपवे के जरिए भी पहुंचा जा सकता है।

पारद शिवलिंग

हरिद्वार से 2 किलोमीटर दूर स्थित कनखल का पारद शिवलिंग हरिहर आश्रम बहुत प्रसिद्ध है। यहाँ शुद्ध पारे से बने १५१ किलो के शिवलिंग की स्थापना की गई है। यहां हर साल लाखों भक्त आते हैं। यहाँ एक रूद्राक्ष का पेड़ भी है जो श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र है।

सप्तऋषि आश्रम

यह आश्रम सात ऋषियों के नाम पर बनाया गया है। माना जाता है कि यहां सात ऋषि बैठकर पूजा करते थे इसलिए इसे सप्तऋषि कुंड भी कहा जाता है। इस आश्राम के परिषर में कई मंदिर भी बने हुए हैं।

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वैष्णो माता मंदिर

इस मंदिर का निर्माण 10 साल पहले हुआ था लेकिन यह हरिद्वार के सबसे प्रमुख मंदिरों में से एक है। यह मंदिर कटरा में बने वैष्णो माता के मंदिर का रेप्लिका है। इस मंदिर में भी वैष्णो देवी की तरह गुफाएं बनाई गई हैं।

भारत माता मंदिर

भारत माता मंदिर को मदर इंडिया मंदिर भी कहा जाता है। यह मंदिर भारत माता को समर्पित है और यह देश का इकलौता ऐसा मंदिर है जहाँ भारत माता की मूर्ती की पूजा होती है। इस मंदिर का निर्माण 1983 में स्वामी सत्यमित्रानंद द्वारा किया गया था और इसका उद्घाटन इंदिरा गाँधी ने किया था। यह मंदिर 108 फीट ऊंचा है और इसमें  कुल 8 मंजिलें हैें। हर एक मंजिल में अलग अलग देवी-देवताों और स्वतंत्रता संग्रामियों की मूर्ती व फोटो हैं।

विष्णु घाट

हरिद्वार के सबसे प्रसिद्ध घाटों में से एक विष्णु घाट है। ऐसा माना जाता है की यहां भगवान विष्णु ने स्नान किया था और यहां स्नान करने से सभी पाप मिट जाते हैं, इसी वजह से यहां श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ देखने को मिलती है।

ऋषिकेश में घूमने की जगहें 

लक्ष्मण झूला

ऋषिकेश में सबसे प्रसिद्ध लक्ष्मण झूला माना जाता है जो टिहरी गढ़वाल जिले के तपोवन और पौड़ी गढ़वाल जिले के जोंक को जोड़ता है। ऋषिकेश से लक्ष्मण झूला 5 किलोमीटर दूर है , लक्ष्मण झूला पूरा लोहे से बना हुआ है ये 450 फीट लंबा है और गंगा नदी से 70 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। ऋषिकेश का लक्ष्मण झूला सबसे ज्यादा प्रशिद्ध है। माना जाता है कि भगवान राम के छोटे भाई भगवान लक्ष्मण ने इसी स्थान पर गंगा नदी को पार किया था,जहां अब पुल पर्यटकों को देखने के लिए बनाया गया है। लक्ष्मण झूला का निर्माण 1929 में किया गया था। लक्ष्मण झूले के साथ-साथ तेरह मंजिला मंदिर, लक्ष्मण मंदिर और राम झूला आदि शामिल हैं जो बेहद फेमस है।

त्रिवेणी घाट

ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट में गंगा का संगम का स्थान है। इन नदियों को हिंदू धर्म में सबसे पवित्र नदी माना जाता है। त्रिवेणी घाट किनारे पवित्र जल में डुबकी लगाने से लोग अपने आपको शुद्ध मानते है ,सभी पापों, चिंताओं और भय से मुक्ति मिल जाती है। त्रिवेणी घाट गंगा नदी के किनारे एक भीड़-भाड़ वाली जगह है।

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वशिष्ठ गुफा

वशिष्ठ गुफा का पुराणिक सत्य ये है कि इस गुफा में ब्रह्मा के मानव पुत्र के कामना की थी। कथाओं के अनुसार बढ़ते हुए पापों के चलते उन्होंने आत्महत्या करने का फैसला किया, लेकिन गंगा ने उनके प्यार को देखकर उन्हें मरने नहीं दिया इसलिए ऋषि ने गुफा में अपना जीवन बिताने का फैसला किया। गुफा में एक शिवलिंग है और इसे पुरुषोत्तमानंद सोसाइटी का नाम दिया गया था इस पुरानी गुफा को देखने के लिए काफी संख्या में लोग यहां जुटते हैं।

राफ्टिंग

अगर आपको एडवेंचर पसंद है और कुछ हटके करना चाहते है तो ऋषिकेश में राफ्टिंग करना न भूले ऋषिकेश में राफ्टिंग का लुफ्त उठाने लाखों की संख्या में लोग आते हैं। यहां कुछ सर्टिफाइड ऑपरेटर हैं, जो राफ्टिंग के लिए अच्छी सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराते हैं। ऋषिकेश में कैंपिंग और राफ्टिंग के लिए पैकेज भी बुक किये जाते हैं।

- प्रिया मिश्रा