North East: कम बजट में विदेश जैसा अनुभव, Tawang से Shillong तक ये जगहें हैं जन्नत

नॉर्थ ईस्ट इंडिया एक ऐसा खजाना है, जहां के हर एक कोने में आपको प्रकृति मुस्कुराती हुई मिलेगी। यहां की हर घाटी में शांति बसती है। पूर्वोत्तर भारत की कुछ जगहों के दृश्य किसी विदेशी नजारों से कम नहीं लगते हैं। आपको यहां पर स्कॉटलैंड, स्विटजरलैंड और कनाडा का अनुभव मिल सकता है।
जब भी भारत की अनछुई खूबसूरती की बात होती है, तो अधिकतर लोग नॉर्थ ईस्ट इंडिया एक ऐसा क्षेत्र है, जो हर ट्रैवलर की बकेट लिस्ट में होना चाहिए। झरने, पहाड़, जनजातीय संस्कृति, घाटियां और शांति यहां पर आपको सबकुछ एक साथ मिलता है। नॉर्थ ईस्ट इंडिया एक ऐसा खजाना है, जहां के हर एक कोने में आपको प्रकृति मुस्कुराती हुई मिलेगी। यहां की हर घाटी में शांति बसती है। पूर्वोत्तर भारत की कुछ जगहों के दृश्य किसी विदेशी नजारों से कम नहीं लगते हैं। आपको यहां पर स्कॉटलैंड, स्विटजरलैंड और कनाडा का अनुभव मिल सकता है।
ऐसे में अगर आप विदेश यात्रा पर नहीं जा सकते हैं, तो आप पूर्वोत्तर भारत की उन जगहों की सैर कर सकते हैं, जहां का नजारा जन्नत से कम नहीं लगता है। ऐसे में आपको भी भीड़ से दूर एक सुकूनभरी जगह की तलाश में नॉर्थ ईस्ट के इन पर्यटन स्थलों की सैर पर जा सकते हैं।
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शिलॉन्ग
पूर्वोत्तर भारत के सबसे फेमस और लोकप्रिय हिल स्टेशनों में मेघालय का शिलॉन्ग है। शिलॉन्ग को पूरब का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। यह जगह प्राकृतिक सुंदरता से घिरी है। यहां की हरी-भरी पहाड़ियां और झरने शहर की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। शिलॉन्ग में आप एलीफेंट फॉल्स, शिलांग पीक और उमियाम लेक एक्सप्लोर कर सकते हैं। यहां घूमने का सबसे अच्छा समय मार्च से जून का महीना है।
चेरापूंजी
दुनिया की सबसे ज्यादा बारिश मेघालय के चेरापूंजी में होती है। यह जगह अपने लिविंग रूट ब्रिज और मोसमराम गांव के लिए भी फेमस है। चेरापूंजी के दृश्य बेहद मनमोहक होते हैं। यहां पर भीड़भाड़ कम और शांत व सुकून भरा माहौल रहता है। चेरापूंजी के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में एशिया का सबसे साफ गांव मावलिननॉन्ग और नोहकलिकाई फॉल्स शामिल है।
तवांग
अरुणाचल प्रदेश के तवांग में आपको बौद्ध संस्कृति और ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों का मिलन देखने को मिलता है। तवांग का नजारा स्विटजरलैंड जैसा है। यहां स्थित तवांग मठ भारत का सबसे बड़ा बौद्ध मठ है। तवांग में आप पर्वत, स्नोफॉल और शांत वातावरण के संगम को देख सकते हैं। तवांग यात्रा पर जाने के बाद आपको माधुरी झील, सेला पास और गोरिचेन पीक जरूर एक्सप्लोर करना चाहिए।
गंगटोक
सिक्किम की राजधानी गंगटोक एडवेंचर एक्टिविटी के लिए फेमस है। गंगटोक को एडवेंचर्स एक्टिविटी का हब माना जाता है। अगर आपको पैराग्लाइडिंग, ट्रैकिंग और याक राइडिंग करना चाहते हैं, तो आपको गंगटोक यात्रा पर जरूर जाएं। गंगटोक आने के बाद आपको त्सोंगमो लेक, रुमटेक मठ और नाथुला पास जरूर घूमने जाएं। गंगटोक घूमने के लिए बेस्ट समय मार्च से मई और सर्दियों में अक्तूबर से दिसंबर का महीना है।
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