10 मंजिल गहरी टनल का निर्माण कर रहा है दिल्ली मेट्रो, भूमिगत कॉरिडोर के जरिए सारा ट्रैफिक अंदर से ही हो जाएगा पास, मेरठ तक होगा जाम मुक्त रूट

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इस भूमिगत हिस्से के निर्माण के लिए सुरंग को 4 टीबीएम मशीनों की सहायता से खोदा जाएगा। दो टीबीएम से आनंद विहार बस अड्डे से साहिबाबाद बीईएल तक सुरंग खोदी जाएगी। एक मशीन आ चुकी है बाकी की 3 अगले महीने तक आ जाएंगी।

आनंद विहार बस अड्डा परिसर पर पहली टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) आ गई है। इसके जरिए दिल्ली मेरठ रैपिड रेल परियोजना के भूमिगत निर्माण में तेजी लाई जाएगी। इस मशीन के आकार में बड़े होने के कारण इसे अलग-अलग हिस्सों में लाया गया है। मशीन के हिस्सों को जोड़ा जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के अधिकारियों की माने तो आनंद विहार से साहिबाबाद की ओर भूमिगत कॉरिडोर के लिए सुरंग खोदने का काम अगले महीने से चालू कर दिया जाएगा।

10 मंजिल गहरी सुरंग

न्यू अशोक नगर से आनंद विहार बस अड्डा होते हुए साहिबाबाद बीईएल तक यह भूमि कॉरिडोर बनना है। इस भूमिगत कॉरिडोर की लंबाई 5.60 किलोमीटर तक है। इसका भूमिगत स्टेशन आनंद विहार बस अड्डा परिसर में बनेगा। ये हिस्सा जमीन के 20 मीटर अंदर बनेगा। इस गहराई को समझा जाए तो खुदाई के बाद लगभग 10 मंजिला इमारत खड़ी हो सकती है। भूमिगत इस हिस्से की चौड़ाई लगभग 6.50 होगी। इस मशीन को उतारने के लिए जमीन के नीचे कंक्रीट का रास्ता व सुरक्षा दीवार बनाई जा चुकी है।

लगेंगी चार टीबीएम मशीनें

इस भूमिगत हिस्से के निर्माण के लिए सुरंग को 4 टीबीएम मशीनों की सहायता से खोदा जाएगा। दो टीबीएम से आनंद विहार बस अड्डे से साहिबाबाद बीईएल तक सुरंग खोदी जाएगी। एक मशीन आ चुकी है बाकी की 3 अगले महीने तक आ जाएंगी। भूमिगत इस हिस्से में हवा के संचार के लिए एक एयर वेंटीलेशन का निर्माण भी हो रहा है।

भूमिगत कॉरिडोर

इस कॉरिडोर की गहराई 20 मीटर होगी।

कॉरिडोर की लंबाई 5.60 किमी होगी।

इसे बनाने में 1126 करोड़ की लागत आएगी।

रैपिड रेल की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।

एनसीईआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि दिल्ली में रैपिड रोल परियोजना के एलिवेटेड सेक्शन के साथ-साथ भूमिगत हिस्से का निर्माण कार्य अगले चरण में प्रवेश कर गया है। सुरंग की खुदाई का काम भी जल्द से जल्द शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा परियोजना में तेजी लाने में सभी सरकारी एजेंसियों का सहयोग मिल रहा है। एनसीईआरटीसी द्वारा सभी निर्माण गतिविधियों में कोविड-19 के नियमों का अनुपालन भी किया जा रहा है।

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